संसद भवन के सेंट्रल हॉल में 'विकसित भारत युवा संसद 2026', लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने केंद्रीय कक्ष में युवा प्रतिनिधियों को किया संबोधित

संसद भवन के सेंट्रल हॉल में 'विकसित भारत युवा संसद 2026', लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने केंद्रीय कक्ष में युवा प्रतिनिधियों को किया संबोधित

नई दिल्ली: संसद भवन के सेंट्रल हॉल में 'विकसित भारत युवा संसद 2026' का आयोजन किया गया. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने केंद्रीय कक्ष में युवा प्रतिनिधियों को संबोधित किया. इस मौके पर देशभर के 757 विश्वविद्यालयों एवं संस्थानों से चयनित युवा प्रतिनिधि भाग ले रहे है. ओम बिरला ने विकसित भारत@2047 के विजन पर अपने विचार पेश किए. ओम बिरला ने कहा कि विकसित भारत 2047 का निर्माण युवाओं की ऊर्जा, नवाचार, नेतृत्व क्षमता और कर्तव्यबोध से संभव होगा. 

पिछले वर्षों में लोकतांत्रिक संस्थाओं में महिलाओं की भागीदारी उल्लेखनीय रूप से बढ़ी है और आज महिलाएं देश के विभिन्न क्षेत्रों में नेतृत्व की भूमिका निभा रही हैं. नए संसद भवन में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित कर महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में कदम उठाया. पंचायत से लेकर संसद तक भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था जनभागीदारी और समावेशी विकास की सशक्त आधारशिला है. भारत का युवा आकांक्षी है, उसके सपने बड़े हैं और वही विकसित भारत के भविष्य का सबसे बड़ा प्रेरक बल है. युवाओं का संकल्प, सशक्त विचार और नवाचार क्षमता विकसित भारत के निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति है. 

भारत के युवा नवाचार और प्रौद्योगिकी के माध्यम से वैश्विक चुनौतियों के समाधान प्रस्तुत करने की क्षमता रखते हैं.सामाजिक, आर्थिक, शैक्षिक और तकनीकी क्षेत्रों में भारत निरंतर नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर रहा है. आने वाले वर्षों में भारत के युवा विज्ञान, प्रौद्योगिकी, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में विश्व का नेतृत्व करेंगे. आज पूरी दुनिया भारत की युवा शक्ति को आशा, विश्वास और भविष्य की संभावनाओं के प्रतीक के रूप में देख रही है. लोकतंत्र केवल शासन व्यवस्था नहीं, बल्कि संवाद, सहभागिता, सहमति और उत्तरदायित्व की जीवंत संस्कृति है. संसद राष्ट्र की सामूहिक चेतना का सर्वोच्च मंच है, जबकि युवा संसद लोकतंत्र की जीवंत पाठशाला है. 

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने युवाओं से आह्वान करते हुए कहा कि राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए कठिन परिश्रम और समर्पण से कार्य करें. विकसित भारत का सपना किसी एक व्यक्ति, संस्था या सरकार का नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का साझा राष्ट्रीय संकल्प है. 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने की सबसे बड़ी जिम्मेदारी आज के युवाओं के कंधों पर है. युवाओं की ऊर्जा, नवाचार, साहस और संकल्प ही विकसित भारत के स्वप्न को साकार करने की सबसे बड़ी शक्ति हैं. नए संकल्प, नए विचार और बड़े सपनों के साथ विकसित भारत के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं. सभी प्रतिभागियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए राष्ट्र निर्माण में निरंतर योगदान देने का आह्वान किया.'