जयपुर: वाहन मालिकों को बड़ी राहत देते हुए परिवहन विभाग ने संशोधित (Alteration) वाहनों की रजिस्ट्रेशन बहाली की प्रक्रिया को काफी सरल बना दिया है. नए दिशा-निर्देशों के अनुसार अब संशोधन वाले वाहनों का निरीक्षण किसी एक विशेष जिले तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वाहन मालिक राज्य के किसी भी जिला परिवहन कार्यालय में अपने वाहन का निरीक्षण करवा सकेंगे.
परिवहन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार जिन वाहनों के रजिस्ट्रेशन को संशोधन या अवैध बदलाव के कारण निलंबित या जब्त किया गया है, उन्हें अब तय प्रक्रिया पूरी करने के बाद आसानी से रिलीज किया जा सकेगा. विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि वाहन में किए गए अवैध संशोधन को अधिकृत बॉडी निर्माता से सही तरीके से ठीक करा लिया जाता है, तो वाहन मालिक को आरसी बहाली का लाभ मिल सकेगा.नए नियमों के तहत वाहन मालिक को सबसे पहले अपने वाहन में किए गए अवैध संशोधन को अधिकृत बॉडी निर्माता या अधिकृत वर्कशॉप से ठीक कराना होगा.
इसके बाद वाहन को किसी भी जिला परिवहन कार्यालय में प्रस्तुत कर निरीक्षण कराया जा सकेगा. निरीक्षण की प्रक्रिया परिवहन निरीक्षक द्वारा पूरी की जाएगी. यदि निरीक्षण के दौरान वाहन निर्धारित मानकों के अनुरूप पाया जाता है, तो परिवहन निरीक्षक द्वारा प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा.प्रमाण पत्र जारी होने के बाद संबंधित परिवहन कार्यालय द्वारा वाहन के रजिस्ट्रेशन की बहाली की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी. इस नई व्यवस्था से उन वाहन मालिकों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है जिनके वाहन संशोधन के कारण जब्त या निलंबित कर दिए गए थे और उन्हें अपनी आरसी बहाल कराने के लिए लंबी और जटिल प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था.
परिवहन विभाग का कहना है कि यह निर्णय वाहन मालिकों को अनावश्यक परेशानी से बचाने और प्रशासनिक प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी एवं सरल बनाने के उद्देश्य से लिया गया है. विभाग के अधिकारियों के अनुसार कई मामलों में वाहन मालिक संशोधन ठीक कराने के बाद भी केवल निरीक्षण की प्रक्रिया जटिल होने के कारण लंबे समय तक आरसी बहाली नहीं करा पाते थे. अब किसी भी जिला परिवहन कार्यालय में निरीक्षण की सुविधा मिलने से यह प्रक्रिया तेज और सुगम हो जाएगी.
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि वाहन में किसी भी प्रकार का अवैध या नियमों के विपरीत संशोधन करना अभी भी दंडनीय होगा और ऐसे मामलों में कार्रवाई जारी रहेगी. हालांकि जिन वाहन मालिकों ने अपने वाहन में किए गए बदलाव को नियमानुसार ठीक करा लिया है, उन्हें अब आरसी बहाली के लिए भटकना नहीं पड़ेगा.विशेषज्ञों का मानना है कि इस नए आदेश से परिवहन व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी और वाहन मालिकों को बड़ी राहत मिलेगी. साथ ही परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली भी अधिक व्यवस्थित और नागरिक-हितैषी बन सकेगी.