VIDEO: विभिन्न योजनाओं के लिए भूमि देने वाले खातेदारों को बड़ी राहत, खातेदारों को आरक्षण पत्र देने की प्रक्रिया को किया ऑनलाइन, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर: जेडीए की योजनाओं के लिए भूमि समर्पित करने वाले खातेदारों को अब ई हस्तारक्षित आरक्षण पत्र जारी किए जाएंगे. जेडीए ने आरक्षण पत्र जारी करने की पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया है. जेडीए आयुक्त सिद्धार्थ महाजन की अध्यक्षता में आज संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया था. इस कार्यक्रम में विभिन्न हितधारकों को आमंत्रित किया गया था. इनमें वे आवेदक भी शामिल थे,जिन्होंने जेडीए के ई जन सुनवाई सिस्टम को लेकर नेगेटिव फीडबैक दिया था. साथ ऐसे लोग भी थे, जो जेडीए की कार्यप्रणाली में सुधार के लिए सुझाव देने के इच्छुक हैं. इस बैठक में शहरी नियोजन, प्रक्रियागत सरलीकरण, जनसुविधाओं के विस्तार तथा जयपुर के समग्र विकास से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया.

साथ ही कार्यक्रम में पधारे आमजन के लम्बित प्रकरणों का भी हाथों हाथ अवोलकन कर संबंधित उपायुक्त को समयबद्ध तरीके से निस्तारण के निर्देश दिए. इस दौरान जेडीए आयुक्त ने जन सुनवाई प्रकरणों की समीक्षा भी की. साथ ही अधिकारियों को बैठक में सुझावों का परीक्षण करवा कर प्राथमिकता के साथ लागू करने के निर्देश दिए. संवाद कार्यक्रम में पधारे हितधारकों ने जेडीए की इस पहल पर संतोष जताया है. इसी बैठक में अधिकारियों ने यह जानकारी दी कि आरक्षण पत्र जारी करने की प्रक्रिया को आज से ऑनलाइन कर दिया गया है. इससे पहले आरक्षण पत्र मैन्युअली जारी किए जाते थे. 

आरक्षण पत्र जारी करने की नई प्रक्रिया?: 
-जेडीए विभिन्न योजनाओं के लिए खातेदारों से भूमि अधिग्रहित करता है
-अवाप्ति की पूरी प्रक्रिया के तहत या खातेदारों से समझौते के तहत जेडीए भूमि अधिग्रहित करता है
-जिस योजना के लिए भूमि ली जाती,कमोबेश उसी योजना में खातेदारों को मुआवजा दिया जाता है
-बतौर मुआवजा खातेदारों को विकसित भूखंड आवंटित किए जाने का प्रावधान है
-लेकिन भूमि अधिग्रहण के समय योजना की प्लानिंग नहीं होती है
-इसके चलते उस समय यह तय नहीं होता है कि किस खातेदार को मुआवजे में कौनसा भूखंड दिया जाएगा
-इसलिए योजना की भूमि समर्पित कराने के बाद प्रारंभिक चरण में जेडीए खातेदार को आरक्षण पत्र जारी करता है
-इस आरक्षण पत्र पर खातेदार का नाम और मुआवजे में दी जाने वाली भूमि का आकार अंकित होता है
-दूसरे शब्दों में आरक्षण पत्र का मतलब भविष्य में मुआवजा दिए जाने का खातेदार का आरक्षण है
-अब तक आरक्षण पत्र जारी करने की प्रक्रिया मैन्युअली ही थी
-लेकिन आज से आरक्षण पत्र जारी करने के लिए जेडीए में पत्रावली अब ऑनलाइन ही चलेगी
-एक कार्मिक से दूसरे कार्मिक के पास पत्रावली ऑनलाइन ही जाएगी
-ई पट्टे की तर्ज पर जारी किए जाने वाले आरक्षण पत्र पर अधिकारी ई साइन करेंगे
-अधिकारियों के ई साइन से ही आरक्षण पत्र जारी किया जाएगा
-आरक्षण पत्र जारी करने की यह प्रक्रिया जेडीए के वेबपोर्टल से इंटीग्रेटेड की गई है
-जैसे ही उपायुक्त आरक्षण पत्र करेंगे जारी,उसका रिकॉर्ड उसी समय वेब पोर्टल पर उपलब्ध हो जाएगा

जेडीए आयुक्त सिद्धार्थ महाजन ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभिन्न योजनाओं में भूमि अधिग्रहण के बदले जारी समस्त आरक्षण पत्रों का डिजिटलीकरण किया जाए और उनका रिकॉर्ड जेडीए की वेबसाइट पर उपलब्ध कराया जाए. आरक्षण पत्र जारी करने की ऑनलाइन प्रक्रिया कई प्रकार से फायदेमंद रहेगी. जहां एक तरफ फर्जीवाड़े पर अंकुश लगेगा वहीं प्लानिंग में भी मदद मिलेगी.

किस तरह बहुआयामी लाभ मिलेंगे?:
-जेडीए में अब जो भी आरक्षण पत्र जारी किया जाएगा व ई हस्ताक्षरित होगा
-और इस ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत वह जेडीए के वेबपोर्टल पर भी उपलब्ध होगा
-पूर्व में जारी सभी आरक्षण पत्रों को वेबपोर्टल पर उपलब्ध कराने का काम शुरू कर दिया गया है
-जेडीए ने अब तक 541 आरक्षण पत्रों को अपने वेबपोर्टल पर उपलब्ध करा दिया है
-पुराने आरक्षण पत्रों को ऑनलाइन करने का काम आगामी छह माह में पूरा होने की उम्मीद है
-अभी तक जेडीए की ओर से जारी आरक्षण पत्रों का कहीं भी एकजाई ऑनलाइन रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं हैं
-आरक्षण पत्रों के ऑनलाइन होने का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि
-किस योजना में किस खातेदार को दिया है आरक्षण पत्र
-इसकी समस्त जानकारी आमजन के लिए वेबपोर्टल पर उपलब्ध होगी
-इसके चलते फर्जी आरक्षण पत्र से होने वाले खरीद-फरोख्त के फर्जीवाड़े पर अंकुश लगेगा
-जेडीए के लिए भी यह डेटा एकजाई उपलब्ध होगा कि किस योजना में कितने आरक्षण पत्र जारी किए हैं
-यह भी पता चल सकेगा कि कितने आरक्षण पत्रों पर मुआवजे के विकसित भूखंड आवंटित कर दिए गए हैं
-और कितने आरक्षण पत्रों के लिए अभी विकसित भूखंड आवंटित करना है शेष
-जेडीए इस डेटा के आधार पर खातेदारों को मुआवजा देने के लिए प्लानिंग कर सकेगा
-खातेदारों को मुआवजे देने के कार्य की ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जा सकेगी
-इसी के कारण बरसों से इंतजार कर रहे खातेदारों को विकसित भूखंड मुआवजा दिया जा सकेगा

आम लोगों को जेडीए से जुड़ी सेवाओं को सुगम,त्वरित और पारदर्शी तरीके से पहुंचाने की दिशा में यह जेडीए का एक महत्वपूर्ण कदम है. इससे भविष्य में खातेदारों को मुआवजे के विकसित भूखंड के शीघ्र आवंटन की राह खुलेगी.