देश-दुनिया में छाया नव वर्ष के जश्न का जोश-जुनून, कल आधी रात बड़े जलसे के बीच कहेंगे Happy New Year 2026

देश-दुनिया में छाया नव वर्ष के जश्न का जोश-जुनून, कल आधी रात बड़े जलसे के बीच कहेंगे Happy New Year 2026

नई दिल्ली : देश-दुनिया में नव वर्ष के जश्न का जोश-जुनून छाया हुआ है. कल आधी रात बड़े जलसे के बीच सभी "हैप्पी न्यू इयर-2026" कहेंगे. लंदन का ट्रैफलगर स्क्वेयर, न्यूयार्क का टाइम्स स्क्वेयर गुलजार होंगे.  

न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, जापान, कोरिया में नव वर्ष एक दिन मनता है. चीन के 1.4 अरब लोग भी एक ही दिन धूमधाम से नव वर्ष मनाते हैं. दरअसल सीजर या पोप ने नव वर्ष का दिन तय किया था. 

1582 में पोप ग्रेगरी अष्टम ने यूरोप में ग्रेगोरियन कैलेंडर लागू किया. इसके बाद तमाम कैथलिक देशों में यह कैलेंडर प्रचलित हो गया. बाद में समय के साथ सभी देशों में  ग्रेगोरियन कैलेंडर प्रचलित है.

उसके बाद से सभी देशों में एक जनवरी को नव वर्ष मनाने की परंपरा है. हालांकि  भारत में चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को नव वर्ष मनाया जाता है. इसके अलावा कई लोग बैसाखी को नव वर्ष का पहला दिन मानते हैं.

 

दक्षिणी राज्यों में भी वहां के हिसाब से नया वर्ष मनाने की परंपरा है. गुजराती लोग दीपावली से नव वर्ष की शुरुआत मानते हैं. इस तरह भारत में दो नव वर्ष मनते हैं, एक क्षेत्रीय, एक राष्ट्रीय मनते हैं.