जयपुरः राजस्थान सरकार ने राज्य के परिवहन क्षेत्र में पारदर्शिता, सख्ती और तकनीकी उन्नति की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए ‘ई-डिटेक्शन एप्लीकेशन सिस्टम’ की शुरुआत की है. इस नई तकनीक का उद्देश्य राज्यभर में चल रहे वाणिज्यिक वाहनों की निगरानी करना और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर स्वतः कार्रवाई सुनिश्चित करना है.
परिवहन विभाग की ई-डिटेक्शनव्यवस्था राज्य के टोल प्लाज़ा और ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे पर नियमों की स्वचालित पहचान और तत्काल चालान जारी करने की क्षमता रखती है. प्रथम चरण में यह प्रणाली परिवहन वाहनों, जैसे ट्रक, बस, टैक्सी आदि पर लागू की गई है. इन वाहनों की रियल टाइम निगरानी की जाएगी और नियम उल्लंघन की स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जाएगी.
चालू वित्तीय वर्ष में बजट घोषणा के तहत ई-डिटेक्शन प्रणाली को राजस्थान में लागू किया गया है.
इस तकनीक के तहत टोल प्लाज़ा से गुजरने वाले वाहनों का डिजिटल डेटा स्कैन किया जाएगा, और यदि कोई वाहन नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो स्वचालित चालान जनरेट होगा.
यह एप्लीकेशन राज्य में एनएचएआई (NHAI) के 145 और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) के 13 टोल प्लाज़ा पर चरणबद्ध रूप से लागू किया जा रहा है.
किन बातों की होगी जांच?
ई-डिटेक्शन एप्लीकेशन निम्नलिखित बिंदुओं पर स्वचालित रूप से वाहन की स्थिति को जांचेगा:
वाहन की फिटनेस वैध है या नहीं
बीमा की वैधता
प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (PUC)
वाहन पर ओवरलोडिंग या अवैध परिवहन गतिविधि
किसी भी नियम के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित वाहन स्वामी को डिजिटली चालान भेजा जाएगा
परिवहन विभाग का उद्देश्य है कि आगामी चरणों में यह तकनीक राज्य के सभी जिलों में लागू की जाए और सभी प्रकार के निजी वाणिज्यिक वाहनों को इसके दायरे में लाया जाए. इसके तहत टैक्स चोरी, रोड सेफ्टी उल्लंघन और अवैध परिवहन गतिविधियों को जड़ से खत्म करने का लक्ष्य रखा गया है. परिवहन सचिव शुचि त्यागी ने बताया कि यह पहल डिजिटल राजस्थान और स्मार्ट ट्रांसपोर्ट प्रशासन की दिशा में राज्य को एक नई ऊंचाई पर ले जाएगी.
इस प्रणाली के लाभ
भ्रष्टाचार पर नियंत्रण: अब इंस्पेक्टर की मैन्युअल जांच की बजाय डिजिटल डेटा के आधार पर कार्रवाई होगी.
कानून की सख्ती से पालना: कोई भी नियम तोड़ने वाला अब सिस्टम से नहीं बच सकेगा.
सड़क और पर्यावरण सुरक्षा: ओवरलोड वाहन, बिना बीमा या प्रदूषण फैलाने वाले वाहन नियंत्रित होंगे.
जनता को राहत: पारदर्शी चालान प्रणाली से वाहन स्वामी को समय पर सूचना और ऑनलाइन भुगतान की सुविधा मिलेगी.