नई दिल्लीः संसद में आज देश का आम बजट पेश होगा. वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण संसद भवन पहुंचीं है. वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी भी साथ मौजूद रहे. थोड़ी देर में संसद भवन में कैबिनेट की बैठक होगी. कैबिनेट की बैठक में बजट को मंजूरी मिलेगी. पीएम मोदी, गृह मंत्री अमित शाह संसद पहुंच चुके है.
कैबिनेट की औपचारिक हरी झंडी के बाद बजट पेश किया जाएगा. सुबह 11 बजे लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही स्पीकर बिरला वित्त मंत्री को आमंत्रित करेंगे. स्पीकर के आमंत्रण के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपना बजट भाषण शुरू करेंगी.
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को बजट की कॉपी सौंपीः
इससे पहले केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लगातार नौवां केंद्रीय बजट पेश करने से पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की. इससे पहले वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण राष्ट्रपति भवन पहुंचीं. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को बजट की कॉपी सौंपी. राष्ट्रपति ने बजट पर औपचारिक मंजूरी दी. आपको बता दें कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज बजट पेश करेंगी. आज सुबह 11 बजे लोकसभा में अपना लगातार 9वां बजट पेश करेंगी.
पहली बार रविवार को बजट पेशः
आजादी के बाद से यह पहली बार रविवार को बजट पेश हो रहा है. अमेरिकी के भारी भरकत टैरिफ ने भारत की चिंता बढ़ाई है. ऐसे में वित्त मंत्री के सामने न केवल विकास की रफ्तार को बनाए रखना है. बल्कि आम आदमी और भारतीय कारोबारियों को इस वैश्विक झटके से सुरक्षित रखना भी है बजट में सरकार का जोर ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ पर जोर रहेगा. भारत सरकार घरेलू उद्योगों को मजबूत करने की तैयारी कर रही है. राजकोषीय घाटे (Fiscal Deficit) को काबू में रखने की भी चुनौती है. वित्त मंत्री का लक्ष्य अगले वित्तीय वर्ष के लिए घाटे को GDP के 4.2% तक सीमित करना है. आगामी चुनावी राज्यों में भी कृपा बरस सकती है.
टैक्स सरलीकरण और महंगाई से राहत पर खास फोकस की उम्मीदः
संसद में आज देश का आम बजट पेश होगा. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट 2026-27 पेश करेंगी. सुबह 11 बजे शुरू होने वाला यह उनका लगातार 9वां बजट होगा. NDA सरकार के तीसरी बार सत्ता में आने के बाद यह दूसरा पूर्ण बजट होगा, बजट में टैक्स सरलीकरण और महंगाई से राहत पर खास फोकस की उम्मीद है. सरकार पूंजीगत खर्च (कैपेक्स) बढ़ाने पर भी जोर दे सकती है. बजट में रक्षा, बुनियादी ढांचा और बिजली क्षेत्र के लिए बड़ी घोषणाएं संभव है. अफोर्डेबल हाउसिंग और कमजोर वर्गों के सशक्तिकरण पर भी ध्यान रहने की संभावना है. आम बजट को लेकर समाज के हर वर्ग में उत्साह और उम्मीदें बनी हुई है.