VIDEO: इंडेक्शन की बिक्री से राजस्थान डिस्कॉम की बढ़ी चिंता! भीषण गर्मी के बीच और बढ़ेगी विद्युत खपत, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर : प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच एपीजी की किल्लत ने राजस्थान डिस्कॉम की भी चिंता बढ़ा दी है. एपीजी सिलेण्डर के विकल्प के रूप में सैंकड़ों परिवारों ने जिस तरह से इंडेक्शन का उपयोग शुरू कर दिया है, उसको देखते हुए शहरी क्षेत्रों में बिजली की मांग का ग्राफ तेजी से बढ़ने की आशंका है. मौजूदा स्थिति को देखे तो जयपुर समेत सभी बड़े शहरों में बिजली की मांग में 5 फीसदी तक की तेजी देखी गई है. ऐसे में अब आगामी दिनों में जनता को निर्बाध बिजली आपूर्ति देने के लिए ऊर्जा विभाग ने केन्द्र से अतिरिक्त आवंटन की मांग के साथ ही अन्य वैकल्पिक इंतजाम शुरू कर दिए है.

राजस्थान में वैसे तो रबी सीजन में निर्बाध बिजली आपूर्ति राजस्थान डिस्कॉम के लिए चुनौती मानी जाती है. लेकिन इस बार भीषण गर्मी के संकेत के साथ ही एपीजी की किल्लत ने बिजली कम्पनियों को चिंता में डाल दिया है. तीनों डिस्कॉम की बात की जाए तो मार्च माह में तो मांग के मुकाबले पर्याप्त बिजली उपलब्ध है. लेकिन अप्रेल माह से लेकर सितम्बर माह तक औसतन प्रतिदिन 50 लाख यूनिट से लेकर 289 लाख यूनिट तक का "गेप" दर्ज किया गया है. इसके साथ ही शहरी क्षेत्रों एपीजी के विकल्प के रूप में इंडेक्शन के बढ़ते उपयोग से बिजली की डिमाण्ड अनुमान से कही अधिक पहुंचने की स्थित बन गई है. ऐसे में ऊर्जा विभाग ने माहवार गेप एनासिसिस करने के साथ ही बिजली की अतिरिक्त व्यवस्था के लिए कवायद शुरू कर दी है. खुद सूबे के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने केन्द्रीय मंत्री मनोहर लाल को पत्र लिखकर केन्द्रीय पूल में से सितम्बर माह तक के लिए 1500 मेगावाट अतिरिक्त बिजली आवंटन का आग्रह किया है. साथ ही ऊर्जा राज्य मंत्री हीरालाल नागर के निर्देश पर ऊर्जा सेक्टर के अफसरों ने अन्य विकल्पों से भी बिजली लेने के लिए तैयारी शुरू कर दी है. आइए आपको बताते है कि राजस्थान में माहवार कितनी बिजली का शॉर्टफॉल है

बिजली की मांग-उपलब्धता का औसतन प्रतिदिन का गणित
माह :::::::::::::::::::::::::::::::::::उपलब्धता :::::::::::::::::::::::::::::::संभावित डिमाण्ड :::::::::::::::::::::::: कमी या सरप्लस
अप्रेल 2026 :::::::::::::::::: 3404 लाख यूनिट:::::::::::::::::::::::::: 3176 लाख यूनिट::::::::::::::::::::: +287 लाख यूनिट
मई 2026 :::::::::::::::::::::: 3664 लाख यूनिट:::::::::::::::::::::::::: 3700 लाख यूनिट::::::::::::::::::::::: - 36 लाख यूनिट
जून 2026 ::::::::::::::::::::: 3563 लाख यूनिट:::::::::::::::::::::::::: 3742 लाख यूनिट ::::::::::::::::::::::: -179 लाख यूनिट
जुलाई 2026 ::::::::::::::::: 3267 लाख यूनिट:::::::::::::::::::::::::: 3418 लाख यूनिट:::::::::::::::::::::::  -151 लाख यूनिट
अगस्त 2026 ::::::::::::::::: 3468 लाख यूनिट:::::::::::::::::::::::::: 3488 लाख यूनिट::::::::::::::::::::::: -20 लाख यूनिट
सितम्बर 2026 ::::::::::::: 3367 लाख यूनिट:::::::::::::::::::::::::: 3576 लाख यूनिट::::::::::::::::::::::: -209 लाख यूनिट

राजस्थान का मौजूदा पावर ग्राफ
दिन............... 2026.....................................2025
11 मार्च....... 3052 लाख यूनिट....... 3352.56 लाख यूनिट
12 मार्च....... 3047लाख यूनिट....... 3352.20 लाख यूनिट
13 मार्च....... 3016 लाख यूनिट.......3134.24 लाख यूनिट
14 मार्च....... 2984 लाख यूनिट....... 2585.53 लाख यूनिट
15 मार्च....... 2906 लाख यूनिट....... 2733.16 लाख यूनिट
16 मार्च....... 2807 लाख यूनिट....... 2867 लाख यूनिट
17 मार्च....... 2814 लाख यूनिट..... 2910 लाख यूनिट

डिस्कॉम के आंकड़ों को देखते तो मार्च माह में प्रदेशभर में बिजली की मांग में पिछले साल के मुकाबले ज्यादा बढ़ोत्तरी नहीं हुई है. इसके पीछे का कारण ये है कि करीब 3500 मेगावाट के आसपास कुसुम के प्लांट फील्ड में लगे है, जिनसे पैदा हो रही बिजली लोकल लेवल की मांग को पूरा कर रही है. ये डिमाण्ड फिलहाल लोड डिस्पेच सेन्टर के डेटा में नहीं जोड़ी जा रही है. लेकिन शहरों में एकाएक बढ़ी बिजली की मांग से फील्ड अभियंता भी काफी चिंतित है. अकेले जयपुर शहर की बात की जाए तो करीब पांच फीसदी के आसपास डिमाण्ड में तेजी आई है. आइए आपको बताते है जयपुर शहर में पिछले साल के मुकाबले किस तरह बढ़ रहा बिजली आपूर्ति का ग्राफ

अकेले जयपुर में बढ़ी पांच फीसदी डिमाण्ड
दिन :::::::::::::::::::::::::::वर्ष 2025:::::::::::::::::वर्ष 2026
6 मार्च ::::::::::::::::::::::::132 :::::::::::::::::::::::: 144
7 मार्च ::::::::::::::::::::::::131 :::::::::::::::::::::::: 148
8 मार्च ::::::::::::::::::::::::128 :::::::::::::::::::::::: 142
9 मार्च ::::::::::::::::::::::::123 :::::::::::::::::::::::: 157
10 मार्च :::::::::::::::::::::138 :::::::::::::::::::::::: 160
11 मार्च :::::::::::::::::::::151 :::::::::::::::::::::::: 168
12 मार्च :::::::::::::::::::::151 :::::::::::::::::::::::: 167