VIDEO: कांग्रेस से बीजेपी में आए नेताओं का मसला, साल 2025 बीत चुका, लेकिन नहीं हुआ दिग्गज नेताओं का भला, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर: साल बीत चुका है.पूरे बीते साल में बीजेपी के उन नेताओं का भला नहीं हो पाया जो चुनावों के दौरान आए थे कांग्रेस छोड़कर.केवल ज्योति मिर्धा ही ऐसी नेता रही जो एक बार फिर बीजेपी प्रदेश संगठन में प्रदेश उपाध्यक्ष का हासिल कर सकी.लाल चंद कटारिया, महेंद्रजीत सिंह मालवीय जैसे दिग्गज नेताओं को उचित सम्मान की तलाश है. कांग्रेस के कुछ दिग्गज नेताओं को बीजेपी में आने के बाद उम्मीद थी कि साल 2025 उनके लिए शुभ रहेगा,लेकिन ऐसा नहीं हो पाया.कांग्रेस से बीजेपी में आए नेताओं को उचित सम्मान नहीं मिल पाया है.अभी ज्योति मिर्धा को ही महत्वपूर्ण पद मिला है.राज्य बीजेपी में उपाध्यक्ष का पद ज्योति मिर्धा को दिया गया.

ज्योति मिर्धा कांग्रेस से सांसद रह चुकी है और किसान नेता स्वर्गीय नाथू राम मिर्धा की पौत्री है.ज्योति मिर्धा को बीजेपी ने पहले विधानसभा और बाद में लोकसभा का चुनाव लड़ाया था ये अलग बात है वह दोनों चुनाव में हार गई. गहलोत सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके और वागड़ के कद्दावर आदिवासी नेता महेंद्रजीत सिंह मालवीय ने तो कांग्रेस विधायक बनने के बाद अपने मूल दल को छोड़ा और बीजेपी ने डूंगरपुर - बांसवाड़ा लोकसभा से चुनाव मैदान में उतारा अलबत्ता मालवीय हार गए. कहा ये जा रहा है कि मालवीय को ST आयोग की कमान दी जा सकती है.केंद्रीय मंत्री रह चुके और पूर्व कृषि मंत्री लाल चंद कटारिया को उचित प्लेटफॉर्म का इंतजार है अभी तक बीजेपी उनके सियासी मस्तिष्क का उचित उपयोग नहीं कर पाई.कोटपूतली के विधायक रह चुके और पूर्व मंत्री राजेंद्र यादव को उचित स्थान नहीं मिला जबकि उनका सियासी रसूख राजस्थान से बाहर भी है.कोटपूतली जिला बनाने के पीछे भूमिका रही थी.

जयपुर देहात के किसान बेल्ट पर उनकी पकड़ है.कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए बाड़ी विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा को भी बीजेपी ने टिकट दिया था वे भी सफल नहीं रहे.कांग्रेस नेता रामनिवास मीणा को भाजपा में शामिल होने के बाद पार्टी ने टोडाभीम से विधानसभा का चुनाव लड़ाया, लेकिन हार का सामना करना पड़ा.इन सबके बीच कांग्रेस से भाजपा में आये पूर्व विधायक और सचिन पायलट के करीबी दर्शन सिंह गुर्जर को करोली विधानसभा से टिकट दिया, दर्शन ने चुनाव में जीत दर्ज की. खंडेला से सचिन पायलट के ही विश्वस्त रहे सुभाष मील को बीजेपी ने टिकट दिया वो भी जीत गए मील कांग्रेस के टिकट पर भी चुनाव लड़ चुके थे..कांग्रेस के ही पूर्व विधायक रमेश खींची को पार्टी ने कठूमर से विधानसभा चुनाव लड़ाया और जीत हासिल हुई.
 
ये प्रमुख नेता जो कांग्रेस से बीजेपी में आकर सम्मान के इंतजार में:
-डॉ करण सिंह यादव पूर्व सांसद ,पूर्व विधायक
-दो बार अलवर से सांसद रह चुके
-अशोक गहलोत के करीबी नेता रहे
-बीसूका के उपाध्यक्ष रहे
-यादव समाज के बड़े चेहरे
-जयपुर के SMS अस्पताल के अधीक्षक रह चुके
-अलवर का लोकसभा उप चुनाव बड़े अंतर से जीता था

महेंद्रजीत सिंह मालवीय पूर्व मंत्री:
-वागड़ के बड़े आदिवासी नेता
-बागीदौरा से कई बार विधायक रहे 
-कांग्रेस में वागड़ का एकछत्र चेहरा रहे
-बीजेपी में आकर टिकट भी मिला
-हालांकि अभी प्रमुख पद की तलाश

लालचंद कटारिया - पूर्व कृषि मंत्री:
-कांग्रेस का बड़ा चेहरा रहे
-गहलोत सरकार में मंत्री रहे 
-UPA सरकार में मंत्री रह चुके
-जयपुर ग्रामीण से लोकसभा सांसद रहे
-एक बार आमेर से और दो बार झोटवाड़ा से विधायक रहे 
-जाट समाज के कद्दावर नेता
-इनके पिता भी आमेर से विधायक रहे थे
-प्रभाव क्षेत्र - जयपुर जिला 

राजेंद्र यादव - पूर्व गृह राज्य मंत्री:
-कांग्रेस में अहीरवाटी के प्रमुख नेता रहे
-गहलोत सरकार में उच्च शिक्षा, गृह जैसे महकमों के मंत्री रहे 
-जयपुर ग्रामीण की कोटपूतली विधानसभा से विधायक रहे हैं
-कोटपूतली को जिला बनाने में इनका योगदान रहा

रिछपाल मिर्धा पूर्व विधायक:
-कृषक शिरोमणि स्वर्गीय नाथू राम मिर्धा के परिवार से ताल्लुक 
-रिछपाल मिर्धा डेगाना विधानसभा सीट से विधायक रह चुके
-पूर्व सांसद ज्योति मिर्धा के चाचा
-इनके बेटे विजयपाल मिर्धा डेगाना से विधायक रहे
-लालचंद कटारिया के दामाद है विजयपाल
-पिता और ससुर के साथ ही विजयपाल भी बीजेपी में आ गए

आलोक बेनीवाल पूर्व विधायक शाहपुरा:
-आलोक बेनीवाल मूल रूप से कांग्रेसी लेकिन विधायक बने थे निर्दलीय
-आलोक बेनीवाल पूर्व राज्यपाल डॉ. कमला के पुत्र हैं
-कमला ने अपनी पूरी राजनीति कांग्रेस में रहकर की 
-राज्य की उप मुख्यमंत्री भी रही थी डॉ कमला 
-बीजेपी में राव राजेंद्र सिंह के करीब

जेपी चंदेलिया पूर्व विधायक:
-प्रशासनिक पद से सियासत में आए
-पिलानी से कांग्रेस विधायक 
-कांग्रेस का दलित चेहरा रहे
-टिकट कटने पर अलविदा कह दिया
-झुन्झुनूं उपचुनाव में सक्रिय रहे
-बीजेपी में चन्देलिया की सक्रियता

ज्योति खंडेलवाल पूर्व मेयर:
-जयपुर की मेयर रह चुकी
-कांग्रेस का बड़ा चेहरा रही
-जयपुर से लोकसभा का चुनाव भी लड़ा कांग्रेस टिकट पर
-अभी बीजेपी में पद देने की चर्चा थी लेकिन मिला नहीं
-वायरल सूची में इनका नाम आया ज़रूर था

कांग्रेस से बीजेपी में आए नेताओं को सियासी नियुक्ति की तलाश है.हालांकि कुछ नेताओं को बीजेपी ने अपने प्रमुख अभियानों में इन्हें शमिल कर लिया है.जैसे कि राजेंद्र राठौड़ के करीबी प्रताप पूनिया को जिम्मेदारी दी.आत्मनिर्भर भारत अभियान,SIR जैसे अभियानों से जोड़ा है. माना जा रहा पंचायत चुनावों में बीजेपी ऐसे प्रमुख कांग्रेस नेताओं का उपयोग करेगा जिनका अपना सियासी क्षेत्रीय जनाधार है.