जयपुर : खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्तालय ने प्रदेश में पहली बार नियुक्त किए गए खाद्य सुरक्षा अधिकारियों में से दो प्रोबेशनर्स को भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते सेवा से बर्खास्त किया है. यह कार्रवाई इसलिए चौंकाने वाली है,क्योंकि इन दोनों अधिकारियों ने अभी अपनी सरकारी नौकरी के दो महीने भी पूरे नहीं किए थे. विभाग ने इस मामले में करप्शन की शिकायत मिलने के बाद अपने स्तर पर जांच की और पुख्ता सबूत मिलने के बाद दोनों अधिकारियों को सीधे नौकरी से बाहर कर दिया.
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्तालय में पहली बार 225 खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की पोस्टिंग हुई है. आयुक्तालय ने साल 2019 और 2022 भर्ती के दो अलग अलग बैचों के सफल कैंडिडेट्स को पिछले साल दिसंबर में ही नियुक्ति दी थी. प्रोबेशन क़ाल में चल रहे फूड सेफ्टी ऑफिसर्स को फिलहाल ट्रेनिंग दी जा रही है. इसके साथ ही विभाग ने इन नवनियुक्त फूड सेफ्टी ऑफिसर्स को फील्ड में काम करने की तैयारी भी शुरू कर रखी है. इसी का फायदा उठाते हुए दो फूड सेफ्टी ऑफिसर्स ने मनचाही पोस्टिंग के लिए साथी कैंडिडेट्स को झांसा देना शुरु कर दिया. बकायदा डेढ से दो लाख रुपयों में मनमर्जी की जगह पोस्टिंग के ऑफर दिए गए. कुछ जगहों से शिकायत आई तो आयुक्तालय में लगे अधिकारियों के कान खड़े हो गए.
आनन-फानन में आयुक्त टी शुभमंगला ने एक टीम गठित कर शिकायत की सत्यता और दोनों नवनियुक्त फूड सेफ्टी अधिकारियों के खिलाफ सबुत जुटाने के निर्देश दिए. अतिरिक्त आयुक्त के निर्देशन में गठित कमेटी ने सभी 225 कैंडिडेट्स में से उन कैंडिडेट्स की तलाश शुरु हुई,जो मनचाही पोस्टिंग के लिए प्रलोभन दे रहे हैं. जांच कमेटी को दो कैंडिडेट्स पर शक हुआ,जिसके बाद डिकॉय ऑपरेशन करते हुए नवनियुक्त खाद्य सुरक्षा अधिकारी राजेंद्र बुढानिया और नीलम कुमारी से फोन पर बात की गई. इस बातचीत में दोनों ने लेनदेन के जरिए मनचाही पोस्टिंग दिलाने का भरोसा दिलाया. सभी तथ्य जुटान के बाद अब दोनों एफएसओ को नौकरी से बर्खास्त किया गया है.
नौकरी कच्ची, रिश्वत पक्की...
-खाद्य सुरक्षा आयुक्तालय में ट्रेनी FSO का कारनामा
-प्रोबेशन काल में ही साथी अफसरों की मलाईदार पोस्टिंग की डील
-बैचमेट कैंडिडेट से प्राइम पोस्टिंग के नाम पर मांगे 2-2 लाख रुपए
-आश्चर्य की बात ये कि ज्वॉइनिंग के महज 50 दिन में ही खेल शुरू
-सूचना मिलने पर चिकित्सा विभाग ने कराई शिकायत की पुष्टि
-...और उसके बाद दोनों ही FSO पर कार्रवाई का चला जबरदस्त डंडा
-ट्रेनी FSO राजेंद्र बुढ़ानिया और नीलम कुमारी को किया गया बर्खास्त
-आयुक्तालय में हाल ही दी गई थी 225 फूड सेफ्टी ऑफिसर को पोस्टिंग
"एसीबी" पैटर्न पर चिकित्सा विभाग का ट्रेप !
-बात खाद्य सुरक्षा आयुक्तालय में ट्रेनी FSO का कारनामा
-फील्ड ट्रेनिंग के दौरान ही साथी प्रोबेशनर्स से वसूली का शुरू किया "खेल"
-बैचमेट कैंडिडेट से मनमर्जी की प्राइम पोस्टिंग के नाम पर मांगे 2-2 लाख रुपए
-ऐसे गंभीर प्रकरणा में खाद्य सुरक्षा आयुक्त टी शुभमंगला ने तैयार किया डिकॉय प्लान
-आयुक्त ने बनाई विभागीय अधिकारियों की टीम, प्रोबेशनर्स से बातचीत के लिए दिए सवाल
-टीम की जब दोनों प्रोबेशनर्स से फोन पर हुई बातचीत, तो वे दिखे पूरे "Confidence"
-विभागीय अफसरों को अन्य साथियों के परिजन समझकर उन्होंने पोस्टिंग के लिए मांगे रुपए
-जब ये तर्क दिया गया कि पोस्टिंग को ऑनलाइन माध्यम से होगी, तो बोले-"वो हम देख लेंगे"
-फोन रिकॉर्ड में मिले तथ्यों के आधार पर आयुक्तालय ने लिया प्रोबेशनर्स FSO सख्त एक्शन
-ट्रेनी FSO राजेंद्र बुढ़ानिया और नीलम कुमारी को जांच के आधार पर किया नौकरी से बर्खास्त
सरकारी नौकरी का अनुभव, फिर भी प्रोबेशनकाल में गंवाई नौकरी !
-बात खाद्य सुरक्षा आयुक्तालय में ट्रेनी FSO के कारनामे से जुड़ी
-जिन दो खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को पैसा मांगने के आरोप में किया बर्खास्त
-उन दोनों ने पूर्व की सरकारी नौकरी छोड़कर ज्वाइन की थी FSO की नौकरी
-विभाग के मुताबिक बर्खास्त FSO राजेंद्र बुढानिया पहले सरकारी टीचर था
-जबकि बर्खास्त FSO नीलम कुमारी लैब असिस्टेंट के पद पर थी कार्यरत