जयपुर: परिवहन विभाग ने आमजन की सुविधा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए चालान प्रणाली में बड़ा बदलाव किया है. अब राज्य में वाहन चालकों को किसी भी प्रकार के चालान की सूचना सीधे वाट्सएप, SMS और ई-मेल के माध्यम से प्राप्त होगी.
परिवहन विभाग ने अधिसूचना जारी करते हुए सभी वाहन मालिकों को निर्देश दिया है कि वे अपने वाहन से संबंधित मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी को एक माह के भीतर वाहन पोर्टल पर अपडेट कराएं.परिवहन विभाग के अनुसार, ई-डिटेक्शन प्रणाली के शुरू होने के बाद यह कदम आवश्यक हो गया था. ई-डिटेक्शन प्रक्रिया के तहत यातायात नियमों के उल्लंघन, जैसे-बिना हेलमेट या सीट बेल्ट ड्राइविंग, रेड लाइट जंप करना, तेज गति से वाहन चलाना आदि-की स्वचालित पहचान की जाती है और चालान सीधे सिस्टम द्वारा जारी होता है.
ऐसे में अक्सर चालान की जानकारी वाहन मालिकों तक समय पर नहीं पहुंच पाती थी. इस समस्या को दूर करने के लिए अब डिजिटल माध्यमों से चालान की सूचना भेजने की व्यवस्था की गई है.विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह नई व्यवस्था पारदर्शिता और जवाबदेही दोनों को बढ़ाएगी. वाहन मालिकों को अब न तो अनजान चालानों का सामना करना पड़ेगा और न ही बकाया चालान की स्थिति के कारण वाहन पंजीकरण या फिटनेस नवीनीकरण में दिक्कत होगी. साथ ही, सभी वाहन मालिकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके संपर्क विवरण वाहन पोर्टल पर सटीक और अद्यतन (अप-टू-डेट) हों.
अधिसूचना में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई वाहन मालिक निर्धारित अवधि में अपने मोबाइल नंबर या ई-मेल आईडी को अपडेट नहीं करता है, तो चालान से जुड़ी सूचनाओं के अभाव में किसी भी प्रकार की जिम्मेदारी परिवहन विभाग की नहीं होगी. इस नियम का पालन न करने पर वाहन मालिक को भविष्य में कानूनी और प्रशासनिक असुविधाओं का सामना करना पड़ सकता है. परिवहन विभाग ने वाहन पोर्टल के माध्यम से जानकारी अपडेट करने की ऑनलाइन सुविधा भी उपलब्ध कराई है.
इसके लिए वाहन मालिक https://parivahan.gov.in पोर्टल पर जाकर अपने वाहन का पंजीकरण नंबर दर्ज कर सकते हैं और मोबाइल नंबर तथा ई-मेल आईडी जोड़ या संशोधित कर सकते हैं.विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल राज्य में स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम की दिशा में एक अहम कदम है. डिजिटल माध्यम से चालान की सूचना मिलने से न केवल चालान प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी बल्कि लोगों में ट्रैफिक नियमों के पालन को लेकर जागरूकता और अनुशासन भी बढ़ेगा.परिवहन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही विभाग एक विशेष जागरूकता अभियान भी चलाएगा, ताकि अधिक से अधिक वाहन मालिक इस बदलाव से अवगत हों और निर्धारित समय में अपनी जानकारी अपडेट करा सकें.