VIDEO: केंद्र सरकार का बांधों की सेहत सुधारने पर फोकस, राजस्थान के 315 बांधों की स्थिति की भी मौके पर जांच, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर: प्रदेश में छोटे-बड़े 200 बांधों की सेहत की जांच की जा रही है, वह भी मौके पर जाकर ताकि समय रहते हर समस्या का समाधान किया जा सके डेम सेफ्टी एक्ट के तहत बांधों के रखरखाव का ब्यौरा तैयार किया जा रहा है. जो केंद्र सरकार को भी भेजा जा सकता है. प्रदेश के कितने बांधों की होगी और जयपुर जिले के कितने बांध शामिल.

डेम सेफ्टी एक्ट-2021 के तहत देशभर में पहली बार करीब 6 हजार बांधों की सेहत की जांच शुरू हो चुकी है, जिसमें राजस्थान के 315 बांध भी शामिल हैं. जांच के दौरान बांध की वर्तमान स्थिति की रिपोर्ट तैयार की जा रही है. साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि बांध के भराव क्षेत्र में अब कितने अतिक्रमण हो चुके हैं, जिससे पानी की आवक पर असर पड़ रहा है या नहीं बांध की उम्र भी दिखा जा रही है.

केंद्र सरकार का बांधों की सेहत सुधारने पर फोकस....
देशभर में करीब 6 हजार बांधों की सेहत की हो रही जांच
वर्ष 2021 में बने डेम सेफ्टी एक्ट के तहत पहली बार एक साथ जांच
राजस्थान के 315 बांधों की स्थिति की भी मौके पर जांच
जयपुर जोन के 40, कोटा जोन के 40, जोधपुर जोन के 60
उदयपुर जोन के 114 और बांसवाड़ा जोन के 61 बांधों की जांच
जोनवार बांधों की वर्तमान स्थिति का किया जा रहा निरीक्षण
डेम सेफ्टी एक्ट के तहत तैयार की जा रही एक रिपोर्ट
केंद्र सरकार ने सभी राज्यों से मांगा बांधों के रखरखाव का ब्यौरा
जयपुर जोन के 40 बांधों की देखी जा रही सेहत 
इसमें जयपुर सर्किल के 29 बांधों का होगा निरीक्षण
हर जोन में पांच से छह अधिकारियों की टीम गठित
मानसून पूर्व सभी बांधों का निरीक्षण हो सकता पूरा
हालांकि दिसंबर, 2026 तक जांचनी है बांधों की सेहत 

जयपुर जोन इन बांधों का हो रहा निरीक्षण
बांध
हिंगोनिया
खरड़
कालख सागर
बूचेड़ा
छापरवाड़
शील की डूंगरी
रामगढ़
छितोली
कानोता
कूकस
चंद्राना
माधो सागर
सैंथल सागर
मौरेल
रेरिया
बिनोर सागर
सिंथोली
ढील
सूरवाल
मोरसागर
मानसरोवर
देवपुरा
जग्गर
कालीसिल
पांचना
भेरूंडा
बिशनसमंद
टोरडी सागर
गलवा
मासी
मंगलसर
जयसागर
सिलीसेढ़
बंध बरेठा
पार्वती बांध
बीसलपुर 
ईसरदा 

प्रदेश की बात करें तो हमारे 315 बांधों की सेहत भी देखी जा रही है कि आखिर कब से देखभाल नहीं हो सकी. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के स्पष्ट निर्देश भी हैं कि हर साल मानसून पूर्व बांधों की जांच होनी चाहिए ताकि रखरखाव के साथ ही पानी की बूंद-बूंद को बचाया जा सके. जयपुर जोन के 40, कोटा जोन के 40, जोधपुर जोन के 60 उदयपुर जोन के 114 और बांसवाड़ा जोन के 61 बांधों की जांच की हो रही है. जयपुर के रामगढ़ बांध की जांच के दौरान उसके बहाव क्षेत्र में हुए अतिक्रमणों की जानकारी भी संकलित की गई. सेवानिवृत्त अतिरिक्त मुख्य अभियंता अजय त्यागी के नेतृत्व में पांच इंजीनियरों की टीम जयपुर जोन के बांधों की जांच में लगी है और जल्द ही रिपोर्ट तैयार कर सरकार को सौंपी जाएगी.

राजस्थान ही देशभर में बांधों की जांच कर बड़ी रिपोर्ट तैयार हो रही है और केंद्र इस रिपोर्ट को भी देखेगा. माना तो यह जा रहा है कि जिन राज्यों में बांधों की स्थिति वास्तविक रूप से खराब चल रही है उनके लिए केंद्र से सहायता भी मिल सकती है. यदि ऐसा होगा तो देशभर के अस्वस्थ बांधों में सुधार के बाद उनकी उम्र बढ़ाई जा सकेगी.