लोहित नदी के तट भगवान परशुराम की प्रतिमा होगी स्थापित, सेना के साथ बॉर्डर पर "परशु" भी रहेगा तैनात, देखिए खास रिपोर्ट

जयपुरः भगवान विष्णु के अवतारों में से एक माने जाने वाले ऋषि परशुराम की 51 फुट ऊंची प्रतिमा अरुणाचल प्रदेश में लोहित नदी के तट पर मौजूद पवित्र स्थल 'परशुराम कुंड' पर स्थापित की जा रही है. अगले एक माह में प्रतिमा स्थापना का कार्य पूरा हो जाएगा. साल 2022 में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अरुणाचल प्रदेश के लोहित नदी के तट पर परशुराम कुंड पर भगवान परशुराम की प्रतिमा की आधारशिला रखी थी. अरुणाचल में लोहित नदी के तट का इलाका चीन सीमा के पास है. परशुराम कुंड पर विप्र फाउंडेशन की ओर से 51 फ़ीट ऊंची दिव्य प्रतिमा स्थापित की जा रही है.

अरुणाचल प्रदेश के परशुराम कुण्ड से भगवान परशुराम की कथा जुड़ी हुई है कथा के अनुसार द भगवान परशुराम ने अपने पिता के कहने पर अपनी मां का वध कर दिया था उन्होंने जो कुल्हाड़ी या परशु चलाई था, वह पाप के कारण उनके हाथ में फंस गई थी.  ऋषियों की सलाह पर भगवान परशुराम इसका प्रायश्चित करने के लिए पूरे हिमालय में भटकते रहे. इस दौरान लोहित नदी के पानी में हाथ धोने के बाद कुल्हाड़ी उनके हाथ से गिर गई थी. जिस जगह पर भगवान परशुराम ने अपना हाथ धोया था, उस जगह को परशुराम कुंड कहा जाने लगा. यहां साल मकर संक्रांति के मौके पर लगने वाले मेले को परशुराम कुंड मेला कहा जाता है. केंद्र सरकार की तीर्थयात्रा पुनरुद्धार और आध्यात्मिक विरासत संवर्धन अभियान योजना के तहत इस स्थल को विकसित करने के लिए 37.87 करोड़ रुपये का अनुदान आवंटित किया गया है. इस परियोजना में ऋषि परशुराम की 51 फुट ऊंची प्रतिमा स्थापित करना शामिल है, जिसे कुंड को विकसित करने के लिए समर्पित संगठन विप्र फाउंडेशन अपना पूरा योगदान दिया. 51 फ़ीट ऊंची प्रतिमा की स्थापना विप्र फाउंडेशन ही करवा रहा है. 

विप्र फाउंडेशन की ओर से इस दिव्य मूर्ति का निर्माण हो रहा केंद्र सरकार की "प्रसाद" योजना पर्यटन मंत्रालय के अधीन हैं और इस क्षेत्र को विकसित भी धार्मिक के साथ पर्यटन स्थल के रूप में किया जा रहा है. इसके लिए अरुणाचल सरकार ने 75 हेक्टेयर की जो कार्य योजना बनाई है उसमें रिवर फ्रंट रेस्तरां, व्यूह पॉइंट, चिल्ड्रेन पार्क सहित अनेक सुविधा क्षेत्र विकसित किए जा रहे  मकर संक्रांति पर भरने वाले मेले के विस्तार की भी योजना है.    

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी परशुराम कुंड को देश के प्रमुख तीर्थ स्थल के रूप में विकसित करने में विशेष रुचि ले रहे हैं. मोदी ने ही 2021 में सबसे पहले केंद्रीय जल संसाधन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को परशुराम कुंड विकास की आधारशिला रखने को भेजा था. परशुराम कुंड को देश के प्रमुख तीर्थ स्थल के रूप में विकसित करने में सहभागी बनी संस्था विप्र फाउंडेशन ने प्रतिमा स्थापना में सभी सनातनियों से सहयोग लिय ताकि इस मिथक को तोड़ा जा सके कि भगवान परशुराम केवल ब्राह्मणों के आराध्य है. बहरहाल statue of strength अब अपने अंतिम चरण में है