जैसलमेर: देशभर में स्वर्णनगरी जैसलमेर न्यू ईयर मनाने के लिए पहली पसंद बनती जा रही है. जैसलमेर में इन दिनों देश और दुनिया के कोने कोने से सैलानी आ रहे हैं. नए साल के स्वागत के लिए देसी सैलानियों का हुजूम उमड़ रहा है. इस वर्ष पर्यटकों की आवक को देखते हुए आगामी इन दिनों तक जैसलमेर पूरी तरह से फुल हो गया है. पर्यटकों के हुजूम का अनुमान इसी से लगाया जा सकता है कि यहां सभी 500 होटल इन दिनो फुल है. जिन्होने पहले रूम बुक नहीं करवाए, उन्हे काफी मशक्कत करनी पड़ रही है. जैसलमेर में सैलानियों की बहार आई हुई है.
पर्यटन सीजन अपने पूरे शबाब पर है और इसका सबसे बड़ा असर इस वक्त स्वर्णनगरी जैसलमेर में साफ तौर पर देखा जा सकता है. नव वर्ष से ठीक पहले जैसलमेर पूरी तरह हाउसफुल हो चुका है. शहर के होटल, गेस्ट हाउस, रिसॉर्ट और डेजर्ट कैम्प लगभग भर चुके हैं. देश के अलग–अलग राज्यों से सैलानियों का लगातार आगमन जारी है, जिसके चलते जैसलमेर के दुर्ग, बाजार, झील और धोरों तक हर जगह भारी भीड़ नजर आ रही है. पर्यटन सीजन की मौजूदा स्थिति जैसलमेर में इस वक्त पर्यटन सीजन का चरम साफ महसूस किया जा सकता है. सुबह होते ही सोनार दुर्ग, पटवा हवेलियां,नथमल की हवेली और संग्रहालयों में सैलानियों की लंबी कतारें लग रही हैं. वहीं दोपहर होते-होते शहर के बाजारों में स्थानीय लोगों से ज्यादा सैलानी नजर आने लगते हैं.शाम ढलते ही गड़ीसर झील और सम सैंड ड्यून्स पर्यटकों से खचाखच भर जाते हैं.
देसी सैलानियों का दबदबा इस पर्यटन सीजन में घरेलू सैलानियों की संख्या खासतौर पर ज्यादा नजर आ रही है. गुजरात, महाराष्ट्र, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान के विभिन्न जिलों से सैलानी बड़ी संख्या में जैसलमेर पहुंच रहे हैं. परिवार, युवा वर्ग, दोस्तों के ग्रुप और स्टूडेंट टूर इस समय स्वर्णनगरी की रौनक बढ़ा रहे हैं. सोनार दुर्ग पर स्थिति सुबह के समय सोनार दुर्ग पर सबसे ज्यादा भीड़ देखने को मिल रही है. दुर्ग की प्राचीर, गलियां और आसपास का इलाका पर्यटकों से खचाखच भरा रहता है. कई बार स्थिति यह होती है कि दुर्ग की गलियों में चलने तक की जगह नहीं मिलती. हर कोई इस ऐतिहासिक धरोहर को करीब से देखने और तस्वीरों में कैद करने को बेताब नजर आता है.
बाजारों में रौनक पर्यटन सीजन का असर जैसलमेर के बाजारों में भी स्पष्ट नजर आ रहा है. सोनार दुर्ग के नीचे, हनुमान चौराहा, गोपा चौक, किला पार्किंग और गड़ीसर मार्ग पर दिन भर चहल–पहल बनी रहती है. हस्तशिल्प, कपड़े, ज्वेलरी, लोक कला और स्मृति चिन्हों की जमकर खरीदारी हो रही है. गड़ीसर झील का आकर्षण जैसलमेर की पहचान मानी जाने वाली गड़ीसर झील इन दिनों पर्यटकों का सबसे पसंदीदा स्थल बनी हुई है. दिन भर यहां बोटिंग का सिलसिला चलता रहता है. शाम ढलते ही गड़ीसर झील के आसपास मेला सा माहौल बन जाता है. रेगिस्तान के बीच इतनी बड़ी झील देखकर पहली बार आने वाले सैलानी खुद को रोक नहीं पाते.
सम सेंड ड्यून्स – भीड़ का केंद्र जैसलमेर से करीब 45 किलोमीटर दूर स्थित सेंड ड्यून्स इन दिनों पर्यटकों का सबसे बड़ा केंद्र बन चुका है. शाम होते ही धोरों के बीच लाइटिंग से नहाया हुआ एक अलग ही नज़ारा दिखाई देता है. जहां तक नजर जाती है,वहीं तक सैलानियों का रेला फैला हुआ नजर आता है. ऊंट सफारी और सनसेट सम के धोरों पर ऊंट सफारी का रोमांच हर सैलानी के लिए खास अनुभव बन रहा है. रेत के टीलों पर डूबते सूरज का दृश्य हर किसी को मोबाइल और कैमरे निकालने पर मजबूर कर देता है. बच्चे रेत में खेलते नजर आते हैं तो बड़े उस पल को यादगार बनाने में जुट जाते हैं. पर्यटन कारोबार में तेजी सैलानियों की भारी भीड़ का सीधा फायदा जैसलमेर के पर्यटन कारोबार को मिल रहा है. होटल, रिसॉर्ट, टैक्सी चालक, जीप सफारी, कैमल सफारी, लोक कलाकार और छोटे दुकानदार -हर किसी के काम में तेजी आई है.
रूम रेट और खर्च पर्यटन सीजन के पीक पर पहुंचने के कारण होटलों के रूम रेट में भी इजाफा देखने को मिल रहा है. सामान्य दिनों की तुलना में इस समय रूम रेट काफी बढ़ चुके हैं. इसके बावजूद जैसलमेर आने वाले सैलानियों की संख्या में कोई कमी नजर नहीं आ रही. न्यू ईयर सेलिब्रेशन की तैयारियां नव वर्ष को लेकर जैसलमेर के होटल और रिसॉर्टजोर–शोर से तैयारियों में जुटे हैं. डीजे नाइट,लोक संगीत,डेजर्ट डिनर,थीम पार्टी और विशेष कार्यक्रमों की तैयारी चल रही है. सम सैंड ड्यून्स पर न्यू ईयर सेलिब्रेशन को लेकर अलग ही उत्साह नजर आ रहा है.
शहर की बदली फिजां पर्यटन सीजन और नव वर्ष की दस्तक ने जैसलमेर की फिज़ां ही बदल दी है. शहर में हर तरफ उत्साह, रौनक और खुशियों का माहौल नजर आ रहा है. स्थानीय लोगों के चेहरे पर भी पर्यटन सीजन की वजह से संतोष और मुस्कान साफ दिखाई दे रही है. पर्यटन सीजन में स्वर्ण नगरी जैसलमेर इस वक्त पूरी तरह हाउसफुल हो चुकी है. नव वर्ष से पहले दुर्ग से लेकर धोरों तक सैलानियों का रैली जैसलमेर की पहचान बन गया है. इतिहास, संस्कृति,रेगिस्तान और मेहमाननवाज़ी के साथ जैसलमेर एक बार फिर देश के सबसे पसंदीदा पर्यटन स्थलों में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज करा रहा है.