जयपुरः राजधानी में टोंक रोड लक्ष्मी मंदिर के पास स्थित इमारत द ग्रेंड वॉक की छत पर बनाया गया रेस्टोरेंट "बॉस हाइपर लांज" ही अवैध नहीं बल्कि इस इमारत की ऊपरी पांच मंजिलों का निर्माण भी अवैध रूप से किया गया है. टोंक रोड पर दुग्गड़ गार्डन स्थित ग्राम रामपुरारूपा के खसरा नं 307 पर 66 सौ वर्गगज भूमि पर द ग्रेड वॉक के नाम से नौ मंजिला इमारत का निर्माण किया गया है. यह इमारत हाल ही में चर्चा में तब आई जब जेडीए ने इसकी छत पर अवैध रूप से लोहे के स्ट्रक्चर से निर्मित रेस्टोरेंट "बॉस हाइपर लांज" में गत 8 अप्रेल को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की. फर्स्ट इंडिया न्यूज की ओर से पूरे मामले की पड़ताल की गई, इस पड़ताल में सामने आया कि महज इस रेस्टोरेंट का ही अवैध निर्माण नहीं किया गया है, बल्कि इसकी ऊपरी की पांच मंजिलें भी अवैध हैं. लेकिन शिकायतें मिलने के बाद जेडीए के जिम्मेदार अधिकारियों की "नजर" अब तक छत पर अवैध बने दो मंजिला रेस्टोरेंट पर ही पड़ी है. इस रेस्टोरेंट के ध्वस्तीकरण की जेडीए की कार्रवाई फिलहाल अधूरी है. आपको सबसे पहले बताते हैं कि अवैध रूप से निर्मित रेस्टोरेंट "बॉस हाइपर लांज" के खिलाफ जेडीए की कार्रवाई आखिर अधूरी क्यों हैं--
-कई शिकायतें मिलने के बाद जेडीए ने इस अवैध रेस्टोंरेंट को ध्वस्त करने की कार्रवाई 8 अप्रेल को शुरू की थी
-इसके खिलाफ बिल्डर फर्म जेडीए अपीलीय अधिकरण में चली गई
-जेडीए अपीलीय अधिकरण ने 13 अप्रेल को जेडीए की कार्रवाई पर रोक लगा दी
-अधिकरण ने अपने इस आदेश में कहा कि बिल्डर फर्म "आगामी 15 दिन में अपना पूरा पक्ष जेडीए को प्रस्तुत करे"
-"बिल्डर फर्म की ओर से दिए गए जवाब पर जेडीए अविलंब निर्णय पारित करेगा"
-इस आदेश की पालना में बिल्डर फर्म की ओर से जवाब दिया गया
-जेडीए ने बिल्डर फर्म के जवाब को असंतोषजनक माना और 8 मई को रवि माथुर बहैसियतअधिकृत हस्तारक्षकर्ता सर्वोत्तम बिल्डहोम को विधिक नोटिस दे दिया
-हांलाकि जेडीए अपीलीय अधिकरण की ओर से दिया गया 15 दिन का समय 28 अप्रेल को ही पूरा हो गया था
-अगर बिल्डर फर्म की ओर से 28 अप्रेल को भी जवाब दिया गया हो
-तो भी जवाब का परीक्षण कर विधिक नोटिस देने में जेडीए ने दस दिन लगा दिए
-इस पर जेडीए के जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं
-इस विधिक नोटिस पर मामला फिर से जेडीए अपीलीय अधिकरण में चला गया
-अधिकरण ने विधिक नोटिस की क्रियान्विति पर 21 मई तक रोक लगा दी है
-इस सारे घटनाक्रम के बीच रेस्टोरेंट बॉस हाइपर लांज का संचालन बदस्तूर जारी है
इस नौ मंजिला मंजिला इमारत द ग्रेंड वॉक की ऊपर की पांच मंजिलें तकनीकी तौर पर अवैध रूप से निर्मित की गई हैं. जेडीए की ओर से इन ऊपरी मंजिलों के निर्माण की कोई विधिवत स्वीकृति नहीं हैं. आपको बताते हैं कि आखिर किस तरह इस इमारत की ऊपर की पांच मंजिलें अवैध हैं-
-इस मामले में जेडीए की ओर से 25 फरवरी 2016 को बेसमेंट प्रथम, बेसमेंट द्वितीय,लोअर ग्राउण्ड,अपर ग्राउण्ड और ऊपरी दो मंजिला के अनुमोदित नक्शे जारी किए गए
-23 अगस्त 2017 को यह प्रोजेक्ट बिल्डर फर्म सेंड ड्यून कंस्ट्रक्शन्स (SDC)की ओर से द ग्रेंड वॉक के नाम से राजस्थान रेरा में रजिस्टर्ड भी करा लिया गया
-लेकिन बाद में बिल्डर फर्म के आवेदन पर जेडीए की भवन मानचित्र समिति की 4 सितंबर 2018 को हुई बैठक में चार के बजाए नौ मंजिला इमारत के संशोधित नक्शों को मंजूरी दी गई
-इस बैठक में ऊपरी पांच मंजिलों के लिए 6819.68 वर्गमीटर अतिरिक्त निर्मित क्षेत्रफल मंजूर किया गया
-जेडीए की इस मंजूरी के बदले बिल्डर फर्म को बेटरमेंट लेवी व अन्य शुल्क के पेटे 8.36 करोड़ रुपए का मांग पत्र जारी किया
-यह राशि चार किश्तों में चुकाने के लिए बिल्डर फर्म की ओर से पोस्ट डेटेड चैक दिए किए
-पहली किश्त का चैक तो क्लियर हो गया लेकिन दूसरी किश्त का चैक बाउंस हो गया
-चैक बाउंस होते ही जेडीए ने बिल्डर फर्म को पत्र भेजकर पूर्व में अतिरिक्त निर्मित क्षेत्र की दी गई मंजूरी को खारिज कर दिया
-इसके बाद बिल्डर फर्म ने 14 जून 2019 को जेडीए में पांचवीं,छठी,सातवीं,आठवीं व नवीं मंजिल के भवन मानचित्र अनुमोदन के लिए फिर आवेदन किया
-1 फरवरी 2021 को जेडीए की भवन मानचित्र समिति की बैठक हुई
-मौके पर जेडीए की बिना स्वीकृति पांचवी मंजिल निर्मित करने और छठी मंजिला का निर्माणाधीन होने पर बैठक में जुर्माना लगाने का फैसला किया गया
-जुर्माना,ब्याज व अन्य शुल्क सहित करीब 7.28 करोड़ रुपए का मांग पत्र बिल्डर फर्म को जारी किया
-लेकिन अब तक जेडीए की ओर से ऊपर की पांच मंजिलों के अनुमोदित नक्शे जारी नहीं किए गए हैं
-बिना अनुमोदित नक्शे जारी किए हैं मौके पर पांच मंजिलों का निर्माण कर लिया गया है
-भवन विनियमों के अनुसार अनुमोदित नक्शे जारी किए बिना किया गया निर्माण अवैध निर्माण की श्रेणी में आता है
-अनुमोदित नक्शे जारी करने के लिए बिल्डर फर्म की ओर से इस वर्ष जनवरी में जेडीए को पत्र लिखा गया था
-जवाब में जेडीए ने बिल्डर फर्म को पत्र भेजकर पहले एयरपोर्ट ऑथोरिटी ऑफ इंडिया की एनओसी तलब की है
-जानकार सूत्रों के अनुसार यह एनओसी देने के बाद ही जेडीए अनुमोदित नक्शे जारी करने पर विचार करेगा
-यहीं नहीं जेडीए को इस इमारत में अवैध निर्माण को लेकर और भी शिकायत मिली है
-इस शिकायत में इमारत में सिनेमाघर की जगह कार्यालयों का निर्माण करने का आरोप लगाया गया है
-इसी तरह इमारत के बेसमेंट में भी 32 के स्थान पर 64 दुकानों का निर्माण किया गया
-अधिक दुकानों के निर्माण को लेकर जेडीए की ओर से 6 जुलाई 2024 को नोटिस भी जारी किया गया था