जयपुरः आबकारी विभाग के ढांचे में पुनर्गठन करके खासा बदलाव किया है. बजट घोषणा के तहत किए बड़े बदलाव के जरिए भजनलाल सरकार ने 'एकीकृत आबकारी प्रवर्तन और निरोधक बल' का गठन किया है. इससे विभाग का काम अधिक संगठित, एकीकृत होगा और कार्रवाई सहित अन्य प्रक्रियाएं आसान होंगी.
वित्त विभाग के नए आदेशों के अनुसार वर्तमान जिला आबकारी अधिकारी (DEO), वृत्त निरीक्षक कार्यालयों, निवारक शाखा के उपायुक्त, आबकारी अधिकारी, सहायक आबकारी अधिकारी और पारंपरिक आबकारी थानों को अब समाप्त कर दिया गया है.
क्यों करना पड़ा यह काम ?
अब तक विभाग का कामकाज पुराने 33 जिलों के पैटर्न पर ही संचालित हो रहा था. लेकिन अब पुनर्गठन में 7 नए जिलों में जिला स्तरीय कार्यालय खोले जाएंगे. नए जिलों बालोतरा, फलौदी, सलूम्बर, ब्यावर, डीडवाना-कुचामन, खैरथल-तिजारा और डीग में नए जिला स्तरीय कार्यालय खोले जाएंगे. जबकि कोटपूतली-बहरोड़ में यह कार्यालय पहले से ही संचालित है. वहीं कुछ बड़े जिलों में कार्यालयों की संख्या बढ़ाई जाएगी.
जयपुर जिले में अब 2 से बढ़ाकर कुल 4 जिला स्तरीय कार्यालय संचालित होंगे.
नई प्रशासनिक व्यवस्था के तहत अब पूरे प्रदेश में नए पदनाम और कार्यालय सृजित किए जाएंगे. जिनमें अतिरिक्त आयुक्त जोन, उपायुक्त/आबकारी अधिकारी और कनिष्ठ आबकारी अधिकारी कार्यालय शामिल हैं.
नए ढांचे के तहत अब प्रदेश में 'जिला आबकारी अधिकारी' का पदनाम पूरी तरह समाप्त हो जाएगा और वे अब अपनी वरिष्ठता के आधार पर उपायुक्त या आबकारी अधिकारी के नाम से जाने जाएंगे.
वरिष्ठ वेतनमान के अधिकारियों के दफ्तर को 'उपायुक्त कार्यालय' और सामान्य या कनिष्ठ वेतनमान के अधिकारियों के दफ्तर को 'आबकारी अधिकारी कार्यालय' कहा जाएगा.
इनके कार्यालयों में सहयोग के लिए 1-1 सहायक आबकारी अधिकारी (AEO) और 1-1 कनिष्ठ आबकारी अधिकारी तैनात होंगे. राज्य में संभाग स्तर पर 8 'अतिरिक्त आयुक्त जोन कार्यालय' गठित होंगे, जिनमें से 6 पदों पर आरएएस (RAS) अधिकारी और 2 पदों पर सामान्य शाखा के अतिरिक्त आयुक्त या EPF के संयुक्त आयुक्त लगाए जा सकेंगे.
आबकारी विभाग की संरचना
- अवैध मदिरा गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए 2 प्रवर्तन कार्यालय खुलेंगे
- जयपुर और जोधपुर में 2 'उपायुक्त विधि कार्यालय' बनाए जाएंगे
- पूरे राज्य में उपायुक्त/आबकारी अधिकारी के कुल 53 कार्यालय होंगे
- 8 कार्यालयों में RAS, 45 में आबकारी विभाग के अधिकारी लगाए जाएंगे
- सामान्य शाखा के उपायुक्त या जिला आबकारी अधिकारी लगाए जा सकेंगे
- निरोधक दल के उपायुक्त/आबकारी अधिकारी भी लगाए जा सकेंगे
- आबकारी निरीक्षक नहीं, अब कनिष्ठ आबकारी अधिकारी होगा नया पदनाम
- कनिष्ठ आबकारी अधिकारी के 286 कार्यालय होंगे, 111 ग्रेड-1, 175 ग्रेड-2 कार्यालय
- ग्रेड- 1 के कार्यालयों में ग्रेड-1 के आबकारी निरीक्षक लगेंगे
- ग्रेजुएट ग्रेड-1 PO लग सकेंगे, 3 वर्ष का अनुभव होना जरूरी
- ग्रेड-1 के 10-12वीं उत्तीर्ण PO भी चयन परीक्षा उत्तीर्ण कर लग सकेंगे
- ग्रेड-2 के कार्यालयों में सामान्य शाखा के निरीक्षण ग्रेड-2 लगेंगे
- निरोधक दल के स्नातक उत्तीर्ण, 3 वर्ष अनुभव वाले PO ग्रेड-2 लग सकेंगे
- 10वीं-12वीं उत्तीर्ण PO को 3 वर्ष के अनुभव के साथ चयन परीक्षा उत्तीर्ण करनी होगी
- मौजूदा जमादार ग्रेड-1 के कार्मिक उप निरीक्षक लगाए जाएंगे
जयपुर जिले में अब 4 आबकारी जिले
- 10 जिलों में 2-2 जिला कार्यालय खुलेंगे, इनके नाम प्रथम और द्वितीय होंगे
- अजमेर, भीलवाड़ा, बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, सीकर,
- झुंझुनूं, जोधपुर और कोटा में 2-2 जिला स्तरीय कार्यालय होंगे
- जयपुर में 4 जिला स्तरीय कार्यालय, प्रथम से चतुर्थ तक होंगे
- इन सभी जिलों में राजस्व तहसील के हिसाब से क्षेत्र बांटे गए
- जयपुर प्रथम में जयपुर तहसील का पूरा क्षेत्र शामिल होगा
- जयपुर द्वितीय में सांगानेर तहसील का पूरा क्षेत्र शामिल होगा
- जयपुर तृतीय में आमेर, शाहपुरा, जमवारामगढ़, बस्सी, चाकसू,
- माधोराजपुरा, आंधी, तूंगा और कोटखावदा के क्षेत्र शामिल होंगे
- जयपुर चतुर्थ में रामपुरा डाबडी, किशनगढ़ रेनवाल, जोबनेर, फागी,
- मौजमाबाद, दूदू, सांभर, चौमूं, कालवाड़ और जालसू तहसील के क्षेत्र होंगे
अतिरिक्त आयुक्त जोन कार्यालयों में जयपुर संभाग के लिए 2 जोन गठित किए गए हैं. एक जोन जिसे जयपुर शहर नाम दिया गया है, उसमें राजस्व जिला जयपुर के पूरे क्षेत्र को शामिल किया गया है. जबकि दूसरा जोन जयपुर ग्रामीण में अलवर, कोटपूतली-बहरोड, खैरथल-तिजारा, दौसा, सीकर और झुंझुनूं जिलों के क्षेत्र को शामिल किया गया है. जयपुर के अलावा अजमेर, बीकानेर, जोधपुर, कोटा, उदयपुर और भरतपुर में एक-एक अतिरिक्त आयुक्त जोन कार्यालय संचालित होंगे.