एक जाजम पर छह राज्यों के स्पीकर्स, विधान मंडलों की समितियों को सशक्त बनाने की रणनीति, देखिए खास रिपोर्ट

जयपुरः विधानसभाओ की समितियों की मजबूती के लिए प्रदेश की विधानसभा के स्पीकर वासुदेव देवनानी की पहल पुरानी है. प्रतिवेदनों को उन्होंने प्रभावी बनाया. अब पूरे देश के विधान मंडलों की समिति प्रणाली की समीक्षा से जुड़ी उच्च स्तरीय बैठक जयपुर में हुई. स्पीकर देवनानी ने मेजबानी की. सीएम भजन लाल शर्मा ने सभी सभी प्रदेशों के स्पीकर्स के साथ सार्थक चर्चा की. तय हुआ कि समितियों की अभिशंषाओं का प्रतिवेदन लोकसभा में जून माह में प्रस्तुत किया जायेगा. बैठक से पहले विधानसभा में हर्बल और नक्षत्र वाटिका का शुभारंभ हुआ स्पीकर्स ने म्यूजियम को देखा.

लोकसभा अध्यक्ष  ओम बिरला ‌की ओर से गठित सात पीठासीन अधिकारियों की उच्च स्तरीय समिति ने मंगलवार को यहां कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ राजस्थान के मंथन सभागार में गहन विचार विमर्श किया समिति में राजस्थान सहित मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, ओडिशा, सिक्किम और पश्चिम बंगाल विधान सभाओं के अध्यक्षों को शामिल किया गया है. समिति के सभापति मध्यप्रदेश विधान सभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर है राजस्थान विधान सभा अध्यक्ष  वासुदेव देवनानी, उत्तर प्रदेश विधान सभा के अध्यक्ष सतीश महाना, हिमाचल प्रदेश विधान सभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया, ओडिशा विधान सभा अध्यक्ष  सूरमा पाढ़ी और सिक्किम विधान सभा अध्यक्ष  मिंगमा नोर्बु शेरपा इस समिति के सदस्य है. पश्चिम बंगाल विधान सभा अध्यक्ष इस बैठक में शामिल नहीं हुए.

...स्पीकर्स की बैठक के निर्णय ...
-  देश में सभी राज्यों के विधान मण्डलों की समितियों की कार्यप्रणाली में एकरूपता लाई जाएगी
- समितियों में विधायकों की भागीदारी बढाने, उन्हें प्रभावी बनाने पर हुआ विचार
-  परीक्षणों की प्रक्रिया की समान बनाने
- समितियों की रिपोर्ट पर राज्य सरकारों द्वारा कार्यवाही कराये जाने
- प्रतिवेदनों पर सदन में चर्चा कराये जाने पर विचार विमर्श हुआ।
- बैठक में देश के विधान मंडलों की समितियों को सशक्त बनाने के लिए समिति प्रणाली पर मंथन हुआ
- सभी राज्यों की समिति की कार्य प्रणाली का अध्ययन हुआ
- उच्च स्तरीय समिति ‌द्वारा तैयार की जाएगी रिपोर्ट 
- रिपोर्ट को जून माह में लोकसभा अध्यक्ष  ओम बिरला को प्रस्तुत किया जायेगा।
- रिपोर्ट प्रस्तुत करने से पहले एक बैठक और आयोजित कर रिपोर्ट पर अंतिम चर्चा की जा सकती है

स्पीकर देवनानी ने बताया कि लोकतंत्र में संसद और विधान सभा की भूमिका महत्वपूर्ण होती है. लोकतंत्र की जीवंतताओं और परम्पराओं का अधिक विकसित करने के लिए सभी विधानमण्डलों की समितियों की कार्यप्रणाली में एकरुपता लाया जाना आवश्यक है    

सीएम भजन लाल शर्मा भी कंस्टीट्यूशन क्लब पहुंचे और विभिन्न राज्यों के विधानसभा अध्यक्षों से मुलाकात की संसदीय लोकतंत्र की मजबूती पर चर्चा की सभी ने एक साथ भोज के कार्यक्रम में शिकरत की. राजस्थानी संस्कृति के अनुरूप स्वागत किया गया. सारंगीवादन से पधारो म्हारे देश की धुन, कच्छी घोडी नृत्य व कठपुतली कला प्रदर्शन हुआ. बैठक से पहले सभी प्रदेशों से आए स्पीकर्स ने विधानसभा परिसर में नक्षत्र और हर्बल वाटिका का शुभारंभ किया. राजनीतिक आख्यान संग्रहालय का अवलोकन भी किया गया. काफी देर तक अन्य प्रदेशों ने राजस्थान विधानसभा के गौरवपूर्ण इतिहास को देखा. स्पीकर देवनानी के नवाचारों की प्रशंसा की और समिति की बैठक का महत्व बताया