पावणा पधारो म्हारे देश...पर्यटकों से गुलजार हुआ जैसलमेर, नववर्ष मनाने पहुंच रहे देशी-विदेशी सैलानी 

पावणा पधारो म्हारे देश...पर्यटकों से गुलजार हुआ जैसलमेर, नववर्ष मनाने पहुंच रहे देशी-विदेशी सैलानी 

जैसलमेर: जैसलमेर में इस समय पर्यटन अपने चरम पर है.हालात ऐसे बन गए हैं कि सैलानियों के लिए बाहर कदम रखने तक की जगह नहीं बची है.स्वर्णनगरी जैसलमेर के प्रमुख पर्यटक स्थलों पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी है, जिससे शहर पूरी तरह पर्यटकों से गुलजार नजर आ रहा है.देश ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी बड़ी संख्या में सैलानी जैसलमेर पहुंच रहे हैं और यहां की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक खूबसूरती का आनंद ले रहे हैं.

जैसलमेर किला जिसे सोनार किला भी कहा जाता है, इस समय सबसे ज्यादा भीड़ वाला इलाका बना हुआ है.किले के भीतर स्थित हवेलियों, मंदिरों और बाजारों में सुबह से देर रात तक सैलानियों की आवाजाही बनी हुई है.हालत यह है कि कई बार किले की संकरी गलियों में पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है.किले के अलावा पटवों की हवेली, नाथमल की हवेली, सलीम सिंह की हवेली और गड़ीसर सरोवर पर भी भारी भीड़ देखी जा रही है.

रेगिस्तान सफारी के लिए मशहूर सम, खुहड़ी और लखमणा के धोरों पर भी पर्यटकों का सैलाब उमड़ पड़ा है.शाम के समय सूर्यास्त देखने और ऊंट सफारी, जीप सफारी व लोक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लेने के लिए सैकड़ों वाहन इन इलाकों की ओर पहुंच रहे हैं.इससे कई बार यातायात जाम की स्थिति भी बन रही है.होटल, रिसॉर्ट और होम स्टे लगभग हाउसफुल चल रहे हैं, जबकि कई सैलानी एडवांस बुकिंग न मिलने के कारण परेशान भी नजर आ रहे हैं.

पर्यटन सीजन के चरम पर पहुंचने से स्थानीय व्यापारियों के चेहरे खिल उठे हैं.होटल व्यवसायी, टैक्सी चालक, गाइड, हस्तशिल्प विक्रेता और रेस्तरां संचालकों को अच्छी आमदनी हो रही है.स्थानीय बाजारों में भी रौनक है और पारंपरिक राजस्थानी हस्तशिल्प, कपड़े, आभूषण और स्मृति चिन्हों की जमकर खरीदारी हो रही है. हालांकि, बढ़ती भीड़ के साथ प्रशासन के सामने चुनौतियां भी बढ़ गई हैं.

भीड़ नियंत्रण, यातायात व्यवस्था, पार्किंग और साफ-सफाई को लेकर अतिरिक्त इंतजाम करने पड़ रहे हैं.पुलिस और नगर परिषद की टीमें लगातार व्यवस्था संभालने में जुटी हुई हैं ताकि सैलानियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो.कुल मिलाकर, जैसलमेर इस समय पूरी तरह पर्यटन के रंग में रंगा हुआ है.भारी भीड़ यह साफ संकेत दे रही है कि स्वर्णनगरी की चमक और आकर्षण आज भी बरकरार है और सैलानियों के दिलों पर जैसलमेर का जादू सिर चढ़कर बोल रहा है.