जयपुर : सचिवालय सेवा में लगे अधिकारियों के प्रमोशन तो हुए 6 माह से ज्यादा समय हो गया है लेकिन वे प्रमोशन पोस्टिंग के इंतजार में हैं. नतीजतन न सिर्फ वे अपग्रेडेड पद पर अधीनस्थ सेवा के अधिकारी,कर्मी के रूप में सेवाएं दे रहे हैं,बल्कि इससे ऊपरी स्तर के पदों पर प्रशासनिक संतुलन भी डगमगाने का अंदेशा है.
सचिवालय सेवा के अधिकारियों के बहुप्रतीक्षित प्रमोशन के लिए डीपीसी की बैठक 30 जुलाई 2025 को हुई थी जिसके बाद प्रमोशन आदेश जारी हुए थे, लेकिन 6 माह के अंतराल के बाद इन करीब दो सौ अधिकारियों को प्रमोशन पोस्टिंग नहीं मिली है. यहां तक कि नए साल के पहले सप्ताह में यह इंतजार जारी है.
क्या रहे कारण ?
17 जुलाई 2025 को सचिवालय में डीएस के पदों पर प्रमोशन के लिए दो संवर्गों में 16-10 के फॉर्मूले का अनुमोदन किया गया था जिसके बाद डीएस के पदों पर प्रमोशन के लिए सचिवालय में एएस के सौ में से 16 पद निर्धारित किए गए.
तो वहीं पीए-पीएस को सौ में से दस पद मिले.
-इस नए फॉर्मूले के आधार पर इन अधिकारियों के प्रमोशन तो 30 जुलाई को हो गए लेकिन इन पदों का वर्गीकरण नहीं हुआ था.
-14 नवंबर को सचिवालय सेवा में नए मिले पदों का वर्गीकरण हुआ और इस बारे में आदेश जारी हुआ
-इसके बाद करीब 4 माह होने पर भी प्रमोशन पोस्टिंग नहीं हुई.
-इससे न सिर्फ प्रमोटेड अधिकारी उसी पद पर काम कर रहे हैं और उन्हें उनके प्रमोटेड पद का कक्ष नहीं मिला है.
-यहां तक कि अधिकारी पद पर प्रमोशन के बाद भी अधिकारी पुराना वाला लिपिक का ही काम कर रहे हैं.
पूर्व में विधानसभा सत्र जारी होने के चलते प्रमोशन पोस्टिंग न होने की बात कही जा रही थी,लेकिन अब सत्र भी अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गया है, लेकिन यथास्थिति बनी हुई है.