VIDEO: एक मरीज की एकसाथ हार्ट की तीन सर्जरी ! SMS मेडिकल कॉलेज के सीटीवीएस विभाग के चिकित्सकों ने रचा कीर्तिमान, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर : प्रदेश के सबसे बड़े SMS अस्पताल के डॉक्टरों की एक टीम ने एकबार फिर जटिल सर्जरी में मेडिकल इतिहास रच दिया. सीटीवीएस विभाग के एचओडी और सीनियर प्रोफेसर डॉ. अनिल शर्मा  के नेतृत्व में 8 घंटे की जटिल सर्जरी में तीन जानलेवा हार्ट बीमारियों का एक साथ इलाज करके मरीज को नया जीवन दिया. यह ऑपरेशन इसलिए भी खास है क्योंकि दुनिया में ऐसे 10 से भी कम केस रिपोर्ट हुए हैं. 

दरअसल, 25 वर्षीय युवक को जन्मजात महाधमनी की समस्या यानी Coarctation of Aorta थी. इसके साथ-साथ हार्ट का वाल्व और महाधमनी का aneurysm  आर्च भी खराब था. डॉक्टरों के अनुसार अगर सर्जरी नहीं होती तो मरीज को एक साल भी नहीं बचाया जा सकता था !

8 घंटे में एकसाथ तीन बड़े प्रोसीजर 
1. Bentall प्रोसीजर: खराब वाल्व और महाधमनी को कृत्रिम ग्राफ्ट से बदला और हार्ट की नसों (coronary artery)को नए सिरे से जोड़ा.

2. Total Arch Replacement: महाधमनी के पूरे आर्च (bovine arch) को arch graft से  बदल दिया. इसके लिए मरीज के शरीर को 20°C तक ठंडा कर 32 मिनट तक ब्लड सर्कुलेशन रोकना पड़ा. इस दौरान दिमाग को बचाने के लिए अलग से खून पहुंचाया गया.

3. COA Repair: महाधमनी के सिकुड़े हुए हिस्से को काटकर आर्च ग्राफ्ट जोड़ा गया.

क्यों है केस खास?
1. दुनिया में दुर्लभ: Bentall + Arch Replacement + COA Repair तीनों सर्जरी एक साथ दुनिया में 10 से भी कम बार हुई हैं.

2. भारत में पहली बार: डॉक्टरों का दावा है कि भारत में शायद यह पहला मामला है जब तीनों सर्जरी एक साथ की गईं.

3. ज्यादा रिस्क, बड़ी जीत: अलग-अलग ऑपरेशन पर हर बार 5-8% जान का जोखिम था. एक साथ करने पर 62% रिस्क और बढ़ गया था, लेकिन सफल ऑपरेशन से मरीज को नया जीवन मिला

टीम वर्क का कमाल
-SMS के सीटीवीएस HOD  डॉ. अनील शर्मा के निर्देशन में डॉ.सुनील दीक्षित,
-डॉ. मोहित शर्मा,डॉ. सौरभ मित्तल, डॉ.वक्ता राम चौधरी, डॉ. गौरव, डॉ. प्रीतांशी,डॉ. राकेश, डॉ. कुलराज, डॉ. सूरज ने किया सफल ऑपरेशन
-इस दौरान कार्डियक एनेस्थेटिक डॉ.रीमा मीना, डॉ. अंजुम, डॉ. अरुण और 
-परफ्यूजनिस्ट प्रांजलि,पुलकित,आरती,नर्सिंग इंचार्ज सुधा का भी रहा अहम योगदान

भजनलाल सरकार की मा  योजना के तहत मरीज का इलाज बिल्कुल मुफ्त हुआ. ऑपरेशन के बाद मरीज को 14 घंटे वेंटिलेटर पर रखा गया और तीसरे दिन ICU से वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है. चिकित्सकों की माने तो अब मरीज चल-फिर रहा है और पूरी तरह स्वस्थ है. जल्द ही उसे अस्पताल से डिस्चार्ज किया जाएगा.