शनि साढ़ेसाती और ढैय्या की स्थिति, साल 2026 में 3 राशियों पर रहेगी शनि की साढ़ेसाती और 2 पर ढैय्या, जानिए क्या पड़ेगा असर?

शनि साढ़ेसाती और ढैय्या की स्थिति, साल 2026 में 3 राशियों पर रहेगी शनि की साढ़ेसाती और 2 पर ढैय्या, जानिए क्या पड़ेगा असर?

जयपुर: साल 2026 में शनि का गोचर मीन राशि में ही रहेगा, जिससे मेष सहित 3 राशियों पर शनि साढ़ेसाती रहेगी. जबकि दो राशियों पर शनि की ढैय्या का असर रहेगा. इसी के साथ राहु और केतु भी मिलकर इन राशियों के कष्टों को बढ़ाने वाले हैं. साल 2027 तक इन राशियों पर शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या रहने वाली है. ज्योतिषशास्त्र में शनि ग्रह का विशेष महत्व होता है. फ़लित ज्योतिष के शास्त्रो में शनि को अनेक नामों से सम्बोधित किया गया है, जैसे मन्दगामी, सूर्य-पुत्र, शनिश्चर और छायापुत्र आदि.

पाल बालाजी ज्योतिष संस्थान जयपुर जोधपुर के निदेशक ज्योतिषाचार्य डा. अनीष व्यास ने बताया कि शनि सभी ग्रहों में सबसे मंद गति से चलने वाले ग्रह हैं, इसलिए मंदगामी कहलाते हैं. शनि के नक्षत्र पुष्य,अनुराधा, और उत्तराभाद्रपद हैं. शनि मकर, और कुंभ राशि के स्वामी ग्रह हैं. शनि अपनी राशि बदलने में ढाई साल का वक्त लेते हैं. शनि की मंद गति के कारण इनका असर राशियों पर भी काफी समय तक रहता है. शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या जिस राशि में होती है उस राशि का जातक काफी समय तक परेशान रहता है. वर्तमान में शनि मीन राशि में हैं. 

ज्योतिषाचार्य डा. अनीष व्यास ने बताया ज्योतिषीय गणना के अनुसार 2026 में शनि का गोचर पूरे साल मीन राशि में होगा. शनि के इस गोचर की वजह से इस साल मीन समेत कुंभ और मेष राशि पर साढेसाती का प्रभाव बना रहेगा. जबकि इस साल सिंह और धनु राशि पर पूरे साल ढैय्या का प्रभाव रहेगा. इस पर करेले पर नीम चढा संयोग यह है कि कुंभ राशि में राहु और सिेह राशि में केतु का गोचर होगा जो शनि के प्रभाव को और तीव्रता देगा. ऐसे में इन राशियों को कई मामलो में परेशानी हो सकती है. इन राशियों को शनि के उपाय पूरे करने करने होंगे. जबकि 2027 में शनि मेष राशि में प्रवेश करेंगे जिससे 2027 से वृषभ राशि की साढेसाती भी चालू हो जाएगी.

शनि देव हैं न्यायाधीश
ज्योतिषाचार्य डा. अनीष व्यास ने बताया कि नौ ग्रहों में शनि को न्यायाधीश माना गया है. ये ग्रह हमें हमारे कर्मों का फल प्रदान करता है. इसलिए ऐसे कामों से बचना चाहिए, जो गलत हैं. बुरे कर्मों से और बुरी संगत से दूर रहें. किसी का अनादर न करें. माता-पिता की आज्ञा का पालन करें और मेहनत से बचने की कोशिश न करें.

साल 2026 में शनि की साढ़ेसाती
भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक डा. अनीष व्यास ने बताया कि ज्योतिष शास्त्र की गणनाओं के अनुसार साल 2026 में कुंभ राशि पर शनि की साढ़ेसाती का अंतिम चरण रहेगा. मीन राशि पर दूसरा और मेष राशि पर पहला चरण होगा. इस तरह से साल 2026 में कुंभ, मीन और मेष राशि वालों पर साढ़ेसाती का प्रभाव रहेगा. 

साल 2026 में शनि की ढैय्या
भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक डा. अनीष व्यास ने बताया कि वर्ष 2026 में धनु और सिंह राशि वालों पर शनि की ढैय्या का प्रभाव बना रहेगा. 

मेष राशि पर शनि साढ़ेसाती 
भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक डा. अनीष व्यास ने बताया कि साल 2026 में मेष राशि के जातकों पर शनि साढ़ेसाती सिर पर चढ़ती हुई यानी प्रारंभिक अवस्था में ही रहेगी. शनि की साढ़ेसाती के प्रभाव से वर्ष 2027 तक मेष राशि के लोगों को व्यापार में परेशानियों का सामना करना पड़ेगा. आपके अपने बंधु बांधवों से विरोध और अशांति का सामना करना पड़ सकता है. आपके घर परिवार में काफी समस्याएं और परेशानियां पैदा हो सकती हैं. हालांकि, बीच बीत में लाभ के अवसर भी मिलेंगे. बता दें कि वर्ष 2027 में शनि का गोचर मेष राशि में होगी उसके बाद मेष राशिवालों की साढ़ेसाती का दूसरा चरण आरंभ होगा.

कुंभ राशि पर शनि साढ़ेसाती 
भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक डा. अनीष व्यास ने बताया कि कुंभ राशि के लोगों के लिए वर्ष 2026 में शनि साढ़ेसाती का अंतिम चरण आरंभ होगा. यानी आपकी साढ़ेसाती पांव पर उतरी हुई होगी. वर्ष 2026 में राहु आपके लगन में गोचर करते रहेंगे ऐसे में यह समय आपके लिए थोड़ा संघर्षपूर्ण रहने वाला है. आपके पारिवारिक और व्यापार में काफी उथल पुथल देखने को मिल सकती है. हालांकि, आपकी राशि पर शनि साढ़ेसाती का अंतिम चरण होने के साथ ही रजत पाया यानी चांदी होने के कारण रुकावटों के बावजूद कुछ बिगड़े कार्य भी बनते जाएंगे. साथ ही आपकी आय भी ठीक ही रहने वाली है.

मीन राशि पर शनि साढ़ेसाती 
भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक डा. अनीष व्यास ने बताया कि साल 2026 में मीन राशिवालों की शनि साढ़ेसाती का पहले चरण ही रहने वाला है. यानी आपके हृदय पर चढ़ती हुई साढ़ासाती रहने वाली है. साथ ही वर्ष 2026 में शनि का पाया स्वर्ण होने के साथ साथ आपको आर्थिक उलझन, धन का खर्च अधिक रहेगा. आपके लिए इस समय काफी संघर्षपूर्ण दृष्टि रहने वाली है. आपको धन लाभ के अच्छे अवसर प्राप्त होंगे. थोड़ा सेहत का ख्याल रखें क्योंकि, आपको सेहत से जुड़ी परेशानियां काफी रहेंगी. अचानक आपके खर्चे बढ़ सकते हैं.

सिंह राशि पर शनि ढैय्या 
भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक डा. अनीष व्यास ने बताया कि सिंह राशि के जातकों पर शनि की ढैय्या का प्रभाव अधिक रहने वाला है. आपकी आय के साधन सीमित रहेंगे. साथ ही मन में भ्रम की स्थिति रहेगी. आपको हड्डियों से जुड़ी समस्याएं परेशान कर सकती हैं. साथ ही किसी न किसी रोगों का भय रहने वाला है. साथ ही पारिवारिक जीवन में कलह कलैश इस समय ज्यादा रह सकता है. सिंह राशि के जातकों को जून 2027 में शनि की साढ़ेसाती से मुक्ति मिलेगी.

धनु राशि पर शनि ढैय्या 
भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक डा. अनीष व्यास ने बताया कि शनि आपकी राशि से चतुर्थ भाव में होने से आपको आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है. शनि आपको धन हानि के साथ साथ पारिवारिक जीवन में भी ढेर सारी समस्या पैदा होने वाली है. आपको अपने निकट संबंधियों के कारण तनाव रह सकता है. बता दें कि वर्ष 2027 में आपकी शनि की ढैय्या समाप्त होगी.

उपाय 
भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक डा. अनीष व्यास ने बताया कि शनि के अशुभ असर को कम करने के लिए हर शनिवार शनिदेव को तेल चढ़ाने की परंपरा है. इसके अलावा शनिवार के दिन हनुमानजी के दर्शन और पूजा करने से भी शनिदोष से मुक्ति मिलती है. हनुमान जी की पूजा से भी शनि के दोष कम होते हैं. शनि के मंत्र ऊँ शं शनैश्चराय नम: का जाप हर शनिवार को करें. मंत्र जाप कम से कम 108 बार जरूर करें. हर शनिवार तेल का दान करें. इसके लिए एक कटोरी में तेल लें और उसमें अपना चेहरा देखकर तेल का दान करें. शनिवार को काले तिल, कंबल, काली उड़द, लोहे के बर्तनों का और जूते-चप्पलों का दान भी किया जा सकता है.