द्रव्यवती नदी में आ रहे सीवरेज रोकने की जेडीए की बड़ी तैयारी, 15 करोड़ रुपए की योजना पर काम किया शुरू, देखिए खास रिपोर्ट

जयपुरः राजधानी की द्रव्यवती नदी में प्रदूषण के प्रमुख कारण को खत्म करने की जेडीए ने कवायद शुरू कर दी है. पहले दो बार योजना विफल होने के बाद जेडीए ने नई योजना पर काम शुरू कर दिया है. आखिर क्या है यह योजना और किस तरह द्रव्यवती नदी में प्रदूषण को रोका जाएगा. 

पिछली भाजपा सरकार के समय 10 अप्रेल 2016 तक को द्रव्यवती नदी परियोजना का काम शुरू किया गया था. करीब 1676 करोड़ रुपए लागत के इस काम की जिम्मेदारी टाटा प्रोजेक्ट लिमिटेड व शंघाई अरबन कंस्ट्रक्शन ग्रुप के कंसोर्टियम को दी गई. इस परियोजना के तहत नाहरगढ़ की पहाड़ियों से लेकर ढूंढ नदी तक 47 किलोमीटर लंबाई में बहने वाली द्रव्यवती नदी के अधिकतर हिस्से का कायाकल्प किया गया. परियोजना का प्रमुख उद्देश्य नदी का बहाव क्षेत्र संरक्षित करना और इसमें स्वच्छ पानी का बहाव सुनिश्चित करना था. लेकिन इस परियोजना के बावजूद अब तक द्रव्यवती नदी का पानी पूरी तरह प्रदूषण मुक्त नहीं हो पाया है. रंगाई-छपाई की इकाइयों से आने वाले केमिकल युक्त जहरीले पानी के अलावा द्रव्यवती नदी में प्रदूषण का दूसरा सबसे बड़ा कारण सुशीलपुरा पुलिया पर नदी में सीधे सीवरेज का गिरना है. तीन साल पहले पिछली कांग्रेस सरकार के समय हसनपुरा व आस-पास के इलाके के सीवरेज को सीधे नदी में छोड़ा गया था. आपको सबसे पहले बताते हैं कि इस सीवरेज को रोकने के लिए जेडीए ने किस योजना पर काम किया है शुरू-   

राजधानी की द्रव्यवती नदी को लेकर बड़ी खबर
नदी में आ रहे सीवरेज रोकने के लिए काम किया शुरू
सुशीलपुरा पुलिया पर नदी में डाला जा रहा है सीवरेज
जेडीए ने इस सीवरेज को रोकने के लिए काम किया शुरू
15 करोड़ रुपए की योजना पर काम किया शुरू
सीवरेज को यहां से ले जाया जाएगा तरु छाया नगर
इसके लिए जेडीए नदी के किनारे डालेगा 40 इंच चौड़ी पाइप लाइन
तरूछाया नगर स्थित STP में इस सीवरेज का होगा परिशोधन
प्रमुख तौर पर सुशीलपुरा पुलिया पर ही नदी में डल रहा है सीवरेज
पहले जेडीए की योजना पुलिया के पास ही STPनिर्मित करने की थी
इसके लिए जेडीए ने दो बार अलग-अलग दो जमीनें की चिन्हित
लेकिन भूमि को लेकर विवाद के चलते यह योजना नहीं ले सकी मूर्त रूप
ऐसे में जेडीए ने अन्य स्थान पर सीवरेज को परिशोधित करने की बनाई योजना
सुशीलपुरा पुलिया पर आ रहा है 5-7 MLD(मिलियन लीटर डेली) सीवरेज
पहले जेडीए पुलिया के पास ही लगा रहा था इतनी क्षमता का STP
लेकिन अब जब सीवरेज को यहां से किया जा रहा है डायवर्ट
यहां से तरूछाया नगर की तरफ किया जा रहा है डायवर्ट
इसके लिए जेडीए ने करीब 5 किमी लंबी पाइप लाइन डालने का काम किया शुरू
वहां परियोजना के तहत क्रियाशील है 100 MLDक्षमता का STP
इस STP पर आ रहा है 100 MLDसे कम सीवरेज
इसी के चलते इस STP पर सीवरेज डाइवर्ट करने की बनाई योजना
भविष्य में इस STP की क्षमता को बढ़ाया जाना भी होगा संभव