जयपुरः राजस्थान में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है. कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने इस बार दिल्ली में कांग्रेस दफ्तर में प्रेस कान्फ्रेंस करके भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोला है. गोविंद डोटासरा ने बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि SIR की आड़ में मतदाता सूची से एक वर्ग विशेष और कांग्रेस समर्थकों के नाम जानबूझकर काटे जा रहे हैं. डोटासरा ने इसे “लोकतंत्र पर हमला” और “वोट पर डाका” करार दिया.
गोविंद डोटासरा ने आरोप लगाया कि 3 जनवरी तक राजस्थान में SIR की प्रक्रिया सामान्य रूप से चल रही थी, लेकिन 3 जनवरी को जयपुर में बीजेपी के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष की बैठक के बाद पूरा खेल बदल गया. उनके अनुसार, इसी बैठक में फर्जी वोट जोड़ने और वास्तविक वोट काटने का एजेंडा तय किया गया. इसके बाद 13 जनवरी को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के जयपुर प्रवास तक गुप्त रूप से यह प्रक्रिया चलती रही. कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष का दावा है कि इस दौरान हर विधानसभा क्षेत्र के लिए फर्जी कंप्यूटराइज्ड फॉर्म प्रिंट कराए गए और बीजेपी के विधायकों व उम्मीदवारों को पेन ड्राइव के जरिए सौंपे गए. 13 जनवरी की शाम से 15 जनवरी के बीच कई विधानसभा क्षेत्रों में 10 से 20 हजार तक फॉर्म जमा कराकर नाम कटवाने की साजिश रची गई. खास तौर पर उन क्षेत्रों को निशाना बनाया गया, जहां कांग्रेस चुनाव जीत चुकी है. डोटासरा ने कहा कि कई मामलों में बीएलए (बूथ लेवल एजेंट) के फर्जी हस्ताक्षर किए गए. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी नेता बीएलओ से ओटीपी मांगकर फर्जी नाम जोड़ने और वास्तविक नाम काटने की कोशिश कर रहे हैं, जिसके सबूत उनके पास मौजूद हैं.
कांग्रेस नेताओं का दावा है कि चुनाव आयोग के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद बल्क में फॉर्म स्वीकार किए गए. झुंझुनूं में 13,882, मंडावा में 16,276 और खेतड़ी में 1,478 नाम काटने के फॉर्म जमा होने का आरोप लगाया गया है. डोटासरा के मुताबिक, 15 जनवरी तक करीब 1.40 लाख फॉर्म रजिस्टर करवा दिए गए थे. नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने ने बीजेपी पर ‘वोटर लिस्ट मैनिपुलेशन’ का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि रामगढ़, अलवर ग्रामीण, कोटा, जोधपुर और डीडवाना सहित कई क्षेत्रों में एक ही पैटर्न पर फर्जी आपत्तियां लगाई जा रही हैं, जिनमें जीवित लोगों को मृत दिखाने और आपत्तिजनक कारण लिखने जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं.
डोटासरा व जूली ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता अब एसडीएम कार्यालयों में जाकर दावे-आपत्तियों की सूची की निगरानी करेंगे और जहां भी फर्जीवाड़ा होगा, वहां कानूनी कार्रवाई की जाएगी. कांग्रेस ने साफ किया है कि वह राजस्थान में बीजेपी की इस कथित साजिश को सफल नहीं होने देगी और लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा.