जयपुरः जयपुर की प्रमुख सड़क का एक हिस्सा ऐसा है, जहां अवैध निर्माण करने वालों को जेडीए की प्रवर्तन शाखा की ओर से खुली छूट दे दी गई. जी हां हम बात कर रहे हैं राजधानी की प्रमुख सड़क महल रोड का. इस सड़क के एक हिस्से में तेजी से खड़ी हो रही अवैध इमारतें जेडीए की प्रवर्तन शाखा के जिम्मेदार अधिकारियों को नजर नहीं आ रही हैं.
अपेक्स सर्किल की तरफ से महल रोड में प्रवेश के बाद डी मार्ट के आगे जगतपुरा रेलवे ओवरब्रिज तक सड़क को नवंबर 2024 में जेडीए की ओर से चौड़ा किया गया था. जेडीए के मास्टर प्लान में यह सड़क 160 फीट चौड़ी है. राइजिंग राजस्थान के आयोजन से पहले सड़क को चौड़ा करते हुए डी मार्ट के आगे करीब 500 मीटर हिस्से में सर्विस लेन निर्माण के लिए मकान व दुकानों के निर्माण हटाए गए थे. इसके बाद इस हिस्से में बड़े पैमाने पर दुकानों और व्यवासायिक इमारतों का अवैध निर्माण शुरू हो गया. पिछले वर्ष अप्रेल में मामला उजागर होने के बाद 17 अप्रेल को जेडीए के तत्कालीन पुलिस महानिरीक्षक कैलाश विश्नोई ने मौका मुआयना किया था. अवैध निर्माणों को रोकने के लिए उनके निर्देश पर यहां गार्ड भी लगाए गए थे. लेकिन इसके बाद फिर वहां अवैध इमारतों का निर्माण शुरू हो गया है. इसके बाद गत 31 मार्च को जेडीए की प्रवर्तन शाखा ने भूखंड संख्या 9, 10, 11 और 12 पर निर्मित तीन मंजिला अवैध व्यावसायिक इमारत सील कर दिया. लेकिन जेडीए की इस कार्रवाई से डरने के बजाए मौके तेजी से अवैध इमारतों का निर्माण चल रहा है. जिस तरह से सर्विस रोड से लगते इस हिस्से में निर्माण हो रहे है, उससे आने वाले समय में यातायात जाम की भारी समस्या का सामना करना पड़ेगा. आपको सबसे बताते हैं कि महल रोड यातायात की दृष्टि से किस तरह महत्वपूर्ण हैं और अवैध इमारतों का निर्माण किस तरह यहा से गुजरने वाले वाहन चालकों की मुश्किलें बढ़ाने वाला है.
यातायात की दृष्टि से महत्वपूर्ण महल रोड का "दम घोटने" की तैयारी
डी मार्ट से ROB तक बिना सेटबैक छोड़े खड़ी हो रही हैं अवैध इमारतें
इमारतों के कारण करना ट्रैफिक जाम की समस्या का करना पड़ेगा सामना
जेडीए ने इस हिस्से में सड़क चौड़ी कर किया था सर्विस रोड का निर्माण
अंदरूनी कॉलोनियों से वाहन चालक आते हैं इसी सर्विस रोड पर
जीरो सेटबैक पर बनने वाली इमारतों में नहीं छोड़ा गया पार्किंग का स्थान
ऐसे में इन अवैध व्यावसायिक इमारतों की सारी पार्किंग होगी सर्विस रोड पर ही
इसके चलते सर्विस रोड पर हो जाएगा वाहनों का अत्यधिक दबाव
सड़क पर पार्किंग के चलते आवागमन की सड़क हो जाएगी छोटी
ऐसे में यहां से गुजरने वाले वाहन चालकों को जूझना पड़ेगा यातायात जाम से
जबकि यह महल रोड मालवीय नगर इलाका,झालाना संस्थानिक क्षेत्र,झालाना बायपास,
जवाहरलाल नेहरू मार्ग, कैलगिरी रोड और
मालवीय नगर इंडस्ट्रीयल एरिया आदि इलाकों को जोड़ती है
इंदिरा गांधी नगर हाउसिंग बोर्ड योजना, खो नागोरियान,आगरा रोड,प्रताप नगर हाउसिंग बोर्ड,
विधाणी,सालिगरामपुरा और रीको इंडस्ट्रीयल एरिया से जोड़ता है
इसी के चलते इस सड़क पर दिन भर हजारों वाहनों की रहती है आवाजाही
यहां जिस तरह से बेरोकटोक अवैध इमारतों की मंजिलें चढ़ रही है, उससे लगना लगा है कि शायद महल रोड का यह हिस्सा जेडीए के क्षेत्राधिकार से बाहर है. यह एक ऐसा अराजक हिस्सा बन गया है, जहां जेडीए के भवन विनियम लागू नहीं हैं और नियम सम्मत निर्माण करना यहां बेमानी हो गया है.
क्या जेडीए की प्रवर्तन शाखा ने दे रखा है "अभयदान"?
महल रोड के एक हिस्से में अवैध निर्माण करने वालों को "अभयदान"?
यह सवाल इसलिए उठ रहा है कि यहां खड़ी अवैध इमारतें नहीं आ रही "नजर"
प्रवर्तन शाखा के अधिकारियों को नहीं आ रही हैं "नजर"
डी मार्ट से ROBतक तेजी से परवान चढ़ रही हैं अवैध इमारतें
जिम्मेदार अधिकारी मामले में जानबूझकर बैठे हैं आंखें मूंदे
जबकि फर्स्ट इंडिया न्यूज की ओर से लगातार उठाया जा रहा मामला
इस हिस्से में हो रहे अतिक्रमण व अवैध निर्माण का मामला
इसके बावजूद जेडीए की प्रवर्तन शाखा ने नहीं की सख्त कार्रवाई
महीने भर पहले जेडीए ने केवल एक अवैध इमारत जरूर की थी सील
लेकिन जेडीए की इस कार्रवाई का मौके पर नजर नहीं आ रहा है असर
अवैध निर्माण कर्ता बेखौफ होकर चढ़ा रहे मंजिल दर मंजिल
सालभर पहले जेडीए में तत्कालीन IG कैलाश विश्नोई ने दिए थे निर्देश
17 अप्रेल 25 को मौका मुआयना कर दिए थे निर्देश
यहां अवैध निर्माण रोकने के लिए गार्ड बैठाने के दिए थे निर्देश
इसके आज भी मौके पर इमारतों का किया जा रहा अवैध निर्माण
हजारों लोगों के आवागमन वाली सड़क पर बेखौफ चल रहे अवैध निर्माण
महल रोड जैसी शहर की प्रमुख सड़क पर खड़ी हो रही अवैध इमारतें
इसके बावजूद जेडीए की प्रवर्तन शाखा के जिम्मेदार अधिकारी हैं "अनजान"
यही कारण है कि प्रवर्तन शाखा के अधिकारी नहीं कर रहे मामले में कार्रवाई
यहां पर कहीं दो से तीन मंजिला इमारतों का चल रहा है
तो कहीं तहखाने खोदे गए हैं,यहां चल रहीं दुकानों ने फुटपाथ पर भी कर लिया कब्जा
इसके आगे वन विभाग की दीवार से सटाकर किया गया अवैध दुकानों का निर्माण