मासूमों को बीमार कर रहे स्ट्रीट फूड ! उदयपुर में असुरक्षित भोजन मिलने की दर सबसे अधिक

मासूमों को बीमार कर रहे स्ट्रीट फूड ! उदयपुर में असुरक्षित भोजन मिलने की दर सबसे अधिक

जयपुर : मासूमों को "स्ट्रीट फूड" बीमार कर रहे हैं. बात खाद्य सुरक्षा आयुक्तालय के दिसम्बर माह के विशेष जांच अभियान से जुड़ी है. बच्चों के खाद्य पदार्थों में शामिल केक, पेस्ट्री और कुकीज जैसे ब्रेकरी आइटम, शीतल पेय पदार्थ के अलावा स्ट्रीट फूड के 670 सर्विलांस सैम्पल उठाए गए. 

इस दौरान सर्वाधिक गुणवत्ता से समझौता रेडी-टू-ईट और स्ट्रीट फूड में मिला. जांच के दौरान कुल फेल हुए नमूनों में से अकेले 41.3% सैम्पल इसी श्रेणी के थे. इसके अलावा पेय पदार्थ के 30.7% नमूनों में खामियां देखने को मिली. जबकि केक, पेस्ट्री और कुकीज जैसे उत्पादों की श्रेणी 24% चिन्हित की गई.

विशेष रूप से उदयपुर में 'असुरक्षित' भोजन मिलने की दर सबसे अधिक रही. जबकि कोटा शहर में लिए गए खाद्य नमूने मानकों पर पूरी तरह खरे उतरे. हालांकि, इस बारे में खाद्य आयुक्त टी. शुभमंगला ने स्पष्ट किया है की ये सैम्पल सर्वे है.

मासूमों को बीमार कर रहे "स्ट्रीट फूड" !
-बात खाद्य सुरक्षा आयुक्तालय के दिसम्बर माह के विशेष जांच अभियान से जुड़ी
-बच्चों के खाद्य पदार्थों में शामिल केक, पेस्ट्री और कुकीज जैसे ब्रेकरी आइटम,
-शीतल पेय पदार्थ के अलावा स्ट्रीट फूड के उठाए गए 670 सर्विलांस सैम्पल
-इस दौरान सर्वाधिक गुणवत्ता से समझौता रेडी-टू-ईट और स्ट्रीट फूड में मिला
-जांच के दौरान कुल फेल हुए नमूनों में से अकेले 41.3% सैम्पल इसी श्रेणी के थे
-इसके अलावा पेय पदार्थ के 30.7% नमूनों में खामियां देखने को मिली
-जबकि केक, पेस्ट्री और कुकीज जैसे उत्पादों की श्रेणी 24% चिन्हित की गई
-विशेष रूप से उदयपुर में 'असुरक्षित' भोजन मिलने की दर सबसे अधिक रही
-जबकि कोटा शहर में लिए गए खाद्य नमूने मानकों पर पूरी तरह खरे उतरे
-हालांकि,इस बारे में खाद्य आयुक्त टी. शुभमंगला ने स्पष्ट किया है ये सैम्पल सर्वे है