जयपुर : राजस्थान में पेट्रोल-डीजल महंगा होने से ईंधन कारोबार पर संकट गहराया. सीमावर्ती जिलों में पेट्रोल पंपों की बिक्री 25 से 40 प्रतिशत घटी. वाहन चालक पड़ोसी राज्यों से सस्ता ईंधन भरवा रहे हैं. कई जिलों में पेट्रोल पंपों ने सीमित संचालन शुरू किया.
भीलवाड़ा में निरीक्षण विवाद के बाद पंपों की सामूहिक बंदी की. खाद्य मंत्री सुमित गोदारा के निर्देश पर विशेष जांच अभियान चला. राज्यभर में 25 पेट्रोल पंपों के 43 नोजल सीज किए गए.
तेल कंपनियों पर सप्लाई सीमित करने के आरोप भी लगाए गए. जयपुर में फिलहाल सप्लाई सामान्य लेकिन लागत का दबाव बढ़ा. डीजल महंगा होने से कृषि और ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर असर बढ़ा. माल ढुलाई और सिंचाई लागत बढ़ने से बाजार भी प्रभावित होने लगा.
राजस्थान में पेट्रोल-डीजल महंगा होने से ईंधन कारोबार पर संकट गहराया:
-सीमावर्ती जिलों में पेट्रोल पंपों की बिक्री 25 से 40 प्रतिशत घटी
-वाहन चालक पड़ोसी राज्यों से भरवा रहे हैं सस्ता ईंधन
-कई जिलों में पेट्रोल पंपों ने सीमित संचालन शुरू किया
-भीलवाड़ा में निरीक्षण विवाद के बाद पंपों की सामूहिक बंदी
-खाद्य मंत्री सुमित गोदारा के निर्देश पर विशेष जांच अभियान चला
-राज्यभर में 25 पेट्रोल पंपों के 43 नोजल सीज किए गए
-तेल कंपनियों पर सप्लाई सीमित करने के आरोप भी लगाए गए
-जयपुर में फिलहाल सप्लाई सामान्य लेकिन लागत का दबाव बढ़ा
-डीजल महंगा होने से कृषि और ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर असर बढ़ा
-माल ढुलाई और सिंचाई लागत बढ़ने से बाजार भी प्रभावित होने लगा