जयपुर : संगठन सृजन अभियान के तहत आखिरकार कांग्रेस ने राजस्थान के 45 जिला अध्यक्षों की घोषणा कर दी है. सूची में 12 विधायकों और सात महिलाओं को जिलों में कप्तान बनाया गया है. वहीं सर्वाधिक ओबीसी वर्ग से 16 और एससी-एसटी वर्ग के 17 जिला अध्यक्ष बनाए गए है. 37 नए चेहरों को मौका मिला है तो 8 जिला अध्यक्ष रिपीट हुए है.
कांग्रेस ने अपने संगठन में बड़ा बदलाव करते हुए 50 में से 45 जिला अध्यक्षों का एलान कर दिया है. हालांकि जयपुर शहर सहित 5 जिला अध्यक्षों की घोषणा फिलहाल नहीं हुई है. तीन जगह सहमति नहीं बनने और दो जगह अभी संगठन सृजन अभियान जारी रहने के चलते घोषणा नहीं हुई है. जिला अध्यक्षों की सूची में सियासी और जातिगत समीकरणों का पूरा ख्याल रखा गया है. वहीं दिग्गज नेता अपने समर्थकों को जिला अध्यक्ष बनाने में सफल रहे. सूची में सबसे ज्यादा संगठन को तरजीह दी गई है. प्रदेश नेतृत्व की रायशुमारी से कईं नेताओं को जिला अध्यक्ष बनने का मौका मिला है.
-कांग्रेस के 45 जिला कप्तानों की हुई नियुक्ति
-37 नए चेहरों को बनाया गया जिला अध्यक्ष
-8 जिला अध्यक्षों को किया गया रिपीट
-12 विधायकों को बनाया गया जिलाध्यक्ष
-7 महिला जिला अध्यक्षों की हुई नियुक्ति
-सर्वाधिक OBC वर्ग से बने 16 जिला अध्यक्ष
-एससी औऱ एसटी वर्ग से बने 17 जिला अध्यक्ष
-पांच पूर्व विधायकों को भी मिली जिम्मेदारी
-अल्पसंख्यक वर्ग से बनाए गए 4 जिला अध्यक्ष
-पांच जिला अध्यक्षों की अभी तक नहीं हुई घोषणा
-जयपुर शहर,प्रतापगढ़ और राजसमंद में नहीं बनी सहमति
-अंता उपचुनाव के चलते बारां-झालावाड़ में अभी चयन प्रक्रिया जारी
कांग्रेस ने इस बार जिला अध्यक्षों की नियुक्ति के लिए संगठन सृजन अभियान का सहारा लिया था. जिसके तहत दूसरे राज्यों के पर्यवेक्षकों की रायशुमारी पर पहले छह-छह नामों का पैनल बनाए गए. फिर हाईकमान ने अपने स्तर पर खोजबीन की औऱ राजस्थान के नेताओं से भी चर्चा की. तमाम प्रक्रिया के बाद कल जिला अध्यक्षों की सूची जारी की गई. पीसीसी चीफ गोविंद डोटासरा की नियुक्ति में दबदबा देखने को मिल रहा है. हालांकि अन्य दिग्गज नेता गहलोत और पायलट को भी कईं जगह वरीयता दी गई है. हालांकि अधिकतर अध्यक्ष हाईकमान की मंशा औऱ चयन प्रक्रिया के आधार पर भी बने है. नवनियुक्त जिला अध्यक्षों ने पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा से मिलकर आभार जताया औऱ नई जिम्मेदारी पर खरा उतरने का दावा किया.
नवनियुक्त जिला अध्यक्षों का जल्द अब एक दिन दिल्ली में ट्रेनिंग सेशन होगा. जिसमें राहुल गांधी औऱ अध्यक्ष खड़गे अध्यक्षों से संवाद करेंगे. फिर दस दिन का ट्रेनिंग प्रोग्राम राजस्थान में आयोजित होगा. उसके बाद जिला अध्यक्ष अपने जिलों की कार्यकारिणी का गठन करेंगे. दरअसल राहुल गांधी की मंशा है कि जिला अध्यक्षों को फिर से सियासी रुप से मजबूत बनाया जाए, इसके लिए उन्होंने संगठन सृजन अभियान का मॉडल लागू किया. अब देखते है कि जिलों के नए कप्तान कैसे काम करते है और कैसे सियासी पारी खेलते है.