1 जनवरी से बदल जाएंगे ये 10 बड़े नियम! 8वें वेतन आयोग से लेकर PAN-Aadhaar तक बदलाव का असर होगा जेब पर 

1 जनवरी से बदल जाएंगे ये 10 बड़े नियम! 8वें वेतन आयोग से लेकर PAN-Aadhaar तक बदलाव का असर होगा जेब पर 

जयपुर: नए साल 2026 की शुरुआत के साथ ही आम लोगों की ज़िंदगी और जेब से जुड़े कई अहम नियमों में बदलाव होने जा रहे हैं. 1 जनवरी से बैंकिंग, टैक्स, सैलरी, पेंशन और पहचान से जुड़े नियमों में परिवर्तन का असर नौकरीपेशा, पेंशनर्स और मध्यम वर्ग पर साफ दिखाई देगा. आइए जानते हैं इन बड़े बदलावों के बारे में विस्तार से...

PAN-Aadhaar लिंक न होने पर अटक सकता है काम:
अगर पैन और आधार लिंक नहीं है, तो बैंकिंग लेन-देन, इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने और कई वित्तीय सेवाओं में दिक्कत आ सकती है. कुछ मामलों में पैन निष्क्रिय भी हो सकता है, जिससे सरकारी योजनाओं का लाभ मिलना बंद हो सकता है.

बैंक से जुड़ा काम रुक सकता है:
PAN–Aadhaar लिंक न होने पर खाता खोलना, लोन लेना, क्रेडिट कार्ड और बड़े ट्रांजैक्शन प्रभावित हो सकते हैं. बैंक KYC से जुड़े नियम और सख्त कर सकते हैं.

सरकारी योजनाओं का फायदा नहीं मिलेगा:
एलपीजी सब्सिडी, पेंशन, स्कॉलरशिप और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) जैसी योजनाओं के लिए आधार और पैन की सही जानकारी जरूरी होगी.

नया इनकम टैक्स फॉर्म लागू:
इनकम टैक्स विभाग नया ITR फॉर्म लागू कर सकता है, जिसमें खर्च, निवेश और आय के स्रोतों की ज्यादा जानकारी देनी होगी. इससे टैक्स सिस्टम ज्यादा पारदर्शी बनेगा, लेकिन टैक्सपेयर्स को सतर्क रहना होगा.

हर खर्च पर रहेगी नजर:
डिजिटल ट्रांजैक्शन, बैंक FD, शेयर और म्यूचुअल फंड निवेश की जानकारी टैक्स सिस्टम से ज्यादा जुड़ेगी. बड़ी नकद लेन-देन पर निगरानी बढ़ सकती है.

8वें वेतन आयोग से सैलरी और पेंशन में बढ़ोतरी की उम्मीद:
केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 8वें वेतन आयोग को लेकर चर्चाएं तेज हैं. अगर लागू होता है, तो सैलरी और पेंशन में बढ़ोतरी संभव है, हालांकि इस पर अंतिम फैसला सरकार का होगा.

क्रेडिट स्कोर अब ज्यादा बार होगा अपडेट:
अब क्रेडिट स्कोर साल में एक-दो बार नहीं, बल्कि हर हफ्ते अपडेट हो सकता है. इससे लोन लेने वालों को फायदा होगा, लेकिन देरी से भुगतान करने वालों पर तुरंत असर दिखेगा.

FD और लोन की दरों में बदलाव संभव:
क्रेडिट स्कोर और बैंकिंग नीतियों में बदलाव के चलते फिक्स्ड डिपॉजिट और लोन की ब्याज दरों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है.

डिजिटल बैंकिंग और KYC नियम सख्त:
ऑनलाइन फ्रॉड रोकने के लिए KYC नियम और कड़े किए जा सकते हैं. मोबाइल नंबर, ईमेल और पहचान दस्तावेज अपडेट रखना जरूरी होगा.

आम आदमी पर सीधा असर:
इन सभी बदलावों का असर नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों, पेंशनर्स और छात्रों पर पड़ेगा. इसलिए नए साल से पहले अपने जरूरी दस्तावेज और बैंकिंग काम पूरे कर लेना बेहतर होगा.