सेफ्टी कॉरिडोर में शामिल जमीनों की खरीद-फरोख्त, निर्माणों के चलते ही सड़क का काम भी अटका, देखिए खास रिपोर्ट

जयपुरः राजधानी के जगतपुरा इलाके में एक सड़क पर स्थित हाईटेंशन लाइनों के सेफ्टी कोरिडोर में शामिल जमीनों के खरीद-बेचान का खेल चल रहा है. सेफ्टी कोरिडोर के मापदंडों के विपरीत किए इन निर्माणों के चलते ही सड़क का काम भी अटका हुआ है. 

यह मामला है जगतपुरा इलाके में बॉम्बे हॉस्पिटल के सामने से लेकर रेलवे लाइन तक की 160 फीट सड़क का. इस 160 फीट सड़क पर दो 220-220 केवी की हाईटेंशन लाइनें गुजर रही हैं. नियमों के तहत इन लाइनों के केन्द्र से दोनों तरफ 17.5-17.5 मीटर सेफ्टी कोरिडोर छोड़े जाना जरूरी है. सेफ्टी कोरिडोर के बाद दोनों तरफ 9-9 मीटर सर्विस रोड प्रस्तावित है. लेकिन सेफ्टी कोरिडोर के दायरे में कई निर्माणों के चलते जेडीए की ओर से कुछ ही स्थानों पर सर्विस रोड का निर्माण किया गया है. वहीं दूसरी तरफ स्थानीय लोगों के मुताबिक सेफ्टी कोरिडोर में शामिल जमीनों का खरीद-बेचान किया जा रहा है. आपको बताते हैं कि पूरा मामला क्या है

-जेडीए की ओर इस क्षेत्र में शिव नगर नगर तृतीय वर्ष 2009 में और
-करोल नगर द्वितीय वर्ष 2014 में अनुमोदित की गई थी
-जब इन कॉलोनियों का अनुमोदन किया गया
-तब भी लाइन के दोनों तरफ 17.5-17.5 मीटर सेफ्टी कोरिडोर छोड़ने के प्रावधान लागू थे
-लेकिन इन दोनों ही कॉलोनियों के अनुमोदन में जेडीए के तत्कालीन अधिकारियों ने नहीं रखा ध्यान
-हाईटेंशन लाइन के दोनों तरफ सेफ्टी कोरिडोर का नहीं रखा ध्यान
-सेफ्टी कोरिडोर प्रतिबंधित हिस्से की भूमि में ही आवासीय भूखंड व सुविधा क्षेत्र सृजित कर दिए गए
-शिव नगर तृतीय के एक भूखंड का मामला जब सामने आया तब जाकर जेडीए को अपनी गलती पता चली
-दोनों कॉलोनियों के ले आउट प्लान संशोधन का मामला जेडीए की भवन मानचित्र समिति में रखा गया
-भवन मानचित्र समिति की 18 फरवरी 2025 को हुई बैठक ले आउट प्लान संशोधन का फैसला किया गया
-इसके मुताबिक सेफ्टी कोरिडोर में अनुमोदित किए गए भूखंडों के जेडीए संशोधित पट्टे जारी करेगा
-साथ ही कॉलोनियों का संशोधित ले आउट प्लान भी जारी किया जाएगा
-इस समिति के फैसले की पालना में जेडीए ने संबंधित विकासकर्ता व भूखंडधारियों को नोटिस भी भेजे
-मौके पर सेफ्टी कोरिडोर दर्शान के लिए जेडीए की ओर से नोटिस बोर्ड भी लगाया गया

जेडीए ने अपनी पुरानी गलती सुधारते हुए भवन मानचित्र समिति में फैसला तो कर लिया. लेकिन मौके हालात बताते हैं कि जेडीए ने सेफ्टी कोरिडोर कायम रखने का फैसला पूरी तरह लागू नहीं हो पाया है    

-हाईटेंशन लाइन के दोनों तरफ 9-9 मीटर चौड़ी सर्विस रोड प्रस्तावित है
-जेडीए को जहां खाली भूमि मिली वहां सड़क का निर्माण कर दिया गया
-इसके अधिकतर हिस्से में निर्माणों के चलते कुछ ही हिस्से में सड़क का निर्माण हो पाया है
-सेफ्टी कोरिडोर में चारदिवारी,मकान,दुकान व व्यावसायिक गतिविधियों के निर्माण है
-जानकारों के अनुसार जेडीए सड़क निर्माण पर फोकस करे
-तो ही सेफ्टी कोरिडोर मौके पर कायम हो पाएगा और उसके लिए जगह छोड़ी जाएगी
-सड़क निर्माण पर जेडीए को जोर होगा तो जिन भूखंडों के अब तक नहीं जारी किए हैं संशोधित पट्टे
-उन भूखंडों के भी जेडीए संशोधित भूखंड जारी कर सकेगा
-इसके साथ ही सेफ्टी कोरिडोर में शामिल भूखंडों की खरीद-फरोख्त पर भी अंकुश लगेगा