जयपुरः प्रदेश के बड़े अस्पतालों में मरीजों को अनुलब्ध होने वाली दवाएं अब रियायती दर पर मिलेगी. केन्द्रीय चिकित्सा मंत्री जेपी नड्डा के निर्देश के बाद सूबे के चिकित्सा विभाग ने सभी जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज से अटैच अस्पतालों मे प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि केंद्र व अमृत फार्मेंसी खोलने की कवायद शुरू कर दी है. निदेशक जनस्वास्थ्य डॉ रविप्रकाश शर्मा ने सभी पीएमओ को ने निर्देश दिए कि वे अपने अस्पतालों में केन्द्र खोलने के लिए निशुल्क जगह उपलब्ध कराए. इसके साथ ही ड्रग आयुक्तालय ने भी ऐसे केन्द्रों के लिए लाइसेंसिंग की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है.
केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने हाल ही में सभी राज्यों के चिकित्सा मंत्री और अधिकारियों के साथ वन टू वन संवाद कार्यक्रम शुरू किया है. इसके तहत दो जनवरी को नड्डा ने राजस्थान स्टेट के कामकाज की समीक्षा की. इस दौरान उन्होंने निर्देश दिए थे कि सभी जिला अस्पतालों में प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि केंद्र व मेडिकल कॉलेज से अटैच अस्पतालों में प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि केंद्र व अमृत फार्मेंसी खोली जाए, ताकि मरीजों को अनुपलब्ध श्रेणी की दवाएं अस्पताल परिसर में ही रियायती दर पर उपलब्ध हो सके. इन निर्देशों की पालना सुनिश्चित करने के लिए चिकित्सा विभाग ने सभी मेडिकल कॉलेज प्राचार्य और पीएमओ को विस्तृत दिशा निर्देश दिए है.
राजस्थान में 591 जगहों पर खुले प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि केंद्र
केन्द्रीय मंत्री के निर्देश की पालना में औषधि नियंत्रण आयुक्तालय का डेटा
ड्रग कंट्रोलर अजय फाटक ने निदेशक जनस्वास्थ को भेजा रिपोर्ट कार्ड
इस रिपोर्ट के मुताबिक राजस्थान में अब तक खुल चुके 591 PMJAK
इसमें से 24 केन्द्र जिला अस्पताल, 4 केन्द्र उप जिला अस्पताल, 40 केन्द्र सीएचसी,
14 प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि केंद्र पीएचसी स्तर पर हो रहे संचालित
जबकि विभाग के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में संचालित है 63 जिला अस्पताल
ऐसे में शेष बचे 39 जिला अस्पतालों में जल्द ही खुलेंगे पीएम भारतीय जनऔषधि केंद्र
दरअसल, जनऔषधि योजना का मुख्य उद्देश्य आम लोगों को उच्च गुणवत्ता की जेनेरिक दवाएं बाजार मूल्य से 50 से 90 प्रतिशत तक कम दरों पर उपलब्ध कराना है. जिला अस्पतालों में इन केंद्रों के खुलने से विशेष रूप से गरीब, ग्रामीण और मध्यम वर्गीय मरीजों को बड़ा लाभ मिलेगा, जो महंगी दवाओं के कारण इलाज बीच में छोड़ने को मजबूर हो जाते हैं. अधिकारियों के मुताबिक जिला अस्पताल प्रशासन जनऔषधि केंद्र के लिए उपयुक्त एवं निशुल्क स्थान उपलब्ध कराएगा. यह स्थान ऐसा होगा,जहां मरीजों की पहुंच आसानी से हो और केंद्र का संचालन सुचारु रूप से किया जा सके.