शहरी सेवा शिविर-2026: छूट और शुल्क पर बड़ा अपडेट, राज्य सरकार ने निकायों को जारी किया स्पष्टीकरण

जयपुर: आम शहरी को राहत देने के उद्देश्य से प्रदेश की भजनलाल सरकार की ओर से शहरी सेवा शिविर 2026 शुरू किए गए हैं.इन शिविरों में दी जाने वाली छूटों को लेकर राज्य सरकार ने निकायों को जारी किया है स्पष्टीकरण. राज्य सरकार की ओर से प्रदेश भर के निकायों में 12 जून से लेकर 15 जुलाई तक शहरी सेवा शिविरों का आयोजन किया गया है.शहरी सेवा शिविर 2026 मैं दी जा रही विभिन्न छूटों  के लिए  गत 10 जून को विस्तृत आदेश जारी किए थे.इस आदेश के विभिन्न बिंदुओं को लेकर कई निकायों ने सरकार से मार्गदर्शन मांगा था. इसी के चलते नगरीय विकास विभाग और स्वायत शासन विभाग की ओर से विभिन्न शुल्कों को लेकर स्पष्टीकरण जारी किया गया है.

UDH-LSG ने जारी किया स्पष्टीकरण: 
-भवन निर्माण स्वीकृति शुल्क के लिए जाएंगे केवल ढाई हजार रुपए 
-250 मीटर तक के भूखंडों के मामलों में लिए जाएंगे केवल ढाई हजार रुपए 
-UDH-LSG ने इस बारे में जारी किया स्पष्टीकरण 
-शहरी सेवा शिविर 2026 के लिए जारी किया स्पष्टीकरण 
-इसके मुताबिक 250 वर्ग मीटर तक के भूखंडों की निर्माण स्वीकृति के लिए लगेगा शुल्क 
-केवल 2500 रुपए का ही लगेगा शुल्क 
-इससे बड़े भूखंडों पर शुल्क में मिलेगी 50% की छूट 
-लेकिन बेटरमेंट लेवी, पार्किंग शुल्क, पौधारोपण और 
-रेनवाटर हार्वेस्टिंग की राशि में नहीं मिलेगी कोई छूट
-10 जून के आदेश में ढाई हजार रुपए के शुल्क  का किया था प्रावधान 
-लेकिन अब सरकार ने कर दिया स्पष्ट 
-इन मामलों में लगेंगे केवल ढाई हजार रुपए ही लगेंगे  

31 दिसंबर 2021 से पहले बसी  कॉलोनीयों के नियमन में लगेगी दर: 
-स्वप्रेरणा से नियमन के मामले में लगेगी दर 
-प्रीमियम राशि, बाहरी एवं आंतरिक विकास शुल्क में लगेगी दर  
-नई टाउनशिप नीति के अनुसार लगेगी दर
-आवंटन या नीलामी के मामलों में निरस्त आवंटनों के मामले नहीं भेजने होंगे 
-दोबारा आवंटन बहाली के लिए  सरकार को नहीं भेजने होंगे मामले 
-स्थानीय स्तर पर ही शिविर अवधि में की जा सकेगी आवंटन बहाली

इसी तरह राज्य सरकार की ओर से ले आउट प्लान के अनुमोदन शुल्क और अपंजीकृत दस्तावेजों के प्रकरणों को लेकर भी स्थिति राज्य सरकार की ओर से स्पष्ट की गई है.

ले आउट प्लान अनुमोदन शुल्क देना होगा नई नीति के अनुसार: 
-UDH-LSG ने जारी किया स्पष्टीकरण 
-शहरी सेवा शिविर 2026 के लिए जारी किया स्पष्टीकरण 
-शिविर अवधि में ले आउट प्लान अनुमोदन की दी गई थी छूट 
-जिन प्रकरणों में की जा चुकी है 90 ए की कार्यवाही 
-उन प्रकरणों में शिविर अवधि में दी गई है छूट 
-पुरानी टाउनशिप नीति के अनुसार ही अनुमोदन की दी गई है छूट लेकिन अब -जारी स्पष्टीकरण में किया गया है स्पष्ट 
-ऐसे मामलों में दर लगेगी नई टाउनशिप नीति के मुताबिक
-10 जून के आदेश में दर के बारे में नहीं किया गया था स्पष्ट

इसके अनुसार वित्त विभाग के आदेश 11 फरवरी 2020 के अनुसार दी जाएगी छूट : 
-17 जून 1999 के पहले के पहले बसी कॉलोनी के मामले में दी जाएगी छूट 
-अतिरिक्त प्रीमियम 15% शुल्क  पर दी जाएगी 100% छूट 
-इसी तरह 17-6-99 के बाद बसी कॉलोनी के मामले में मिलेगी छूट अतिरिक्त -प्रीमियम 50% राशि पर दी जाएगी 100% की छूट
-10 जून के आदेश में त्रुटिवश 11 फरवरी 2020 के स्थान पर 11 फरवरी 2022 लिखा गया था

राज्य सरकार की ओर से शहरी सेवा शिविर 2026 को लेकर क्लोज मॉनिटरिंग की जा रही है.आमजन की सुविधा को देखते हुए तुरंत फैसले लिए जा रहे हैं.यही कारण है कि शिविर शुरू हुए चार दिन के समय में ही निकायों की ओर से मार्गदर्शन मांगा गया और सरकार ने तुरंत स्पष्टीकरण जारी कर दिया.