बड़े सरकारी अस्पतालों में अब निजी स्वास्थ्य बीमा से मिलेगा फ्री इलाज, चिकित्सा शिक्षा विभाग ने 6 मेडिकल कॉलेजों को किया अधिकृत

बड़े सरकारी अस्पतालों में अब निजी स्वास्थ्य बीमा से मिलेगा फ्री इलाज, चिकित्सा शिक्षा विभाग ने 6 मेडिकल कॉलेजों को किया अधिकृत

जयपुर: बड़े सरकारी अस्पतालों में अब निजी स्वास्थ्य बीमा से फ्री इलाज मिलेगा. चिकित्सा शिक्षा विभाग ने 6 मेडिकल कॉलेजों को अधिकृत किया. जयपुर के SMS मेडिकल कॉलेज, अजमेर के जेएलएन मेडिकल कॉलेज, बीकानेर के एसपीएमसी मेडिकल कॉलेज, जोधपुर के एसएनएमसी मेडिकल कॉलेज, उदयपुर के आरएनटी मेडिकल कॉलेज और कोटा मेडिकल कॉलेज को अधिकृत किया.

इन कॉलेज से अटैच सभी अस्पतालों में निजी स्वास्थ्य बीमा से लाभार्थी इलाज ले सकेंगे. चिकित्सा शिक्षा निदेशालय में अति.निदेशक प्रशासन लोकेश कुमार ने आदेश जारी किए. इन सभी अस्पतालों में निजी स्वास्थ्य बीमा लाभार्थियों के लिए अलग से सुविधा करने के निर्देश दिए. 

दरअसल, अभी तक सभी सरकारी अस्पतालों में मा योजना, आरजीएचएस योजना, नि:शुल्क निरोगी राजस्थान समेत अन्य योजनाओं में मरीजों को फ्री इलाज मिलता है. लेकिन निजी बीमा होने के बावजूद लाभार्थी सरकारी अस्पताल में इलाज नहीं करा सकते थे. जबकि इसमें से कई मरीज ऐसे भी होते है,जो SMS के कुशल चिकित्सकों से इलाज चाहते हैं. इन मरीजों की दिक्कतों को देखते हुए प्रथम चरण में 6 मेडिकल कॉलेजों को अधिकृत किया गया. 

चिकित्सा शिक्षा विभाग ने 6 मेडिकल कॉलेजों को किया अधिकृत: 
-जयपुर के SMS मेडिकल कॉलेज, अजमेर के जेएलएन मेडिकल कॉलेज,
-बीकानेर के एसपीएमसी मेडिकल कॉलेज, जोधपुर के एसएनएमसी मेडिकल कॉलेज,  
-उदयपुर के आरएनटी मेडिकल कॉलेज और कोटा मेडिकल कॉलेज को किया अधिकृत
-इन कॉलेज से अटैच सभी अस्पतालों में निजी स्वास्थ्य बीमा से इलाज ले सकेंगे लाभार्थी
-चिकित्सा शिक्षा निदेशालय में अति.निदेशक प्रशासन लोकेश कुमार ने जारी किए आदेश
-इन सभी अस्पतालों में निजी स्वास्थ्य बीमा लाभार्थियों के लिए अलग से सुविधा करने के निर्देश
-दरअसल, अभी तक सभी सरकारी अस्पतालों में मा योजना, आरजीएचएस योजना,
-नि:शुल्क निरोगी राजस्थान समेत अन्य योजनाओं में मरीजों को मिलता है फ्री इलाज
-लेकिन निजी बीमा होने के बावजूद लाभार्थी नहीं करा सकते थे सरकारी अस्पताल में इलाज
-जबकि इसमें से कई मरीज ऐसे भी होते है,जो SMS के कुशल चिकित्सकों से चाहते हैं इलाज
-इन मरीजों की दिक्कतों को देखते हुए प्रथम चरण में 6 मेडिकल कॉलेजों को किया गया अधिकृत