VIDEO: जेडीए में नए डिजिटल युग की शुरूआत, पहली बार ई जन सुनवाई सिस्टम की शुरूआत, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर: जेडीए में नए डिजिटल युग की शुरूआत हो गई है. जेडीए प्रदेश की पहली ऐसी सरकारी एजेंसी बन गया है, जिसने ई जन सुनवाई सिस्टम को लागू कर दिया है. जेडीए आयुक्त सिद्धार्थ महाजन के इस नवाचार के तहत विभिन्न प्रकरणों में आमजन की ई जन सुनवाई की गई. जेडीए आयुक्त सिद्धार्थ महाजन ने पदभार ग्रहण करने के दिन 29 दिसंबर को जेडीए अधिकारियों की पहली बैठक ली थी. उन्होंने इस पहली बैठक में ही आमजन को राहत देने के उद्देश्य से जेडीए में ई जन सुनवाई सिस्टम का नया आईटी नवाचार लागू करने के निर्देश दिए थे.

जेडीए आयुक्त सिद्धार्थ महाजन के इन निर्देशों के बाद आज सात जनवरी से जेडीए में ई जन सुनवाई सिस्टम लागू कर दिया गया है. इस प्रणाली के तहत प्राप्त शिकायतों व समस्याओं का ऑनलाइन निस्तारण करना शुरू किया गया है. शिकायत दर्ज करने से लेकर उसके निस्तारण तक का सारा काम ऑनलाइन होगा. रोजाना बड़ी तादाद में विभिन्न समस्याओं और शिकायतों को लेकर लोग जेडीए कार्यालयों के चक्कर काटते हैं. आपको बताते हैं कि अब तक किस तरह जेडीए में प्राप्त शिकायतों पर कार्यवाही की जाती रही है.

अब तक कैसे होती शिकायतों पर कार्रवाई?
-राज्य सरकार के संपर्क पोर्टल पर जेडीए से संबंधित कई शिकायतों व समस्याओं से जुड़े परिवाद दर्ज होते हैं
-इन परिवादों पर की गई कार्यवाही की जानकारी शिकायतकर्ता को संपर्क पोर्टल से मिलती है
-इसके अलावा बड़ी संख्या में जेडीए के विभिन्न कार्यालयों में बड़ी तादाद में ऑफलाइन शिकायतें भी प्राप्त होती हैं
-उच्च स्तर से फॉरवर्ड की गई ऑफलाइन शिकायतों या समस्याओं को जेडीए के डॉक्यूमेंट ट्रैकिंग सिस्टम (डीटीएस) पर दर्ज किया जाता है
-लेकिन बड़ी संख्या में दर्ज शिकायतें ऑफलाइन ही रहती है
-इन शिकायतों की ट्रैकिंग नहीं होने के कारण इनके निस्तारण की कोई समय-सीमा निर्धारित नहीं होती
-इसके चलते शिकायत या समस्या दर्ज कराने वाले संबंधित व्यक्ति को जेडीए कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ते हैं
-कई बार इन प्रकरणों में शिकायतकर्ता को जेडीए की तरफ संतोषजनक रिस्पांस नहीं मिलता
-शिकायतकर्ता को यह भी पता नहीं चलता कि उसकी शिकायत पर क्या कार्यवाही की गई
-एक अनुमान के मुताबिक सबसे अधिक शिकायतें जेडीए की प्रवर्तन शाखा से संबंधित रहती हैं

इन सभी परिस्थितियों को देखते हुए जेडीए आयुक्त सिद्धार्थ महाजन की पहल पर ई जन सुनवाई सिस्टम की शुरूआत की गई. आपको बताते हैं कि पहले दिन किस तरह इस सिस्टम के तहत लोगों की सुनवाई की गई.

जोन 5 में 7 प्रकरणों,जोन 9 में 7 प्रकरणों में की जन सुनवाई:
-ई जन सुनवाई के दौरान दिया गया आश्वासन
-दो दिन में प्रकरण निस्तारण का संबंधित व्यक्ति को दिया आश्वासन
-अतिक्रमण की एक शिकायत पर की ई जन सुनवाई
-मुख्य नियंत्रक प्रवर्तन की ओर से की गई जन सुनवाई
-प्रार्थी ने बताया कि प्रवर्तन शाखा की कार्यवाही से है वह संतुष्ट
-जेडीए ने समयबद्ध कार्यवाही कर हटवाया अतिक्रमण
-पहले दिन जेडीए में पहले से दर्ज प्रकरणों में की गई ई जन सुनवाई
-ई जन सुनवाई सिस्टम के तहत जल्द उपलब्ध कराई जाएगी सुविधा
-शिकायतों व समस्याओं को दर्ज कराने की कराई जाएगी सुविधा
-आमजन जल्द जेडीए वेब पोर्टल पर ऑनलाइन करा सकेंगे दर्ज
-शिकायत या समस्या ऑनलाइन करा सकेंगे दर्ज
-जब ई जन सुनवाई सिस्टम के तहत चल रही जन सुनवाई
-तब JDC सिद्धार्थ महाजन कर रहे थे ऑनलाइन मॉनिटरिंग
-जेडीए के चिंतन सभागार से कर रहे थे ऑनलाइन मॉनिटरिंग
-उनके साथ भरतपुर विकास प्राधिकरण के आयुक्त कनिष्क कटारिया,
-अतिरिक्त आयुक्त डॉ.प्रिया बलराम शर्मा,अतिरिक्त आयुक्त प्रतिभा पारीक,
-आईटी सलाहकार आरके शर्मा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी थे मौजूद
-8 जनवरी को भी इस सिस्टम के तहत की जाएगी जन सुनवाई
-जोन 9 की प्रात: 11 से दोपहर 12 बजे,
-जोन 7 की दोपहर 12 से 1 बजे,
-मुख्य नियंत्रक प्रवर्तन की दोपहर 2 से 3 बजे,
-निदेशक अभियांत्रिकी प्रथम की दोपहर 3 से 4 बजे,
-जोन 8 की दोपहर सायं 4 से 5 बजे,
-जोन 11 की से 6 बजे की जाएगी ई जनसुनवाई