जयपुर: जयपुर आरटीओ प्रथम कार्यालय ने चालान फीस (CF) वसूली के मामले में अब तक का सर्वाधिक आंकड़ा पार कर लिया है. 12 मार्च 2026 तक आरटीओ प्रथम द्वारा 50.10 करोड़ रुपये की सीएफ वसूली दर्ज की गई है, जो प्रदेश के किसी भी आरटीओ कार्यालय के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है.
जयपुर आरटीओ प्रथम पूरे राजस्थान में 50 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार करने वाला पहला कार्यालय बन गया है.इस रिकॉर्ड के पीछे विभाग की सख्त निगरानी और RTO राजेंद्र सिंह शेखावत के निर्देशन में लगातार चल रहे प्रवर्तन अभियान की अहम भूमिका रही है. खासतौर पर ओवरलोड वाहनों के खिलाफ की गई कार्रवाई ने इस उपलब्धि में निर्णायक योगदान दिया है. आंकड़ों के अनुसार, जयपुर में अब तक 10,577 ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई की गई है, जो पूरे राजस्थान में हुई कुल कार्रवाई का लगभग 20 प्रतिशत है.
यह दर्शाता है कि ओवरलोडिंग के खिलाफ जयपुर में सबसे अधिक सख्ती बरती जा रही है. परिवहन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, यह सफलता 24 घंटे की सतत निगरानी और परिवहन दलों द्वारा चलाए जा रहे सघन प्रवर्तन अभियान का परिणाम है. विभिन्न चेकिंग पॉइंट्स पर दिन-रात कार्रवाई की जा रही है, जिससे नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों में हड़कंप मचा हुआ है. ओवरलोडिंग पर रोक लगाने के साथ-साथ सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करना भी इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है.
इस पूरी कार्रवाई को परिवहन सचिव शुचि त्यागी और परिवहन आयुक्त पुरुषोत्तम शर्मा के निर्देशों के तहत अंजाम दिया जा रहा है. उनके मार्गदर्शन में आरटीओ प्रथम के अधिकारी राजेंद्र सिंह शेखावत के नेतृत्व में टीम लगातार प्रभावी कार्रवाई कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि विभाग की प्राथमिकता राजस्व बढ़ाने के साथ-साथ सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना भी है, जिसमें ओवरलोडिंग पर नियंत्रण बेहद जरूरी है विशेषज्ञों का मानना है कि ओवरलोड वाहनों के कारण सड़कें जल्दी खराब होती हैं और दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ जाती है.
ऐसे में इस तरह की सख्त कार्रवाई न केवल राजस्व बढ़ाने में सहायक है, बल्कि आम जनता की सुरक्षा के लिए भी बेहद जरूरी है.आरटीओ प्रथम की यह उपलब्धि अन्य जिलों के लिए भी एक उदाहरण , बनकर सामने आई है, कुल मिलाकर, जयपुर आरटीओ प्रथम का यह प्रदर्शन केवल प्रशासनिक दक्षता को दर्शाता है, बल्कि यह भी साबित करता है कि सख्ती और निरंतर निगरानी से बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं.