जयपुर: पश्चिम बंगाल में चुनाव परिणाम चार मई का आ रहे. ज्यादातर एक्जिट पोल ने बीजेपी को विजयश्री दिलाई है. बहरहाल चुनाव परिणाम तस्वीर साफ कर देंगे. लेकिन बीजेपी को यहां यह पहुंचाने में पांच प्रमुख किरदारों ने बेहद अहम भूमिका निभाई जिनके कारण कमल की सरकार की चर्चाएं हो रही. इन चेहरों में कुछ फ्रंट पर रहे और कुछ ने नेपथ्य में रहकर अपना काम किया.
पश्चिम बंगाल का विधानसभा चुनाव बीजेपी के लिए किसी सपने से कम नहीं रहा. यहां मिली जीत बीजेपी के लिए सपने के समान होगी. परिणाम तय करेंगे बीजेपी के सपने का लेकिन सपने तक पहुंचने के लिए बीजेपी के पांच उन प्रमुख चेहरों की बात करते है. जिन्होंने बंगाल में ममता बनर्जी के खिलाफ ठोस चुनावी रणनीति बनाने का काम किया. बीजेपी के चुनावी फेस हमेशा की तरह नरेंद्र मोदी रहे जिनकी सभाओं में उमड़ी भीड़ ने बंगाली जन मानस को प्रभावित किया. वही गृह मंत्री अमित शाह ने जमीनी रणनीति बनाई. अमित शाह के चार प्रमुख सिपहसालार रहे केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ,बंगाल बीजेपी के प्रभारी सुनील बंसल,सह प्रभारी अमित मालवीय और सह प्रभारी विप्लव देव.
--- पश्चिम बंगाल में बीजेपी के पांच प्रमुख रणनीतिकार ---
---अमित शाह... गृह मंत्री.. शीर्ष रणनीतिकार ---
शाह को बीजेपी का चाणक्य कहा जाता है
अमित शाह ने बंगाल में बीजेपी की जमीनी रणनीति बनाई
पॉलिटिकल मैनेजमेंट किया
चुनावी वॉर रूम और कंट्रोल रूम को संभालना
चुनावों में डेली अपडेट लेना
जनसभाओं और रोड़ शो के बाद सम्बन्धित जोन का फीडबैक जुटाना
चुनावी जिम्मेदारी प्राप्त स्थानीय नेताओं और प्रवासी नेताओं के साथ रोजाना अपडेट लेना
चुनावी एजेंसियों और सर्वे टीम की मॉनिटरिंग
--- भूपेंद्र यादव केंद्रीय वन पर्यावरण मंत्री ---
साइलेंट किलर और वॉर रूम विशेषज्ञ
चुप रखकर काम करने की शैली
चुनावी राज्यों में काम करने का अनुभव
प्रत्येक विधानसभा सीट का डेली अपडेट लेना
--- सुनील बंसल बीजेपी प्रदेश प्रभारी ---
बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री के साथ बंगाल प्रभारी का जिम्मा
चार साल पहले करीब 2021 से यहां तैनात
बूथ से लेकर प्रदेश तक खड़ा किया पार्टी मैनजमेंट
कुशल संगठन कर्ता, नेपथ्य में रहकर कार्य की शैली
डोर टू डोर बीजेपी को पहुंचाने का काम किया
294 में से 250विधानसभा क्षेत्रों में खुद प्रवास किए वो भी दो दो बार
प्रदेश से लेकर बूथ तक के कार्यकर्ता को नाम और शक्ल से जानना
--- अमित मालवीय बीजेपी बंगाल प्रदेश सह प्रभारी ---
सोशल मीडिया एक्सपर्ट
बंगाल में ममता शासन के खिलाफ नैरेटिव सेट किया
सोशल मीडिया में BJP को फ्रंट पर लाने का काम किया
TMC की नेगेटिविटी को अपना हथियार बनाया
बीजेपी के मेनिफेस्टो को सोशल मीडिया के जरिए प्रसारित प्रचारित करना
--- बिप्लब देव बीजेपी बंगाल प्रदेश सह प्रभारी ---
बंगाल से सटे त्रिपुरा के रह चुके सीएम
बंगाली भाषी और संस्कृति होने का लाभ मिला
जातीय क्षेत्रीय गणित को साधने में ताकत लगाई
फायर ब्रांड इमेज के तौर पर चर्चा में रहे
खास बात ये है कि बंगाल में चुनावी रणनीति बनाने के लिए बीजेपी ने अन्य राज्यों का चुनावी मॉडल नहीं अपनाया. बीजेपी के रणनीतिकारों ने "भय बाहर, भरोसा अंदर, बीजेपी को वोट दें' बंगाल में पीएम मोदी ने विधानसभा चुनावों को 'भय' (डर) की जगह 'भरोसा' (विश्वास) लाने की लड़ाई के तौर पर पेश किया. प्रधानमंत्री ने एक चुनावी रैली में कहा भी था, “पोलिंग के दिन टीएमसी के गुंडे आपको कितना भी डराएं, आपको कानून पर भरोसा रखना चाहिए, इस चुनाव में बंगाल से डर को भगा दिया जाएगा,बीजेपी की शानदार जीत से आत्मविश्वास जागेगा. चुनाव से पहले बीजेपी संगठन को खड़ा किया और नेता भी.
--- बीजेपी की बंगाल में संगठन स्ट्रक्चर ---
बीजेपी कैडर बेस राजनीतिक दल है
बूथ- शक्ति केंद्र पर "त्रिदेव " खड़े किए
.बूथ का लेडर
.बूथ का प्रेसिडेंट
.बूथ का इंचार्ज
-इसी तरह शक्ति केंद्रों पर संगठन संरचना बनाई
नेता प्रतिपक्ष शुवेंदु अधिकारी को आक्रामक नेता के तौर पेश किया
हिंदू फायर ब्रांड के तौर पर
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष शौमिक भट्टाचार्य ने बूथ तक टीम खड़ी की
संगठन महामंत्री अमिताभ चक्रवाती ने विचार परिवार से कोआर्डिनेट किया
हिंदुत्व और राष्ट्रवाद बंगाल का शानदार इतिहास मंदिर और मठ को बीजेपी ने अपने एजेंडे में शामिल किया. साथ ही आधी आबादी को समर्पित बीजेपी के मेनिफेस्टो को महिलाओं के बीच भुनाने की रणनीति बनाई.