ईसरदा बांध विस्तार योजना के दूसरे चरण का भूमि अधिग्रहण शुरू, योजना के तहत दूसरे चरण में कुल 4,089.3550 हेक्टेयर भूमि होगी अधिग्रहित, देखिए खास रिपोर्ट

जयपुरः ईसरदा बांध विस्तार योजना के तहत दूसरे चरण के लिए भूमि अधिग्रहण का काम शुरू हो गया है. टोंक व सवाई माधोपुर के 35 गांवों में भूमि अधिग्रहण होगा ताकि योजना के दोनों चरण पूर्ण होने के बाद 1100 से अधिक गांवों को चंबल का पानी दिया जा सके. दूसरे चरण में किस गांव की कितनी भूमि अधिग्रहित होगा और क्या प्रभाव दिखाई देगा.

संशोधित PKC-ERCP परियोजना में शामिल ईसरदा बांध परियोजना के तहत दूसरे चरण में कुल 4,089.3550 हेक्टेयर भूमि की अधिग्रहण किया जाना प्रस्तावित है. अधिग्रहण की प्रस्तावित भूमि में से 1,633.2729 हेक्टेयर गैर कृषि भूमि और शेष 2,456.0821 हेक्टेयर भूमि सिंचित बहुफसल वाली कृषि भूमि शामिल रहेगी. बड़ी बात यह है कि भूमि अधिग्रहण के लिए सामाजिक मूल्यांकन की अंतिम रिपोर्ट जारी कर दी गी है. जिसमें खुलासा किया गया कि किस गांव की कितनी जमीन अधिग्रहित होगी और क्या असर पड़ेगा. यह तक बताया गया कि किस गांव में कितने लोग पढ़े लिखे और क्या काम करते हैं. योजना के बाद क्या प्रभाव पड़ेगा.

योजना के तहत किस गांव में कितनी भूमि होगी अधिग्रहित
टोंक जिले के गांव हयातपुरा की 36.6510 हेक्टेयर, अरनिया तिवारी की 146.1199 हेक्टेयर, 
ककराज खुर्द की 3.6734 हेक्टेयर, गहलोद की 44.6838 हेक्टेयर, 
सोहेला की 30.1954 हेक्टेयर, सवाई की 124.9607 हेक्टेयर, जेबड़िया की 8.4292 हेक्टेयर, 
बोरखंडी खुर्द की 15.4763 हेक्टेयर, भांची की  211.0709 हेक्टेयर, मेहगांव की 10.2862 हेक्टेयर, श्योपुरी की 72.7058 हेक्टेयर, ठेकरिया की  21.5546 हेक्टेयर, 
अरनिया केदार की  122.1310 हेक्टेयर, बलापुरा की  25.0030 हेक्टेयर, 
रौफपुरा खेड़ा की  50.1240 हेक्टेयर, बिठौला की  118.415 हेक्टेयर, देओपुरा की  147.802 हेक्टेयर, चूरिया की  283.699 हेक्टेयर, करीरिया की  291.0365 हेक्टेयर, 
अहमदपुरा चौकी की  64.9410 हेक्टेयर, संग्रोमपुरा की  218.5300 हेक्टेयर, 
गुदलिया की  3.8300 हेक्टेयर, कल्याणपुरा की  278.7600 हेक्टेयर, रूपवास की  89.0600 हेक्टेयर, गोपालपुरा की  26.3500 हेक्टेयर, बानेठा की  380.7200 हेक्टेयर, 
चिरोज की  55.7602 हेक्टेयर, देओली की  19.7452 हेक्टेयर,
के अलावा मंडवार और देवगंज की  873.4303 हेक्टेयर
सवाईमाधोपुर जिले के सोलपुर गांव की  7.3500 हेक्टेयर, 
रायपुर गांव की  77.7700 हेक्टेयर, चौकड़ी की  38.8200 हेक्टेयर और 
चौथ का बरवाड़ा तहसील के ईसरदा गांव की  0.0375 हेक्टेयर भूमि

योजना के दूसरे चरण में टोंक जिले के 35 और सवाई माधोपुर जिले के 4 गांवों में भूमि अधिग्रहण होगा. 39 गांवों की कुल भूमि  29,753.41 हेक्टेयर हैं जिसमें से 4,089.3550 हेक्टेयर भूमि की अधिग्रहण किया जाना प्रस्तावित है. ऐसे में कुल हेक्टेयर भूमि में से 13 प्रतिशत अधिग्रहित होगी. सबसे ज्यादा भूमि अधिग्रहण टोंक जिले के मंडवार और देवगंज गांव में 873.4303 हेक्टेयर भूमि का होना प्रस्तावित है.

ईसरदा बांध एक नजर में 
-ग्राम बनेठा, तहसील उनियारा, टोंक जिले में बनाया जा रहा बांध
-परियोजना पर 1856 करोड़ रुपए खर्च होंगे 
-पहले चरण का काम पूरा, दूसरे चरण का काम शुरू
-प्रथम चरण में भराव 2632 मीटर तक पूर्ण होगा
-जबकि पानी का भंडारण 256 आरएल मीटर तक करके देखा गया
-बांध से दौसा जिले के 1079 व पांच शहरों को मिलेगा पानी
-सवाई माधोपुर जिले के 177 गांव और एक शहर को मिलेगा पानी
-दूसरे चरण में बांध की पूर्ण भराव क्षमता 262 आरएल मीटर तक पानी संग्रहित होगा
-दूसरा चरण पूरा होने के बाद अजमेर को भी पेयजल के लिए जोड़ने का प्रस्ताव
-बांध के ओवरफ्लो में तैयार किए हो चुके कुल 28 गेट, अब पूरा कवर किया जा रहा
-प्रथम चरण में 12 गांवों की भूमि एवं परिसंपत्तियां हुई प्रभावित
-प्रथम चरण में डूब क्षेत्र की कुल 1214.136 हेक्टेयर भूमि अवाप्त 
-दूसरे चरण में 39 गांवों की भूमि व परिसंपत्तियां प्रभावित होंगी 

-बीसलपुर बांध की डाउन स्ट्रीम में बना है बांध
-जयपुर से 125 और बीसलपुर से 25 किलोमीटर की दूरी
-परियोजना की उम्र बताई जा रही 100 साल
-ईसरदा बांध की लंबाई 6 हजार 30 मीटर 
-भराव क्षेत्र 37820 स्क्वायर किलोमीटर 
-बांध की कुल ऊंचाई 33.50 मीटर 
-पानी का स्टोरेज 305 एमसीएम 
-स्काडा सिस्टम से आपरेट किया जा रहा 
-भूकंप रोधी उपकरण लगाए गए
-अधिकतम 14.28 लाख क्यूसेक पानी डाउन स्ट्रीम में निकाला जा सकेगा 

ईसरदा बांध के दोनों चरण पूरे होने के बाद सवाई माधोपुर और टोंक जिले के गांवों को जोड़ा जाएगा. हालाकि पहले चरण के दौरान 400 से अधिक गांवों में पेयजल पहुंच जाएगा. उधर, दूसरे चरण के बाद अजमेर को जोड़ने की योजना है भी है और ईसरदा से ही रामगढ़ बांध को भी जाेड़ा जाएगा. यह काम वर्ष 2028 में पूरा होने का दावा भी किया जा रहा है.

ईसरदा से तहसीलवार पानी की मांग होगी पूरी
जिला--------------तहसील--------जनसंख्या (2054 तक)-------मांग (KLD)
दौसा---------------लालसोट------531070-----------------------33590
दौसा---------------बसवा----------495900----------------------31366
दौसा---------------महवा-----------384062----------------------24292
दौसा---------------दौसा------------564606----------------------35711
दौसा---------------सिकरी----------439048----------------------27770
स.माधोपुर--------चौथका बरवाड़ा--53624-----------------------3392
स.माधोपुर--------मलारना डूंगर-----178212---------------------11272

दौसा व स. मधोपुर का शहरी क्षेत्र
जिला--------------शहरी क्षेत्र--------जनसंख्या (2054 तक)-------मांग (KLD)
दौसा---------------बांदीकुई---------165220----------------------28215
दौसा---------------दौसा-------------186836----------------------31906
दौसा---------------लाससोट---------71630------------------------8238
दौसा---------------महवा-------------25974------------------------2987
स.माधोपुर---------बौंली-------------531337-----------------------80739     

ईसरदा बांध विस्तार योजना पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा लगातार बैठकें ले रहे हैं और पूरे प्रोजेक्ट की कई स्तरों पर मानिटरिंग भी की जा रही है. पहला चरण पूरा हो चुका और सालभर में लाखों लोगों को पेयजल भी उपलब्ध होगा. दूसरे चरण का काम शुरू हो गया और यह पूरा होते ही टोंक व सवाई माधोपुर के 1100 गांवों की तस्वीर भी बदल जाएगी.