जयपुर : आम बीमारियों में दवाएं बेअसर हो रही हैं. सर्दी के प्रकोप के बीच प्रचण्ड रूप ले रही मौसमी बीमारियों ने चिंता बढ़ाई है. राजस्थान के सबसे बड़े SMS अस्पताल की OPD में जबरदस्त भीड़ उमड़ रही है. इसके अलावा अन्य सरकारी और निजी अस्पतालों में भी बेतहाशा मरीज बढ़ रहे हैं.
इन मरीजों में से काफी ऐसे हैं,जो एक माह से सर्दी, खांसी, जुखाम और बुखार से परेशान हैं. लगातार दवाओं का सेवन करने के बावजूद भी दिक्कतों में कुछ राहत नहीं मिल रही है. ऐसे चिंताजनक हालात में अब खुद चिकित्सक "ड्रग रेजिस्टेंस" को स्वीकार कर रहे हैं.
उन्होंने बताया कि आमतौर पर सर्दी, खांसी, जुखाम होने पर लोग स्वयं ही दवाएं ले रे हैं. लोगों में इस तरह की परम्परा के चलते "ड्रग रेजिस्टेंस" जैसी स्थिति पैदा हो गई है. ये ही वजह है कि एंटीबायोटिक, एंटी एलर्जी और कफ सीरफ का प्रभाव कम होने लगा है.
दो दिन पहले पीएम मोदी भी मन की बात प्रोग्राम में इस बात को लेकर चिंता जता चुके हैं. ऐसे में चिकित्सकों ने सलाह दी है कि अनावश्यक मनमानी दवाओं का उपयोग करने से बचे. कोई भी दिक्कत हो तो फिजिशियन की सलाह लेकर ही दवाओं का सेवन करें.