जयपुर: राजधानी में अवैध कॉलोनियां बसाने का सिलसिला थम नहीं रहा है. सिरसी रोड इलाके में ऐसे ही एक अवैध कॉलोनी बसा कर भू कारोबारी चांदी कूटने की तैयारी कर रहे हैं.
यह मामला है सिरसी रोड के नजदीक महर्षि अरविंद विश्वविद्यालय के सामने स्थित भूमि पर बसाई जा रही अवैध कॉलोनी बजरंग वाटिका ए का. कालवाड़ तहसील के ग्राम निमेड़ा के खसरा नंबर 4 की 2.84 हैक्टेयर भूमि पर यह अवैध कॉलोनी बसाई जा रही है.
--- राजधानी में अवैध कॉलोनियों का नहीं थम रहा सिलसिला ---
सिरसी रोड इलाके में भी बसाई जा रही हैं अवैध कॉलोनियां
ऐसा ही एक मामला है अवैध कॉलोनी बजरंग वाटिका ए का
यह कॉलोनी बसाई जा रही है महर्षि अरविंद विश्वविद्यालय के सामने
कालवाड़ तहसील के ग्राम निमेड़ा की भूमि का है मामला
खसरा नंबर 4 की 2.84 हैक्टेयर भूमि पर बसाई जा रही है कॉलोनी
जेडीए के जोन 12 में सिरसी रोड के पास बसाई जा रही है कॉलोनी
जेडीए की बिना स्वीकृति के धड़ल्ले से चल रहा है काम
अवैध कॉलोनी बसाने के लिए चारदिवारी,दुकानों और
सड़कों का तेजी से चल रहा है निर्माण कार्य
कई दुकानों और भूखंडों पर चारदिवारी का किया जा चुका है निर्माण
स्थानीय लोगों ने जेडीए की प्रवर्तन शाखा को की थी शिकायत
लेकिन प्रवर्तन शाखा के जिम्मेदार अधिकारियों ने नहीं की ठोस कार्रवाई
--- इस अवैध कॉलोनी का ले आउट प्लान है काफी "चर्चित" ---
स्थानीय प्रोपर्टी बाजार में अवैध कॉलोनी का ले आउट प्लान है "चर्चित"
बड़ी सड़कों पर व्यावसायिक भूखंडों के सृजन के कारण है "चर्चित"
200 फीट व 100 फीट की सड़कों पर व्यावसायिक भूखंड किए सृजित
एक सौ फीट रोड पर 27.77 वर्गगज के 35 व्यावसायिक भूखंड किए सृजि
दूसरी सौ फीट रोड इतने ही आकार के 13 व्यावासायिक भूखंड किए सृजित
इसी सौ फीट पर आगे भी 13 व्यावसायिक भूखंड किए हैं सृजित
इसी तरह 200 फीट रोड पर एक तरफ 24 व्यावसायिक और
इस सड़क के दूसरी तरफ 28 व्यावसायिक भूखंड किए गए हैं सृजित
--- जोनल प्लान की बड़ी सड़कों के चलते "चांदी कूटने" की तैयारी ---
जिस भूमि पर अवैध कॉलोनी काटी जा रही है वहां प्रस्तावित हैं सड़कें
जेडीए के जोनल प्लान की 200 फीट,100 फीट की सड़कें हैं प्रस्तावित
200 फीट चौड़ी सड़क और 100-100 फीट की दो सड़कें है प्रस्तावित
जोनल प्लान की 200 फीट सड़क के दोनों तरफ बसाई जा रही कॉलोनी
इन प्रस्तावित सड़कों के कारण भू कारोबारियो की हो गई पौ बारह
नक्शे में इन सड़कों को दिखाकर मुंह मांगे दामों पर बेचे जा रहे भूखंड
भू कारोबारियों ने इस तरह यह कॉलोनी सृजित की है कि हर आय वर्ग के खरीददार की जरूरत का इसमें ध्यान रखा गया है. इस बजरंग वाटिका ए जैसी अवैध कॉलोनियां जेडीए के राजस्व को ही नुकसान नहीं पहुंचा रही हैं, बल्कि शहर के नगर नियोजन की भी धज्जियां उड़ा रही हैं.
--- हर वर्ग की जरूरत के अनुसार 88 से लेकर 300 वर्ग गज तक के भूखंड ---
अलग-अलग आय वर्ग की जरूरत के अनुसार रखे गए हैं कॉलोनी में भूखंड
विभिन्न आय वर्गों की जरूरत के अनुसार रखे गए हैं छोटे व बड़े भूखंड
कॉलोनी में 83.89 वर्गगज,100 वर्गगज,122 वर्गगज,144 वर्गगज,
187 वर्गगज,195 वर्गगज,245 वर्गगज और 305 वर्गगज के हैं भूखंड
निमेड़ा बस स्टैण्ड के नजदीक स्थित बस रही है यह अवैध कॉलोनी
--- अवैध कॉलोनियां लगा रही हैं जेडीए के "खजाने को चूना" ---
बिना कृषि भूमि रूपांतरण प्रक्रिया के बसाई जा रही यह अवैध कॉलोनी
भू राजस्व अधिनियम के तहत कराई जाती 90 ए की कार्यवाही
भूमि रूपांतरण के लिए कराई जाती 90 ए की कार्यवाही तो
जेडीए के खजाने में जमा कराना पड़ता भू रूपांतरण शुल्क
इसके बाद ले आउट प्लान अनुमोदन के लिए देना होता शुल्क
लेकिन लाखों रुपए का शुल्क बचाकर भू कारोबारी ले रहे मौज
इस अवैध कॉलोनी में भूखंड बेचकर भू कारोबारी ले रहे हैं मौज
--- मखमल में टाट का पैबंद बन रही हैं अवैध कॉलोनियां ---
इस कॉलोनी में भूखंड व सुविधा क्षेत्र के निर्धारित अनुपात का नहीं की पालना
60:40 के निर्धारित अनुपात की नहीं की जा रही है पालना
कॉलोनी के ले आउट प्लान के अनुसार नहीं छोड़ी गई है भूमि
पार्क व अन्य सुविधाओं के लिए नहीं छोड़ी गई है कोई भूमि
केवल 30-30 फीट की सड़कें रखते हुए काटे गए हैं भूखंड
शेष पूरी भूमि पर काटे गए हैं आवासीय व व्यावसायिक भूखंड