द्रव्यवती नदी की बेशकीमती भूमि पर कब्जा, सीतापुरा इंडस्ट्रियल एरिया स्थित भूमि का है मामला, देखिए खास रिपोर्ट

जयपुरः एक तरफ तो जेडीए द्रव्यवती नदी के दोनों तरफ स्थित खाली जमीनों को चिन्हित कर उनसे राजस्व जुटाने की कवायद कर रहा है, वहीं इस नदी प्रोजेक्ट के किनारे करोड़ों रुपए बाजार भाव की भूमि पर सरेआम कब्जा किया जा रहा है. 

मामला है तहसील सांगानेर के पटवार हल्का श्योपुर के ग्राम दहलावास के खसरा नंबर 354 की भूमि का. सीतापुरा इंडस्ट्रीयल एरिया में द्रव्यवती नदी से लगती इस 14 हैक्टेयर भूमि की किस्म गैर मुमकिन नदी है. गैर मुमकिन नदी किस्म वाली यह भूमि जेडीए स्वामित्व की है. पिछले दो-तीन महीने से इस जमीन पर पूरी तरह से कब्जा करने की कवायद है. एक तरफ तो द्रव्यवती नदी प्रोजेक्ट से लगती इस भूमि को कब्जाने के लिए निर्माण किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ जेडीए ने अपने सभी अभियंताओं को इस प्रोजेक्ट के दोनों तरफ खाली जमीनों को चिन्हित करने के निर्देश दिए हैं. ताकि भूमि पर स्पोर्ट्स कॉम्पलैक्स व अन्य गतिविधियां आयोजित कर जेडीए राजस्व जुटा सके. 

-जेडीए प्रशासन ने द्रव्यवती नदी के दोनों तरफ खाली भूमि चिन्हित करने के अभियंताओं को निर्देश दिए थे
-इस कवायद के तहत टोंक रोड पर हल्दीघाटी मार्ग के सामने स्पोर्ट्स कॉम्पलैक्स के लिए भूमि चिन्हित की गई
-चिन्हित की गई 15 हजार वर्ग मीटर भूमि में से 5 हजार वर्गमीटर भूमि पर स्पोर्ट्स कॉम्पलैक्स विकसित किया जाएगा
-जेडीए की पीडब्लूसी स्पोर्ट्स कॉम्पलैक्स के निर्माण के लिए 8 करोड़ रुपए की स्वीकृति भी दे चुकी है
-इस स्पोर्ट्स कॉम्पलैक्स को जेडीए लीज पर देकर राजस्व जुटाएगा
-इसी तरह नदी के अन्य स्थानों पर भी इसी तरह भूमि चिन्हित की जा रही है
-लेकिन इस पूरी कवायद में सवाल यह उठता है कि जमीन तलाशने के दौरान जेडीए अधिकारियों की आखिर इस भूमि क्यो नहीं नजर नहीं पड़ी?
-RUHS के सामने वाली सड़क पर सीतापुरा इंडस्ट्रीयल एरिया में द्रव्यवती नदी प्रोजेक्ट से सटती इस मौके की जमीन पर क्यों नजर नहीं पड़ी?
-बेशकीमती भूमि के इस खेल में क्या जेडीए की प्रवर्तन शाखा के जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत है?
-स्थानीय लोगों के मुताबिक यहां पर कब्जा कोई रातों-रात नहीं हुआ है बल्कि दो से तीन महीने से भूमि हथियाने की कारगुजारी जारी है
-भूमि पर कब्जे के लिए टीनशैड डालकर छोटे से स्थान पर धार्मिक स्थल का निर्माण किया गया है
-गौशाला का संचालन दिखाने के नाम पर भूमि के बड़े हिस्से में बाड़े बनाकर गायों को रखा गया है
-वहीं इसके अलावा कई स्थानों पर टीनशैड डालकर कमरों का निर्माण किया गया है
-कब्जा करने के लिए यहां कई लोगों का निवास भी कराया जा रहा है
-जानकार बताते हैं धार्मिक स्थल और गौशाला के कथित रूप से संचालन की आड़ में पूरी जमीन को डकारने की तैयारी है
-पूरी जमीन डकार कर बड़े स्तर पर निर्माण की तैयारी बताई जा रही है
-भूमि को चारों तरफ जाली लगाकर घेरा गया है और जगह-जगह धार्मिक झंडे लगाए गए हैं
-विशेषज्ञों के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट व हाई कोई के तमाम आदेशों के तहत निर्माण नहीं किया जा सकता
-नदी-नाले की भूमि पर किसी तरह का निर्माण नहीं किया जा सकता