राजस्थान विधानसभा में उद्योग खेल युवा महकमों की अनुदान मांगे पारित, राज्यवर्धन राठौड़ का कांग्रेस पर हमला

जयपुर: राजस्थान विधानसभा में अनुदान मांगों पर जवाब देते हुए युवा, खेल एवं उद्योग मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने धारा प्रवाह बोलते हुए कांग्रेस की पिछली गहलोत सरकार पर जमकर प्रहार किए. राठौड़ ने उद्योग, खेल युवा विभागों की अनुदान मांगो का जवाब देते हुए कहा कि विपक्ष कहता है कि सरकार जनता की ट्रस्ट होती है कांग्रेस की बात पर उन्हें बता दूं कि जब कांग्रेस सरकार में थी तो वो ट्रस्टी थे ट्रस्टी ने ही ट्रस्ट को तोड़ दिया अपने शासन में कांग्रेस ने जनता के साथ कुटाघात किया, इसलिए जनता ने उन्हें विपक्ष में बैठा दिया. राइजिंग राजस्थान’ के जरिए प्रदेश की ब्रांडिंग की गई.उधर कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने राइजिंग राजस्थान को लेकर गंभीर आरोप लगाए ,रफीक खान ने जमीन आवंटन में भ्रष्टाचार के आरोप जड़े.

विधानसभा में उद्योग खेल युवा महकमों की अनुदान मांगो पर सदन में रोचक बहस देखने को मिली.राइजिंग राजस्थान में जमीन के MOU को लेकर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों का कैबिनेट मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने सिलेसिलेवार जवाब दिया.भाजपा सरकार ने राजस्थान प्रमोशन इन्वेस्टर स्कीम के वादे पूरे किए, जबकि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार उन्हें लागू नहीं कर सकी. राठौड़ ने कहा कि लॉजिस्टिक्स के लिहाज से राजस्थान देश का महत्वपूर्ण केंद्र बन रहा है.डायरेक्ट लैंड अलॉटमेंट पर उन्होंने कहा कि पिछली सरकार सीमित भूखंड नीलामी में लाती थी, जबकि वर्तमान सरकार ने हजारों भूखंड पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराए. खैरथल-तिजारा में 38 एकड़ भूमि पर 2200 करोड़ रुपए का निवेश और हैवेल्स जैसी कंपनी का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि बंद पड़ी जमीन को उद्योग में बदला गया.एक विधायक ने यहां कहा कि बंदरबांट हो रही है. अब निवेशकों को तो हम बंदर नहीं मान सकते, वे रोजगार देते हैं, उन्हें भगवान ही मान सकते हैं.उधर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने राठौड़ के वक्तव्य पर तीखा हमला किया.संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने शानदार बताया.

राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कहा कि दो वर्ष पहले जनता ने भाजपा सरकार को जिम्मेदारी दी और सरकार “नियत, नीति और निष्पादन” के सिद्धांत पर काम कर रही है. उन्होंने कहा कि लक्ष्य तय करना और उसे हासिल करना राजस्थान की परंपरा रही है. हम केवल शब्द नहीं, कर्तव्य भारत पारायण होते हैं. जनता से घात नहीं करते, उन्होंने कहा कि द्योग और निवेश के मुद्दे पर मंत्री ने कहा कि ‘राइजिंग राजस्थान’ के जरिए प्रदेश की ब्रांडिंग की गई और युवाओं को वैश्विक पहचान दिलाई गई. सरकार ने वन जिला, वन प्रोडक्ट नीति लागू कर जिलों में बनने वाले उत्पादों को पहचान दिलाई. उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार ने राजस्थान प्रमोशन इन्वेस्टर स्कीम के वादे पूरे किए, जबकि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार उन्हें लागू नहीं कर सकी.

खेल एवं उद्योग मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने पूर्व खेल मंत्री अशोक चांदना पर तंज कसते हुए कहा कि अशोक चांदना जी मजबूत हैं, लेकिन उनके साथ ही उनके राज में खेला हो गया. राठौड़ ने कहा कि वर्तमान सरकार ने पिछले दो वर्षों में खिलाड़ियों के प्रोत्साहन पर 40 करोड़ रुपये खर्च किए हैं, जिसमें सम्मान और प्रोत्साहन राशि दोनों शामिल हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासन के पांच वर्षों में महाराणा प्रताप अवार्ड और गुरु वशिष्ठ अवॉर्ड प्रदान नहीं किए गए. मंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने पुरस्कारों के लिए नाम चिन्हित कर लिए हैं, हालांकि फिलहाल उन्हें गोपनीय रखा गया है. उन्होंने दावा किया कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने और खिलाड़ियों को उचित सम्मान देने के लिए प्रतिबद्ध है.