जयपुरः प्रदेश में डिफेक्टिव बिजली मीटर बदलने की मुहिम में अब अजमेर डिस्कॉम भी शामिल हो गया है. अजमेर डिस्कॉम के ब्यावर और अजमेर सर्किल में भी कृषि के अलावा अन्य सभी श्रेणी के बिजली उपभोक्ताओं को मीटर रीडिंग के हिसाब से बिल मिलना शुरू हो गया है. ऊर्जा राज्य मंत्री हीरालाल नागर ने इस उपलब्धि के लिए टीम डिस्कॉम को बधाई दी है, साथ ही उम्मीद जताई है कि फील्ड अभियंताओं में अभियान के प्रति जिस तरह का कॉम्पिटिशन देखा जा रहा है, उससे प्रतीत हो रहा है कि जल्द ही राजस्थान के प्रत्येक उपभोक्ता को मीटर की वास्तविक रीडिंग के हिसाब से ही बिल मिलेगा.
ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने आज विद्युत भवन में ब्यावर और अजमेर सर्किल के भी डिफेक्टिव मीटर मुक्त होने की घोषणा की. नागर ने इन दोनों सर्किलों के अधीक्षण अभियन्ताओं को शून्य डिफेक्टिव मीटर सर्किल होने के प्रमाण पत्र सौंपे. इसके साथ ही जयपुर डिस्कॉम के जयपुर जिला वृत्त-दक्षिण, अलवर, टोंक, डीग एवं धौलपुर के अधीक्षण अभियन्ताओं को भी शून्य डिफेक्टिव मीटर सर्किल होने के प्रमाण पत्र प्रदान किए. यह सर्किल दिसम्बर माह के अन्त में ही शून्य डिफेक्टिव मीटर सर्किल की उपलब्धि अर्जित कर चुके हैं.
बिजली कम्पनियों की उपलब्धि का बढ़ता दायरा
ब्यावर,टोंक तथा डीग में कृषि सहित सभी श्रेणियों में बदले डिफेक्टिव मीटर
इसके अलावा अजमेर, धौलपुर, अलवर तथा जयपुर जिला वृत्त-दक्षिण ने उपलब्धि
इन सर्किलों में सिंगल फेज शहरी, सिंगल फेज ग्रामीण तथा
थ्री फेज (गैर कृषि) उपभोक्ताओं के खराब विद्युत मीटर बदलने में कामयाबी
इस मौके पर ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने सभी अधीक्षण अभियन्ताओं को दी बधाई
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार कर रही काम
प्रदेश को ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से हो रहा काम
डिफेक्टिव मीटर की समस्या दूर होने से उपभोक्ता को सेवाएं बेहतर होगीं और
साथ ही बिजली कम्पनियों की राजस्व समेत अन्य दक्षता में भी सुधार होगा
इस मौके पर राजस्थान डिस्कॉम्स की चेयरमैन आरती डोगरा ने बताया कि बीते एक वर्ष में जयपुर डिस्कॉम के अभियंताओं, तकनीकी एवं फील्ड स्टाफ ने कड़ी मेहनत, समर्पण, अनुशासन एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर गैर कृषि श्रेणी में सभी 18 सर्किलों को शून्य डिफेक्टिव मीटर मुक्त बनाया है. इससे अजमेर और जोधपुर विद्युत वितरण निगम को भी प्रेरणा मिली है. इस सफलता को आगे भी बनाए रखा जाएगा. शून्य डिफेक्टिव मीटर होने के बाद इन सर्किलों में उपभोक्ताओं को अब वास्तविक उपभोग के आधार पर बिजली बिल जारी किए जाएंगे. जिससे त्रुटिपूर्ण बिलिंग की शिकायतें कम होंगी. कार्यक्रम में अजमेर डिस्कॉम के प्रबंध निदेशक के.पी वर्मा भी इस अवसर पर उपस्थित थे.
उपभोक्ताओं को वास्तविक बिल, डिस्कॉम की करोड़ों की बचत
राजस्थान डिस्कॉम की डिफेक्टिव मीटर बदलने की मुहिम के मायने
दरअसल,किसी उपभोक्ता का दो माह से अधिक समय तक रहता है मीटर खराब
तो ऐसे स्थिति में प्रत्येक बिल में विद्युत शुल्क में 5 प्रतिशत की छूट का है प्रावधान
अकेले जयपुर डिस्कॉम की बात की जाए तो डिफेक्टिव मीटर्स के कारण दी गई छूट
वित्तीय वर्ष 2022-23 में 9.41 करोड़, वर्ष 2023-24 में 5.41 करोड़ की देनी पड़ी थी छूट
इसके बाद डिस्कॉम प्रशासन ने डिफेक्टिव मीटर बदलने की शुरू की मुहित
तो वर्ष 2024-25 में छूट का दायरा 2 करोड़ 4 लाख रूपए के स्तर पर लाया गया
वित्त वर्ष 2025-26 में मात्र 16 लाख रूपए का आर्थिक भार ही छूट के रूप में आया