जयपुरः पीएम स्वनिधि योजना के तहत लोगों को वेण्डिंग और अन्य कार्यों के लिए ऋण देकर स्वावलंबी बनाया जा रहा है. हालांकि इसकी सफलता में बैंक अपना यथोचित योगदान नहीं दे पाए हैं जिसके लिए सीएस वी.श्रीनिवास ने उन्हें मॉनिटरिंग बढ़ाकर प्रगति बेहतर करने के निर्देश दिए हैं.
पीएम स्व निधि योजना के तहत बैंक अपने तय लक्ष्यों को पूरा नहीं कर पा रहे हैं जिससे आत्मनिर्भर भारत बनाने की यह मुहिम इतनी सफल नहीं हों पा रही है.
ये है डाटा एनलिसिस
2.87 लाख ऋण किए मंजूर ,2.77 लाख ऋण दिए
पिछली तिमाही में 0.25 लाख आवेदनों में ऋण किए जारी
कुल मिलाकर 35.50 प्रतिशत प्रगति
तीन किश्तों में से पहली किश्त के 33043 आवेदन,दूसरी किश्त के 27519 आवेदन और तीसरी किश्त के 13142 आवेदन अभी पेंडिंग हैं.
पहली किश्त का 217.01 करोड,दूसरी किश्त का 125.12 करोड,तीसरी किश्त का 43.16 करोड और कुल मिलाकर 385.29 करोड का ऋण किया वितरित.
बैंक द्वारा पहली किश्त के 39620 लॉन,दूसरी किश्त के 30684,तीसरी किश्त के 14111 और ओवर ऑल 84415 लॉन पेंडिंग हैं.
वहीं पहली किश्त का 43.98 प्रतिशत,दूसरी किश्त के 25.44 प्रतिशत,तीसरी किश्त के 12.53 प्रतिशत और कुल मिलाकर 35.50 प्रतिशत लॉन वितरित हुए हैं.
पीएम स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि यानि पीएम स्वनिधि की प्रगति की समीक्षा करते हुए सीएस ने बैंकों द्वारा लंबित आवेदनों का जल्दी, समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के दो टूक निर्देश दिए हैं.