VIDEO: 23 माह बाद महेन्द्र जीत मालवीय की घर वापसी, लिखित में कांग्रेस में फिर से शामिल होने का दिया आवेदन, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर: कांग्रेस छोड़कर भाजपा में गए वागड़ के नेता महेंद्र जीत सिंह मालवीय की जल्द घर वापसी होने वाली है. मालवीय ने आज जयपुर में रंधावा,डोटासरा औऱ जूली से इसको लेकर मुलाकात की. मुलाकात के दौरान मालवीय ने कांग्रेस नेताओं को कहा कि वो भाजपा से इस्तीफा दे चुके है. साथ ही मालवीय ने लिखित में कांग्रेस में शामिल होने का आवेदन भी कर दिया है.

निकाय और पंचायत चुनाव की जंग से पहले वागड़ अंचल की सियासत का मिजाज बदल सकता है. क्योंकि नेता प्रतिपक्ष नहीं बनाने से खफा होकर कांग्रेस को अलविदा कहने वाले महेन्द्रजीत सिंह मालवीय की जल्द घर वापसी होने जा रही है. मालवीय के कांग्रेस में शामिल होने की खबर तब सामने आई जब उन्होंने कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में अचानक प्रदेश प्रभारी रंधावा,गोविंद डोटासरा औऱ टीकाराम जूली से एक साथ मुलाकात की. मुलाकात की अटकलें तब सच में तब्दील हो गई जब फर्स्ट इंडिया से एक्सक्लूसिव बातचीत में खुद मालवीय ने सब कुछ स्वीकार किया. मालवीय ने साफ कहा कि हां, मेरी इन सब नेताओं से मुलाकात हो चुकी है और बैठक में घर वापसी जैसे अन्य बातें भी हो चुकी है. जल्द ही मैं अपने समर्थकों के साथ कांग्रेस पार्टी का फिर से दामन थामूंगा.

मालवीय का बयान आने के बाद प्रभारी रंधावा और गोविंद सिंह डोटासरा ने भी मुलाकात पर मुहर लगा दी. दोनों ने कहा कि मालवीय हमसे मिले थे. उन्होंने कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में जाने की अपनी गलती स्वीकार कर ली है. साथ ही मालवीय ने हमसे कहा कि मैं भाजपा से इस्तीफा दे चुका हूं. क्योंकि भाजपा वागड़ अंचल और आदिवासियों का कभी भला नहीं कर सकती. डोटासरा ने कहा कि अब हम पार्टी की एक जो प्रक्रिया होती है उसके तहत इनके शामिल होने के आए लिखित आवेदन को अनुशासन कमेटी को भेजेंगे. फिर मंजूरी के लिए प्रस्ताव हाईकमान को भेजेंगे.

आपको बता दे कि मालवीय ने करीब 23 माह पहले फरवरी 2024 में कांग्रेस के पंजे को छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया था. विधायकी से इस्तीफा देकर मालवीय बीजेपी में शामिल हुए थे. फिर बीजेपी से वो लोकसभा का चुनाव भी हार गए थे. आपको बता दे कि करीब 40 साल मालवीय कांग्रेस में रहे. कांग्रेस से कईं बार विधायक,मंत्री,सांसद और जिला प्रमुख जैसे पदों पर भी रहे. अब जल्द अनुशासन कमेटी और हाईकमान की मंजूरी के बाद मालवीय की वापसी की महज एक औपचारिकता बची है. कुल मिलाकर यकीनन निकाय-पंचायत चुनाव से पहले और बीएपी के बढते जनाधार के बीच मालवीय की वापसी कांग्रेस के लिए सियासी तौर पर फायदेमंद ही साबित होगी.