"ऊर्जावान राजस्थान" समिट 2026: ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर बोले-देशभर में रिन्यूएबल एनर्जी में कोई हब है तो वो राजस्थान है

जयपुर: फर्स्ट इंडिया का "ऊर्जावान राजस्थान" समिट 2026 का आयोजन किया गया. "RENEWABLE & NON RENEWABLE ENERGY DEVELOPMENT"  समिट का आयोजन हुआ. इस मौके पर ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने कार्यक्रम को संबोधित किया. ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने कहा कि हमारे सत्ता में आने से पहले कितनी बार पावर कट होता था सबको पता है. बार बार बिना पावरकट होता था लेकिन अब ऐसा नहीं है. ढाई साल से राजस्थान में पावर कट की समस्या कम हुई है. बिजली की कमी की वजह से पावर कट नहीं किया जा रहा है. कभी कभी फाल्ट की समस्या सामने आती हैं. लेकिन अब विभाग उसको भी दूर कर रहा है.

ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने कहा कि देशभर में रिन्यूएबल एनर्जी में कोई हब है तो वो राजस्थान है. यहां आने वाले वाली इंडस्ट्री को फायदा हो उसको लेकर काम किया जा रहा है. किसानों को दिन में बिजली देने के हमने प्लान बना रखा है. 2027 तक हम किसानों को दिन में बिजली मुहैया करवाएंगे. कुसुम योजना के तहत सोलर प्लांट लगाए जा रहे है. आने वाले दिनों जब और प्लांट लगेंगे तो किसानों को दिन में बिजली मिलेगी.

ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने कहा कि ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध के दौरान हमने सोचा कि कुछ नया करना होगा. जिस तरह से पेट्रोल को लेकर दिक्कत हुई. तो आने वाले दिनों में हमें EV का प्रोडेक्शन बढ़ाना होगा. ताकि जब ऐसी दिक्कत हो तो पेट्रोल पर निर्भर नहीं रहना पड़े. अब हमें बैट्री लगाने की दिशा में काम करना होगा. ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने कहा कि राजस्थान में बात करते है कि राजस्थान में स्टोरेज और ट्रांसमिशन को लेकर इतने करोड़ों रुपये के प्रोजेक्ट चल रहे है तो कही बाहर बिजली नहीं भेज दें, लेकिन ऐसा नहीं है हम जो कर रहे राजस्थान के भविष्य के लिए कर रहे हैं. डिस्कॉम को निर्देश किए है डी सेंट्रलाइज्ड बैट्री स्टोरेज लगाए.

ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने कहा कि आज हम सौर ऊर्जा की क्षमता को बढ़ा रहे हैं. हम स्टोरेज और ट्रांसमिशन पर काम कर रहे हैं. लगभग 10 हजार करोड़ की लागत के ट्रांसमिशन के प्रोजेक्ट चल रहे हैं.ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने कहा कि आज ऊर्जा के क्षेत्र में राजस्थान में नवाचार हो रहे हैं. ढाई साल पहले सरकार में जब मैंने इस विभाग को संभाला था. उस समय हमारी बिजली की उपलब्धता कैसी थी सबको पता है. मुख्यमंत्री और हमने मिलकर बिजली की व्यवस्था को सुधारा है. पहले राजस्थान में कोयले का संकट था थर्मल पावर के लिए कोयले की कमी थी. लेकिन मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपनी पुरजोर कोशिश की. कोयले की कमी की समस्या दूर हुई और अब थर्मल बिना किसी रुकावट के चल रहे हैं.