जयपुरः SMS ट्रोमा सेन्टर अग्निकांड की जांच रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है. कमेटी ने घटना के दौरान मौजूद परिजन, मेडिकल स्टॉफ के बयान और "SCENE RECREATION" में ICU स्टॉफ की बड़ी लापरवाही पकड़ी है. दरअसल, परिजनों ने 5 अक्टूबर की रात 11:30 बजे स्टॉफ को सूचना दे दी थी. ICU के स्टोर रूम में जलने की बदबू आने और आग दिखने की सूचना दी थी.
इसके बाद एक वार्ड बॉय आया भी, लेकिन स्टोर पर ताला देख वापस चला गया. फिर अचानक आग धधकने लगी और देखते ही देखते ICU में धुआं ही धुआं हो गया. इमरजेंसी के बावजूद वहां मौजूद स्टॉफ उदयसिंह ने अपना ड्यूटी पाइंट ही छोड़ दिया. काले रंग का एक बैग लेकर रात 11:48 बजे उदयसिंह ICU से बाहर चला गया. इसी बीच, नर्सिंगकर्मी योगेश कुमार भी ICU से भागते हुए CCTV फुटेज में नजर आए.
जबकि ICU में आग और धुएं के बीच परिजन अपने मरीज को बाहर निकालने के लिए जुझते दिखे. हालांकि, नर्सिंग कार्मिकों ने कमेटी को अपने बयान में बाहर निकलने के कई बिन्दु गिनाए. कमेटी ने रिपोर्ट में नर्सिंग कार्मिकों के इस तरह के रवैये को काफी गंभीर प्रवृत्ति की लापरवाही माना. रिपोर्ट में लिखा पहले तो स्टॉफ ने परिजनों की आग लगने की शिकायत पर गंभीरता नहीं बरती और जब आग बेकाबू हो गई तो मरीजों को बचाने के बजाय वे ICU का अपना पाइंट छोड़ बाहर आ गए. लापरवाही के बावजूद "जिम्मेदारों" पर कार्रवाई नहीं होना सिस्टम पर कई सवाल उठ रहा.