पायलट प्रोजेक्ट में फिर हुई राजस्थान की प्रशंसा, बीसलपुर बांध से जुड़े पायलट प्रोजेक्ट को लेकर हुई प्रशंसा

पायलट प्रोजेक्ट में फिर हुई राजस्थान की प्रशंसा, बीसलपुर बांध से जुड़े पायलट प्रोजेक्ट को लेकर हुई प्रशंसा

जयपुर: पायलट प्रोजेक्ट में फिर राजस्थान की प्रशंसा हुई. बीसलपुर बांध से जुड़े पायलट प्रोजेक्ट को लेकर प्रशंसा हुई. MCAD योजनान्तर्गत बीसलपुर परियोजना का काम देशभर में दूसरे नंबर पर है. 20 राज्यों में चल रहे प्रोजेक्ट में राजस्थान का पायलट प्रोजेक्ट दूसरे नंबर पर माना जा रहा है. 

पहले नंबर पर छत्तीसगढ़ में करीब 5000 हेक्टेयर के कमांड एरिया में काम चल रहा है. हाल ही बीसलपुर आई जल शक्ति मंत्रालय की टीम ने यहां चल रहे काम की प्रशंसा की. जल शक्ति मंत्रालय के मुख्य अभियंता योगेश पैठानकर और मुख्य अभियंता व कमिश्नर MCAD बीसी. विश्वकर्मा ने प्रशंसा की. 

हर 15 दिन में CMO के स्तर पर देशभर के पायलट प्रोजेक्ट की समीक्षा हो रही है. बीसलपुर बांध से 5000 हेक्टेयर कमांड एरिया में फव्वारा सिस्टम से सिंचाई होगी. प्रधानमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट पानी की बचत करेगा साथ ही फसल की उत्पादकता भी बढ़ेगी.

पायलट प्रोजेक्ट में फिर हुई राजस्थान की प्रशंसा:
-बीसलपुर बांध से जुड़े पायलट प्रोजेक्ट को लेकर हुई प्रशंसा
-MCAD योजनान्तर्गत बीसलपुर परियोजना का काम देशभर में दूसरे नंबर पर 
-20 राज्यों में चल रहे प्रोजेक्ट में राजस्थान का पायलट प्रोजेक्ट माना जा रहा दूसरे नंबर पर
-पहले नंबर पर छत्तीसगढ़ में करीब 5000 हेक्टेयर के कमांड एरिया में चल रहा काम
-हाल ही बीसलपुर आई जल शक्ति मंत्रालय की टीम ने की यहां चल रहे काम की प्रशंसा
-जल शक्ति मंत्रालय के मुख्य अभियंता योगेश पैठानकर और 
-मुख्य अभियंता व कमिश्नर MCAD बीसी. विश्वकर्मा ने की प्रशंसा
-हर 15 दिन में CMO के स्तर पर हो रही है देशभर के पायलट प्रोजेक्ट की समीक्षा
-बीसलपुर बांध से 5000 हेक्टेयर कमांड एरिया में होगी फव्वारा सिस्टम से सिंचाई 
-प्रधानमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट पानी की बचत करेगा साथ ही फसल की उत्पादकता भी बढ़ेगी