नई दिल्ली: इंडिया एनर्जी वीक कार्यक्रम का आयोजन किया गया. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में भारत में बड़ा अवसर है. भारत पेट्रोलियम निर्यातकों में टॉप-5 में से एक है. भारत-EU के बीच बड़ा समझौता हुआ. भारत-EU के बीच ऐतिहासिक FTA हुआ. समझौते से भारत पर दुनिया का भरोसा और बढ़ेगा. भारत तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है. ट्रेड,ग्लोबल चेन सप्लाई मजबूत होगी. हमने नियमों में बदलाव किए. भारत एनर्जी सुरक्षा में आगे बढ़ रहा है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि एनर्जी वीक के नए एडिशन में गोवा में दुनिया के करीब 125 देशों के प्रतिनिधि जुटे हैं. आप एक एनर्जी सुरक्षित और टिकाऊ भविष्य पर चर्चा करने भारत आए हैं. मैं आप सभी का स्वागत अभिनंदन करता हूं. इंडिया एनर्जी वीक बहुत कम समय में संवाद और कार्य का एक ग्लोबल प्लैटफ़ॉर्म बन कर उभरा है. आज एनर्जी सेक्टर के लिए भारत बड़े अवसरों की धरती है. भारत दुनिया की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है.भारत, दुनिया की डिमांड की पूर्ति के लिए भी बेहतरीन अवसर उपलब्ध कराता है. आज हम, दुनिया में पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स के टॉप 5 निर्यातकों में से एक हैं. दुनिया के 150 से भी ज़्यादा देशों तक हमारी एक्सपोर्ट कवरेज है. भारत की ये क्षमताएं आपके बहुत काम आने वाली हैं. इसलिए, एनर्जी वीक का यह प्लेटफॉर्म हमारी पार्टनरशिप को एक्सप्लोर करने का उपयुक्त स्थान है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कल ही भारत और यूरोपीय संघ के बीच एक बहुत बड़ा एग्रीमेंट हुआ है. दुनिया में लोग इसकी चर्चा मदर ऑफ ऑल डील के रूप में कर रहे हैं. यह समझौता भारत के 140 करोड़ लोगों और यूरोपीय देशों के करोड़ों लोगों के लिए बहुत बड़ा अवसर लेकर आया है. यह समझौता, दुनिया की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच तालमेल का एक शानदार उदाहरण है. यह समझौता ग्लोबल GDP के करीब 25 प्रतिशत और ग्लोबल ट्रेड के लगभग एक-तिहाई हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है. यह समझौता ट्रेड के साथ-साथ डेमोक्रेसी और रूल ऑफ लॉ के प्रति हमारी साझा प्रतिबद्धता को भी सशक्त करता है.