नई दिल्ली : अखंड भारत के शिल्पी, लौहा पुरुष सरदार पटेल की जयंती आज है. सरदार पटेल राष्ट्रीय एकता के अग्रदूत और अखंड भारत के कुशल शिल्पी थे. पटेल ने आजादी के आंदोलन में किसानों और युवाओं को जोड़ने का काम किया. आजादी से ठीक पहले पूर्वी वीपी मेनन के साथ मिलकर राज्यों में बंटे भारत को एक किया.
छोटी-बड़ी 565 रियासतों का विलीनीकरण कराकर अखंड भारत की मिसाल पेश की. महात्मा गांधी ने सत्य अहिंसा पर आधारित जिस सत्याग्रह के मार्ग को प्रशस्त किया उसको व्यवहार में लाने और उसके आधार पर देश की जनता को एकजुट का श्रेय पटेल को जाता है.
गांधीजी ने 1930 के कराची अधिवेशन में कहा भी था पं.नेहरू विचारक है, सरदार कार्य करने वाले हैं. गुजरात में खेड़ा सत्याग्रह के दौरान सरदार वल्लभ भाई पटेल गांधीजी के निकट आए थे. उसी समय से उन्होंने कोट पैंट और हैट पहनना छोड़ धोती कुर्ता पहनना शुरू कर दिया था.
सूखे से जूझ रहे खेड़ा क्षेत्र के किसानों ने पटेल का साथ देते हुए अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ी. सरदार पटेल की सक्रिय राजनीति में इसी सत्याग्रह के साथ शुरुआत हुई थी. पटेल के इस सत्याग्रह के जरिए ही राष्ट्रीय स्वाधीनता आंदोलन में किसानों की शक्ति का उदय हुआ.
पटेल के नेतृत्व में हुए सत्याग्रह के सामने अंग्रेज सरकार को झुकना पड़ा और किसानों को करों में राहत मिली. सरदार पटेल बहुत ही जल्द चले गए लेकिन उनका राष्ट्र के प्रति समर्पण और त्याग, दृढ़ निश्चय से लिए गए उनके निर्णय सदा हमें उनकी याद दिलाते रहेंगे. सरदार पटेल ने अपनी पूरी ताकत देश की स्वाधीनता और अखंड भारत के निर्माण में लगाई.