जयपुर: राजस्थान विधानसभा में गुरुवार को प्रश्नकाल में विभिन्न मुद्दों पर सदन गरमा गया. सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली. नोहर में प्रस्तावित बाईपास सड़कों का एलाइनमेंट बदलने पर उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी और नेता प्रतिपक्षटीकाराम जूली के बीच बहस हुई, वहीं आमेर विधानसभा क्षेत्र के चिकित्सालयों में उपलब्ध सुविधाओं पर चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर और नेता प्रतिपक्ष के बीच भी नोकझोंक हुई. चिकित्सा मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने सदन की कार्यवाही का वॉकआउट किया.
राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र में गुरुवार को प्रश्नकाल के दौरान जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठे. पक्ष विपक्ष में जमकर डिबेट भी हुई. विपक्ष ने जहां सरकार के मंत्रियों को घेरने की कोशिश की तो मंत्रियों ने विपक्ष के हमलों का जवाब भी दिया. हालांकि कई सवालों के जवाब में मंत्री भी तैयारी के अभाव में जवाब देने में असहज नजर आए. नोहर क्षेत्र में प्रस्तावित बाईपास सड़कों के निर्माण और एलाइनमेंट बदलाव को लेकर जोरदार बहस हुई. विधायक अमित चाचाण ने विधायक मनोज कुमार की ओर से लिखित प्रश्न उठाते हुए पूछा कि प्रस्तावित चौराहे को टी-पॉइंट में किन राजनीतिक दबावों के कारण बदला गया. उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने जवाब दिया कि किसी दबाव में चौराहे को टी में नहीं बदला गया और नया एलाइनमेंट रोड सेफ्टी रिपोर्ट के आधार पर तय किया गया है. इसके बाद नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकार पर सदन को गुमराह करने और किसानों के हितों की अनदेखी का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि अधिकारी वही है लेकिन बार-बार बदलाव यह बता रहा है कि चाहे तो को लाभ देने की कोशिश की गई है इसकी जांच होनी चाहिए. इस पर दीया कुमारी ने कहा कि अगर ऐसा कुछ है तो उसकी जांच कराई जाएगी.
प्रश्नकाल में भरतपुर के बहनेरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) के भवन निर्माण को लेकर सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई. RLD विधायक एवं पूर्व मंत्री सुभाष गर्ग ने आरोप लगाया कि कलेक्टर की हठधर्मिता के कारण भरतपुर के बहनेरा CHC का निर्माण शुरू नहीं हो पा रहा है. उन्होंने कहा कि यदि मौजूदा भवन की छत गिरती है तो जिम्मेदारी तय होनी चाहिए. जवाब में चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने कहा कि वर्ष 2022-23 में कांग्रेस सरकार ने राजनीतिक दबाव में यह घोषणा की थी, जबकि वहां CHC के मानक पूरे नहीं होते.
वहीं आमेर विधानसभा क्षेत्र के चिकित्सालयों में उपलब्ध सुविधाओं को लेकर भी सदन में हंगामा हो गया. विधायक प्रशांत शर्मा के प्रश्न पर चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह ने आमेर के सैटेलाइट अस्पताल और अन्य पीएचसी की जानकारी दी. इस पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि मंत्री प्रश्न को लेकर भ्रमित हैं. सवाल आमेर नहीं बल्कि अचरोल में स्वीकृत सैटेलाइट अस्पताल को शिफ्ट किए जाने को लेकर था. आरोप लगाया गया कि मंत्री ने मूल प्रश्न का स्पष्ट उत्तर नहीं दिया. जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस विधायकों ने सदन में नारेबाजी की और वॉकआउट कर दिया.
प्रश्नकाल में चित्तौड़गढ़ से विधायक चंद्रभान सिंह ने क्षेत्र में नई राशन दुकान खोलने की आवश्यकता पर सवाल किया. वहीं सवाई माधोपुर जिले में मुख्यमंत्री मंगल पशु बीमा योजना के तहत लंबित दावों को लेकर विधायक इंदिरा मीणा ने प्रश्न उठाया. प्रश्नकाल में निंबाहेड़ा क्षेत्र के पर्यटन स्थलों के विकास और बाड़ी में वक्फ संपत्तियों पर अतिक्रमण का मुद्दा उठा. विधायक श्रीचंद कृपलानी ने निंबाहेड़ा को टूरिस्ट सर्किट में शामिल करने की मांग की. बाड़ी क्षेत्र में वक्फ संपत्तियों पर अतिक्रमण को लेकर प्रश्न उठे. मंत्री सुमित गोदारा ने कहा कि वक्फ बोर्ड की संपत्तियां किराए पर दी जाती हैं और शिकायत मिलने पर जिला प्रशासन कार्रवाई करता है. आसींद विधानसभा क्षेत्र में पुलिस थानों में रिक्त पदों और कोटड़ी न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय के क्रमोन्नयन को लेकर सवाल उठे.विधायक जबर सिंह सांखला ने कहा कि क्षेत्र के पांच थानों में नफरी की कमी है और पूछा कि कब तक रिक्त पद भरे जाएंगे. इस पर गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने बताया कि 10 हजार कांस्टेबल भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई है.