जयपुर: राजस्थान की राजधानी में मौके की जमीनों का इंच-इंच बेचकर मुनाफा कमाने का बड़ा खेल चल रहा है. जेडीए के नियमों के अनुसार भले ही इन जमीनों पर निर्माण संभव नहीं हो,इसके बावजूद ऊंचे रसूखात के चलते बड़ी इमारतें खड़ी करने की कवायद जारी है. ऐसा ही एक मामला मुख्य गोपालपुरा बायपास पर स्थित करोड़ों रुपए की जमीन का है. यह मामला है गोपालपुरा बायपास पर मौके पर स्थित करोड़ों रुपए बाजार भाव की जमीन का.
द्रव्यवती नदी से लगती दो हजार वर्गगज से अधिक भूमि पर छह महीने पहले चारदीवारी और कोठरियों का निर्माण किया गया. इस निर्माण के जरिए पहले भूमि पर कब्जा किया गया, फिर अब बड़ी इमारत खड़ी करने की कवायद में पहले दिन रात ट्यूबवैल खोदने का काम चल रहा है. यह प्रकरण मित्र गृह निर्माण सहकारी समिति की गोपालपुरा बायपास पर न्यू आतिश मार्केट के नजदीक स्थित न्यू सांगानेर बायपास कॉलोनी का है.
इस पूरे प्रकरण की जानकारी:
-इस न्यू सांगानेर बायपास कॉलोनी का नियमन वर्ष 2002 में किया गया था
-जेडीए की भवन मानचित्र समिति की 12 जून 2002 को हुई बैठक में कॉलोनी का नक्शा अनुमोदित किया गया
-इसके बाद राज्य सरकार के नगरीय विकास विभाग ने 20 नवंबर 2002 को एक आदेश जारी किया था
-इस आदेश के मुताबिक द्रव्यवती नदी के केन्द्र बिंदु से दोनों तरफ 75-75 मीटर की दूरी तक का नियमन नहीं किया जाएगा
-दोनों तरफ 75-75 मीटर का दायरा द्रव्यवती नदी के लिए छोड़ा जाएगा
-राज्य सरकार के इस आदेश के चलते जेडीए की ओर से अनुमोदित नक्शे में नदी के दोनों तरफ के हिस्सों को गैर अनुमोदित कर दिया गया गया
-इसके लिए जेडीए की ओर से जारी नक्शे में नदी के दोनों तरफ के कॉलोनी के हिस्सों को क्रॉस किया गया है
-इसका सीधा मतलब है कि इन हिस्सों में स्थित भूखंडों पर निर्माण नहीं किया जा सकता
-और जेडीए की ओर से इन भूखंडों का पट्टा भी जारी नहीं किया जाएगा
द्रव्यवती नदी के कारण जेडीए की ओर से कॉलोनी के अनुमोदित नक्शे में जिन भूखंडों को चौबीस साल पहले गैर अनुमोदित घोषित किया गया था. उन्हीं भूखंडों पर बड़े स्तर पर निर्माण के लिए अब ट्यूबवैल खोदा जा रहा है.
किस तरह से चल रहा है खेल?
-गोपालपुरा बायपास पर गुर्जर की थड़ी से अजमेर रोड की तरफ जाने पर बायीं तरफ द्रव्यवती नदी से लगती हुई है यह बेशकीमती जमीन
-न्यू सांगानेर बायपास कॉलोनी के नक्शे में द्रव्यवती नदी से लगती जिस भूमि को क्रॉस कर गैर अनुमोदित करार दिया गया था
-उसी भूमि पर दो अलग-अलग हिस्सों में चारदिवारियां बनाकर दो बड़े भूखंड सृजित कर दिए गए हैं
-इन दोनों भूखंडों का आकार दो हजार वर्ग गज से अधिक है
-ये भूखंड एक के पीछे एक न्यू आतिश मार्केट तक काफी लंबाई में चारदिवारी बनाकर सृजित किए गए हैं
-करीब छह महीने पहले रातोंरात निर्माण के लिए सीमेंटेड ईटों से चारदिवारी बनाई गई
-और कोठरीनुमा कमरों का भी निर्माण किया गया है
-स्थानीय लोगों के अनुसार पहले यह भूमि खाली पड़ी थी,
-पहले लगातार काम चलाकर यहां चारदिवारी और कमरों का निर्माण किया गया।
-अब यहां बड़ी इमारत खड़ी करने के इरादे से ट्यूबवैल खोदा जा रहा है
-द्रव्यवती नदी के लिए छोड़ी गई गैर अनुमोदित भूमि पर हुआ बड़े स्तर पर निर्माण की तैयारी किसी गली-कूचे में नहीं
-बल्कि गोपालपुरा बायपास जैसी शहर की ऐसी प्रमुख सड़क की जा रही है
-जिस सड़क पर दिनभर में हजारों वाहन चालकों और राहगीरों की आवाजाही रहती है
-इसके बावजूद जेडीए की प्रवर्तन शाखा के जिम्मेदार अधिकारियों की "नजर" में यह खेल नहीं आना कई सवाल खड़े करता है