जयपुरः अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) जयपुर प्रांत का 61वां प्रांत अधिवेशन आज से जगतपुरा स्थित यूनिवर्सिटी परिसर में प्रारंभ हुआ, अधिवेशन का उद्घाटन मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने किया, यह तीन दिवसीय अधिवेशन 31 दिसंबर तक चलेगा, जिसमें प्रदेशभर से 700 से अधिक छात्र प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं,कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र प्रचारक निम्बाराम मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, अधिवेशन के मुख्य सभागार का नाम ऑपरेशन सिंदूर में शहीद भारतीय वायुसेना के सार्जेंट सुरेंद्र कुमार मोगा के नाम पर रखा गया है, वहीं, वीरांगना रानी अब्बक्का के नाम पर एक विशेष प्रदर्शनी भी लगाई गई है,
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि छात्र एकता ही राष्ट्रीय एकता का आधार है, उन्होंने कहा कि एबीवीपी आज़ादी के बाद बना वह संगठन है, जिसने राष्ट्र को आगे बढ़ाने की स्पष्ट कल्पना की, उन्होंने संगठन के संस्थापक बलराज मधोक एवं केलकर जी के शताब्दी वर्ष का स्मरण करते हुए उन्हें नमन किया, मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिवेशन में आकर उन्हें अपना छात्र जीवन याद आ गया, उन्होंने कहा कि पहले डायरी और पेन लेकर साथियों के पते लिखे जाते थे, आज मोबाइल में नंबर सेव होते हैं, उन्होंने कहा कि यह केवल पाठशाला नहीं, बल्कि परिषद है,मुख्यमंत्री ने कहा कि एबीवीपी दुनिया का सबसे बड़ा छात्र संगठन है, आज़ादी के बाद जब देश की बागडोर तुष्टिकरण और भ्रष्टाचार करने वालों के हाथों में गई, तब 9 जुलाई 1949 को राष्ट्रवादी सोच के साथ एबीवीपी की स्थापना हुई, संगठन हरावल दस्ते की तरह राष्ट्र सेवा में लगा रहा और आज यह विश्व का सबसे बड़ा छात्र संगठन बन चुका है,उन्होंने कहा कि पहले छात्र राजनीति में बहनों की भागीदारी कम होती थी, लेकिन आज बड़ी संख्या में छात्राओं की उपस्थिति देखकर प्रसन्नता हुई,मुख्यमंत्री ने छात्रों से आह्वान किया कि वे प्रतिदिन अपने कार्यों की योजना बनाएं और अधिक से अधिक युवाओं को संगठन से जोड़ें, इससे राष्ट्र निर्माण में अहम योगदान मिलेगा, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2014 के बाद देश में जो परिवर्तन हुआ है, वह पूरी दुनिया देख रही है, उन्होंने कहा कि पहले कहा जाता था कि एक रुपये में से केवल 15 पैसे गरीब तक पहुंचते हैं, लेकिन मोदी सरकार ने भ्रष्टाचार की इस परिभाषा को ही बदल दिया और अब पूरा पैसा लाभार्थी तक पहुंचता है,उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि किसान और गरीब के नाम पर केवल नारे लगाए गए, वास्तविक काम मोदी सरकार ने किया, CAA और घुसपैठ रोकने के प्रयासों पर हो रहे विरोध का भी उन्होंने जिक्र किया,मुख्यमंत्री ने पिछली सरकार पर युवाओं के साथ अन्याय का आरोप लगाते हुए कहा कि पेपर लीक के कारण छात्रों के सपने टूट जाते थे, उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार में अब तक 296 परीक्षाएं आयोजित हुईं और एक भी पेपर लीक नहीं हुआ,उन्होंने बताया कि पेपर लीक में शामिल 398 लोग जेल में हैं और सरकार किसी को नहीं छोड़ेगी,मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अगले पांच वर्षों में 4 लाख सरकारी और 6 लाख निजी नौकरियां देने का लक्ष्य लेकर चल रही है, अब तक 92 हजार नियुक्तियां दी जा चुकी हैं, उन्होंने कहा कि 20 हजार युवाओं को प्रधानमंत्री मोदी के हाथों नियुक्ति पत्र दिलवाए जाएंगे, RPSC, पुलिस और अन्य विभागों में जल्द ही और भर्तियां निकाली जाएंगी,युवा नीति का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार चाहती है कि युवा नौकरी मांगने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बनें, नई शिक्षा नीति को उन्होंने देश को आगे ले जाने वाली नीति बताया,मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस के पांच साल के काम पर सरकार के दो साल भारी हैं, उन्होंने कहा कि जो काम कांग्रेस पांच साल में नहीं कर पाई, वह वर्तमान सरकार ने दो साल में कर दिखाया, कांग्रेस नेता केवल घर बैठकर ट्वीट करते हैं, सामने आकर बात नहीं करते,मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अधिवेशन से उन्हें नई ऊर्जा मिली है और एबीवीपी जैसे संगठन देश के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव हैं,अगर चाहें तो मैं इसे संक्षिप्त संस्करण, फ्रंट-पेज फोकस, या केवल मुख्यमंत्री/RSS भाषण अलग-अलग पैकेज में भी तैयार कर सकता हूँ,
RSS के क्षेत्र प्रचारक निम्बाराम ने अपने संबोधन में कहा कि एबीवीपी स्वामी विवेकानंद को अपना आदर्श मानती है, उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद अंतिम वर्षों में कहा करते थे कि यदि उन्हें अपने विचारों के 100 छात्र भी मिल जाएं, तो वे देश को बदल सकते हैं, इसी सोच से व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण का कार्य प्रारंभ हुआ, उन्होंने कहा कि संघ और उसके अनुषांगिक संगठनों के करोड़ों कार्यकर्ताओं का एक ही लक्ष्य है—समाज के लिए परिवर्तन, उन्होंने संघ के शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में डाक टिकट और स्मारक सिक्के जारी किए गए,निम्बाराम ने कहा कि RSS की कार्यशैली समाज को खड़ा करने वाली है, विपरीत परिस्थितियों में भी संघ का कार्य निरंतर चलता है, जिसे देखकर लोग आश्चर्यचकित होते हैं, उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि RSS का अर्थ “रेडी फॉर सेल्फलेस सर्विस” है,उन्होंने पंडित जवाहरलाल नेहरू के समय चीन युद्ध के दौरान RSS स्वयंसेवकों के योगदान का उल्लेख किया और कहा कि विचार परिवार पर सवाल उठाने वालों को पहले आत्ममंथन करना चाहिए,उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे पांच परिवर्तन अपने घर से शुरू करें, राजनीति में चल रहे आरोप-प्रत्यारोप से विचलित न हों,निम्बाराम ने कहा कि जब संघ ने कार्य शुरू किया था, तब उसका उपहास उड़ाया गया, कम्युनिस्ट कहते थे कि जो हमसे टकराएगा, चूर-चूर हो जाएगा, लेकिन संघ का विचार है कि जो हमसे टकराएगा, वह हममें मिल जाएगा—इसी कारण विरोधियों को संघ से भय लगता है,
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के तीन दिवसीय अधिवेशन में विर्दार्थी परिषद की आगामी रणनिति जिसमें सदस्य जोडना,कैम्पसों में नई शिक्षा निती को बढाना सहित अन्य मुख्य मुद्दों पर चर्चा की जाएगी